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नए एयर डिफेंस कमांड की रूपरेखा पर तेजी से काम, वायुसेना दिवस पर हो सकता है एलान
Fri, 28 Aug 2020 05:18 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 28 Aug 2020 05:18 AM IST
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एलएसी और एलओसी पर जारी तनाव के बीच सरकार तीनों सेनाओं को लगातार तेजी से मजबूत करने में लगी हुई है। सैन्य मामलों के विभाग ने सशस्त्र बलों के पुनर्गठन की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसी के तहत अक्तूबर के दूसरे सप्ताह के दौरान प्रयागराज में भारतीय वायुसेना के तहत नई एयर डिफेंस कमांड की स्थापना हो सकती है। सरकारी सूत्र के मुताबिक वायुसेना के अधिकारी के अधीन बनने वाली इस कमांड की रूपरेखा पर तेजी से काम हो रहा है। कोशिश की जा रही है कि आठ अक्तूबर को वायुसेना दिवस के मौके पर इसकी घोषणा की जा सके।
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इस एयर डिफेंस कमांड का गठन भारतीय वायुसेना की मध्य कमान मुख्यालय के साथ किया जाना प्रस्तावित है। इसके तहत आगरा, ग्वालियर और बरेली एयरबेस आते हैं। कमांड का उद्देश्य तीन सेवाओं के संसाधनों को एक कमांड के तहत संयोजित करना है। इसे सक्रिय कर देश की वायुक्षेत्र को सुरक्षित करना है।
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इस संबंध में आईएएफ के वाइस चीफ एयर मार्शल एचएस अरोड़ा ने एक अध्ययन किया था जिसमें तीनों सेवाओं की परिसंपत्तियों के साथ प्रस्तावित कमांड की संरचना का भी सुझाव दिया गया है। सैन्य मामलों के विभाग ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) बिपिन रावत के तहत थिएटर कमांड के साथ संयुक्त सैन्य कमांड बनाने के लिए आदेश दिया था। इसके अलावा सीडीएस संयुक्त समुद्री कमांड के निर्माण पर भी काम कर रहा है। इसकी स्थापना के रल के कोच्चि या करवार में की जा सकती है।
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प्रत्येक सेना का अपना खुद का एयर डिफेंस सेट-अप है। एयर डिफेंस कमांड, वायु सेना, थल सेना और नौसेना की वायु रक्षा परिसंपित्तयों को एकीकृत करेगा और संयुक्त रूप से देश के वायुक्षेत्र की सुरक्षा करेगा। इसके साथ ही सीडीएस ने स्पष्ट किया कि किसी भी कमांड को संचालित करने के लिए थ्री-स्टार पर कोई अतिरिक्त पद का सृजन नहीं होगा और इसे मौजूदा संसाधनों से ही इसे तैयार किया जाएगा।
इस बीच देश के वायुक्षेत्र की सुरक्षित रखने के लिए इस्राइल और रूस से दो नए फालकॉन एयरबोर्ड अर्ली वार्निंग एड कंट्रोल सिस्टम के अधिग्रहण के लिए कैबिनेट की सुरक्षा समिति को भेज दिया है जिसे जल्द ही मंजूरी मिल सकती है।