मोदी सरकार के फैसले से देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारी निराश, आदेश जारी
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केंद्र ने अपने कर्मचारियों को दिया जाने वाला ओवरटाइम भत्ता बंद करने का फैसला किया है। हालांकि परिचालन (यांत्रिकीय/ऑपरेशनल) कर्मचारियों के लिए यह सुविधा जारी रहेगी। कार्मिक मंत्रालय ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर यह कदम उठाया गया है।
पिछले कई वर्षों के दौरान वेतन में हुई वृद्धि को देखते हुए केंद्र सरकार ने सातवें वेतन आयोग के ओवरटाइम भत्ते (ओटीए) को बंद करने की सिफारिश को स्वीकार किया है। ऐसे अधिकारी-कर्मचारी जिन्हें अधिकांश कार्यालय से बाहर रहना पड़ता है, उन्हें यह सुविधा मिलती रहेगी। इसी के अनुसार सभी मंत्रालयों/विभागों तथा उनसे संबद्ध एवं अधीनस्थ भारत सरकार के कार्यालयों में यह फैसला लागू करने का निर्णय लिया गया है।
कौन हैं ऑपरेशनल तथा यांत्रिकीय कर्मचारी
केंद्र सरकार के ऐसे सभी गैर राजपत्रित कर्मचारी जो कार्यालय के सुचारू संचालन से सीधे लगे रहते हैं, उन्हें इस श्रेणी में रखा गया है। इनमें इलेक्ट्रिकल या मेकेनिकल उपकरणों का संचालन करने वाले कर्मचारी भी आते हैं।
मंत्रालय ने कहा कि संबंधित मंत्रालयों/विभागों के प्रशासनिक निकायों से संचालन-परिचालन से संबद्ध कर्मचारियों की सूची तैयार करने और उसके साथ तर्कसंगत कारण बताने को कहा गया है। सरकार ने उनके ओटीए की दर भी संशोधित नहीं करने का फैसला किया है।