एमके स्टालिन ने किया हिंदी का विरोध, कहा- अपने शब्द वापस लें अमित शाह
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आज पूरे देश में जोर-शोर से हिंदी दिवस मनाया जा रहा है। इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में कहा कि हमारे देश में एक भाषा होने की जरूरत है। जिसपर डीएमके के अध्यक्ष एमके स्टालिन ने आपत्ति जताई है। उन्होंने शाह से अपना बयान वापस लेने को कहा है। वहीं उन्होंने हिंदी थोपे जाने का विरोध किया है।
स्टालिन ने कहा, 'हम लगातार हिंदी थोपे जाने का विरोध कर रहे हैं। आज अमित शाह द्वारा दिए गए बयान से हमें झटका लगा है। इससे देश की एकता पर फर्क पड़ेगा। हम मांग करते हैं कि वह अपने इस बयान को वापस लें। सोमवार को हमारी कार्यकारिणी की बैठक है जिसमें हम इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे।'
DMK president MK Stalin on Home Minister Amit Shah's statement 'there is need for our nation to have one language': Day after tomorrow we will be holding our executive party meeting where will be take up this issue further. https://t.co/LAU15wgV8Y
— ANI (@ANI) September 14, 2019
स्टालिन के अलावा कर्नाटक में भी हिंदी का विरोध देखने को मिला। रणधीरा पाडे और अन्य कन्नड़ संगठन के समर्थकों ने बंगलूरू में टाउन हॉल के सामने धरना दिया।