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मणिपुर में भाजपा की पहली सूची से अल्पसंख्यकों की नाराजगी, एक मुस्लिम को मिला टिकट
रीता तिवारी/ इंफाल, मणिपुर
Updated Tue, 31 Jan 2017 02:05 PM IST
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मणिपुर विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा की पहली सूची से अल्पसंख्यक तबके के टिकट दावेदारों में भारी नाराजगी है। 31 सीटों के लिए जारी पार्टी की पहली सूची में महज एक मुस्लिम उम्मीदवार का नाम है। अब उनको दूसरी सूची का इंतजार है।राज्य की पांच विधानसभा सीटों के लिए इस तबके के कुल 17 नेताओं ने अपनी दावेदारी जताई थी।
लेकिन उनमें से महज एक को ही टिकट मिल सका है। दरअसल पार्टी ने यहां भी टिकटों के बंटवारे में जातीय समीकरणों का ही ध्यान रखा है। राज्य के 27 लाख लोगों में लगभग ढाई लाख यानी साढ़े आठ फीसदी आबादी मुस्लिमों की है जिनको यहां मौतेयी पंगल कहा जाता है। कम से कम आठ सीटों पर तो इस तबके के वोट ही निर्णायक हैं।
राज्य में भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष मोहम्मद सलाम खान आरोप लगाते हैं कि पार्टी ने टिकटों के बंटवारे में जमीनी हकीकत को ध्यान में नहीं रखा है। खान ने अपनी दावेदारी जताई थी। लेकिन उनको टिकट नहीं मिल सका है। लेकिन प्रदेश भाजपा के एक नेता ने इन आरोपों का खंडन किया है। उनका कहना है कि टिकटों के बंटवारे के दौरान उम्मीदवारों की जीत की संभावना को ध्यान में रखा गया है, जातीय आधार पर टिकट नहीं बांटे गए हैं।
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लेकिन उनमें से महज एक को ही टिकट मिल सका है। दरअसल पार्टी ने यहां भी टिकटों के बंटवारे में जातीय समीकरणों का ही ध्यान रखा है। राज्य के 27 लाख लोगों में लगभग ढाई लाख यानी साढ़े आठ फीसदी आबादी मुस्लिमों की है जिनको यहां मौतेयी पंगल कहा जाता है। कम से कम आठ सीटों पर तो इस तबके के वोट ही निर्णायक हैं।
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राज्य में भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष मोहम्मद सलाम खान आरोप लगाते हैं कि पार्टी ने टिकटों के बंटवारे में जमीनी हकीकत को ध्यान में नहीं रखा है। खान ने अपनी दावेदारी जताई थी। लेकिन उनको टिकट नहीं मिल सका है। लेकिन प्रदेश भाजपा के एक नेता ने इन आरोपों का खंडन किया है। उनका कहना है कि टिकटों के बंटवारे के दौरान उम्मीदवारों की जीत की संभावना को ध्यान में रखा गया है, जातीय आधार पर टिकट नहीं बांटे गए हैं।
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