कार्मिक मंत्रालय: समीक्षा में खुलासा, बड़ी संख्या में कर्मचारी बायोमेट्रिक प्रणाली से नहीं लगा रहे हाजिरी
Ministry of Personnel: कार्मिक मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि आधार-सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (एईबीएएस) के कार्यान्वयन की हाल में हुई समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि भारत सरकार के मंत्रालयों/विभागों/संगठनों (एमडीओ) में तैनात बड़ी संख्या में कर्मचारी अपनी उपस्थिति इस प्रणाली के माध्यम से दर्ज नहीं कर रहे हैं।
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केंद्र सरकार ने शुक्रवार को अपने सभी विभागों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि उनके अधीन काम करने वाले कर्मचारी अनिवार्य रूप से आधार-सक्षम बायोमेट्रिक प्रणाली के जरिये अपनी उपस्थिति दर्ज करें। सरकारी विभागों और उन कर्मचारियों की ओर से ढिलाई देखे जाने के बाद यह कदम उठाया गया है जो प्रणाली में पंजीकृत होने के बावजूद हाजिरी दर्ज नहीं कर रहे हैं।
कार्मिक मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि आधार-सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (एईबीएएस) के कार्यान्वयन की हाल में हुई समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि भारत सरकार के मंत्रालयों/विभागों/संगठनों (एमडीओ) में तैनात बड़ी संख्या में कर्मचारी अपनी उपस्थिति इस प्रणाली के माध्यम से दर्ज नहीं कर रहे हैं। इसमें कहा गया है कि इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए, यह निर्णय किया गया है कि ‘मंत्रालय/विभाग/संगठन यह सुनिश्चित करेंगे कि वहां तैनात कर्मचारी एईबीएएस का इस्तेमाल कर अपनी उपस्थिति दर्ज करें।
आदतन देर से आने, जल्दी जाने पर होगी कार्रवाई
बयान में कहा गया है, आदतन देर से आने और कार्यालय से जल्दी जाने को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और नियमों के तहत इनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की जानी चाहिए। आदेश में कहा गया है कि दिव्यांग कर्मचारियों के संबंध में, एमडीओ कम ऊंचाई पर या उनके डेस्क पर आसानी से पहुंच योग्य मशीनों को उपलब्ध कराने की उचित व्यवस्था करेंगे। बता दें कि कोविड-19 के प्रसार के दौरान, एईबीएएस पर उपस्थिति दर्ज करना लंबे समय तक के लिए निलंबित रहा था।
निजी संगठनों से पुरस्कार स्वीकार करने से पहले अनुमोदन जरूरी: कार्मिक मंत्रालय
केंद्र ने निजी संगठनों से कोई भी पुरस्कार स्वीकार करने से पहले आईएएस, आईपीएस और आईएफओएस अधिकारियों के लिए पूर्व अनुमोदन अनिवार्य कर दिया है। कार्मिक मंत्रालय ने एक ताजा आदेश में कहा कि सक्षम प्राधिकारी अधिकारियों को केवल असाधारण परिस्थितियों में ही मंजूरी दे सकते हैं और ऐसे मामलों में निजी निकायों,संस्थानों/संगठनों की साख से संपर्क नहीं किया जा सकता।
यह कदम तब उठाया गया है जब सरकार ने देखा कि अखिल भारतीय सेवाओं - भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) और भारतीय वन सेवा (आईएफओएस) के सदस्य मौजूदा निर्देशों के बावजूद निजी निकायों द्वारा दिए गए पुरस्कार या मान्यता स्वीकार कर रहे हैं।