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वस्त्र मंत्रालय उठाएगा बुनकरों के कायाकल्प के लिए कदम
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sat, 13 Aug 2016 03:13 AM IST
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अजय टम्टा
- फोटो : PTI
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बुनकरों के कायाकल्प के लिए वस्त्र मंत्रालय ने पांच समझौते किए हैं। इनमें इग्नू, स्किल डेवलपमेंट काउंसिल, फैशन डिजाइन काउंसिल ऑफ इंडिया, आईएमजी रिलायंस जैसी संस्थाएं प्रमुख रूप से शामिल हैं। बुनकरों को प्रोत्साहित करने के लिए 500 लूम वाले 143 क्लस्टरों को भी चिन्हित किया गया है, जहां मंत्रालय की तरफ से बुनकरों के उत्पाद की मार्केटिंग के साथ कई अन्य प्रकार की मदद दी जाएंगी।
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वस्त्र राज्य मंत्री, अजय टम्टा ने अमर उजाला से बातचीत में यह जानकारी दी। टम्टा ने बताया कि मंत्रालय ने बुनकरों की आर्थिक व सामाजिक स्थिति को मजबूत करने के लिए कई फैसले किए हैं। इनमें बुनकरों के बच्चों की पढ़ाई-लिखाई में मदद के लिए इग्नू के साथ समझौता किया गया है।
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बुनकरों के कपड़ों की डिजाइनिंग के लिए राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के डिजाइनरों की मदद ली जाएगी और इस काम के लिए एफडीसीआई के साथ करार किया गया है। उन्होंने बताया कि बुनकरों के कौशल विकास के लिए स्किल डेवलपमेंट काउंसिल के साथ भी समझौता किया गया है।
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टम्टा ने बताया कि मंत्रालय ने बुनकरों के 143 ऐसे क्लस्टरों को चिन्हित किया है, जहां बुनकरों की सामूहिक मदद के लिए सरकार कई कार्यक्रम चलाएगी। ये सभी क्लस्टर 500 लूम वाले हैं। इसके अलावा 15,000 लूम वाले 8 मेगा क्लस्टरों की भी पहचान की गई है, जहां सरकारी कार्यक्रम चलाए जाएंगे। यहां फिलहाल 111 ब्लॉक में सरकारी कार्यक्रम चलाए जाएंगे। टम्टा ने बताया कि इन क्लस्टरों में समूह बनाकर कौशल विकास का कार्यक्रम चलाया जाएगा।
वहीं बुनकरों की सोसायटी का पंजीकरण कराया जाएगा ताकि उनके उत्पादों की मार्केटिंग की जा सके। बुनकरों को कच्चे माल उपलब्ध कराने से लेकर उनकी लागत को कम करने के भी उपाय किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार मैन मेड फाइबर के चलन को भी बढ़ाने के लिए कई योजनाएं बना रही हैं।