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मिजोरम विधानसभा चुनाव: इतिहास रचने की ओर ललथनहवला
चुनाव डेस्क, अमर उजाला
Updated Sun, 21 Oct 2018 08:01 AM IST
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मिजोरम की राजनीति में पु. ललथनहवला एक बड़ा नाम है, ऐसा नाम जिसने पांच बार मिजोरम की सत्ता पर राज किया और छठी बार फिर से मैदान में उतरे हैं। प्रदेश के गठन के बाद से ही मिजोरम में दो पार्टियों का वर्चस्व रहा है पहला कांग्रेस और दूसरा मिजोरम नेशनल फ्रंट। राज्य के गठन के बाद मिजोरम के पहले मुख्यमंत्री एमएनएफ के लालडेंगा बने थे, लेकिन अगले ही चुनाव में कुर्सी कांग्रेस के हाथों आई और ललथनहवला प्रदेश के मुख्यमंत्री बने।
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ललथनहवला के नाम एक रिकॉर्ड भी है, जो ज्योति बसु की बराबरी करता है। ललथनहवला पांच बार मिजोरम के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। इससे पहले दिवंगत ज्योति बसु लगातार पांच बार पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री रहे थे। अगर इस बार भी मिजोरम में कांग्रेस की सरकार बनती है, तो ललथनहवला देश के सबसे ज्यादा बार बनने वाले मुख्यमंत्री बन जाएंगे।
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ललथनहवला 1984 में पहली बार मुख्यमंत्री बने थे, जब पार्टी ने ब्रिग थेनफंगा साइलो की अगुवाई वाली सत्तारूढ़ पीपुल्स कांफ्रेंस पार्टी को पराजित किया था। बाद में 1986 में उन्हें पद छोड़ना पड़ा था। उस समय मिजो नेशनल फ्रंट-कांग्रेस गठबंधन अंतरिम सरकार में एमएनएफ नेता लालडेंगा मुख्यमंत्री बने थे। दूसरी बार ललथनहवला 1989 में सत्ता में तब आए, जब कांग्रेस और एमएनएफ (डेमोक्रेट्स) ने सरकार बनाई।
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1993 में वे तीसरी बार मुख्यमंत्री बने। उस समय कांग्रेस और मिजोरम जनता दल ने मिलकर सरकार का गठन किया। 1998 और 2003 में एमएनएफ ने कांग्रेस को पराजित किया। चौथी बार 2008 में ललथनहवला मुख्यमंत्री बनने में सफल रहे।