Sansad: एनजीटी ने राज्यों पर लगाया 79,098 करोड़ का जुर्माना, पर्यावरण राज्य मंत्री ने राज्यसभा में दी जानकारी
केंद्रीय पर्यावरण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे की ओर से राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, तमिलनाडु पर सबसे अधिक 15,419 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है, इसके बाद महाराष्ट्र (12,000 करोड़ रुपये) और मध्य प्रदेश ( 9,688 करोड़ रुपये)।
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राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने नगरपालिका ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का अनुपालन न करने पर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों पर कुल 79,098 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। 2022-23 में प्रबंधन नियमों और अन्य पर्यावरणीय उल्लंघनों के बारे में सरकार ने बृहस्पतिवार को संसद को सूचित किया।
केंद्रीय पर्यावरण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे की ओर से राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, तमिलनाडु पर सबसे अधिक 15,419 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है, इसके बाद महाराष्ट्र (12,000 करोड़ रुपये) और मध्य प्रदेश ( 9,688 करोड़ रुपये)। एनजीटी ने गैर अनुपालन के लिए उत्तर प्रदेश को 5,000 करोड़ रुपये, बिहार को 4,000 करोड़ रुपये, तेलंगाना को 3,800 करोड़ रुपये, पश्चिम बंगाल को 3,500 करोड़ रुपये, कर्नाटक को 3,400 करोड़ रुपये और दिल्ली को 3,132 करोड़ रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया।
देश के 15 हवाईअड्डों पर बेकार पड़े हैं 164 विमान
सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि देश के 15 हवाईअड्डों पर 164 विमान बेकार पड़े हैं। ऐसे विमानों की सबसे अधिक संख्या दिल्ली हवाई अड्डे पर 64 है, इसके बाद बंगलूरू (27), मुंबई (24) और चेन्नई (20) हैं। नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की ओर से लोकसभा में एक लिखित उत्तर में साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, अहमदाबाद, बंगलूरू, भुवनेश्वर, चेन्नई, कोचिन, दिल्ली, गोवा (मोपा), हैदराबाद, जयपुर, जुहू, कोलकाता, कन्नूर, मुंबई, नागपुर और रायपुर हैं।
बंगाल सरकार के असहयोग के कारण नंदीग्राम रेल परियोजना रुकी : रेल मंत्री
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने तृणमूल सांसद दिब्येंदु अधिकारी के सवालों का जवाब देते हुए एक लिखित उत्तर में लोकसभा को बताया कि देशप्राण-नंदीग्राम नई लाइन परियोजना (17 किमी.) को 2009-10 में मंजूरी दी गई थी। राज्य सरकार से समर्थन की कमी के कारण परियोजना को स्थगित रखा गया था। क्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, अप्रैल, 2023 में काम फिर से शुरू किया गया है।
पीयूष गोयल का तंज...‘कांग्रेस घास’ से एलर्जी
राज्यसभा में पीयूष गोयल ने विपक्षी दल कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्हें ‘कांग्रेस घास’ से एलर्जी है। ‘कांग्रेस घास’ विदेशी प्रजाति का एक पौधा है। गोयल ने उच्च सदन में प्रश्नकाल के दौरान वन एवं पर्यावरण तथा जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से यह सवाल किया कि ‘कांग्रेस घास’ से कैसे एलर्जी होती है? उस समय यादव विदेशी प्रजाति के पौधों के उन्मूलन को लेकर एक सवाल का जवाब दे रहे थे।
गोयल ने कांग्रेस का नाम लिए बिना कहा, जब मैं एक डॉक्टर के पास गया, तो मुझे कहा गया कि मुझे ‘कांग्रेस घास’ से एलर्जी है। मैं चाहता हूं कि मंत्री इस बात पर प्रकाश डालें कि ‘कांग्रेस घास’ से कैसे एलर्जी होती है। इस पर सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि मंत्री (यादव) ऐसी जगह से आते हैं, जहां यह (पौधा) एक बड़ी चुनौती था। उन्होंने गोयल से कहा, मंत्री को इस बारे में पूरी जानकारी है। आप मंत्री से अलग से बात करें। वह समाधान भी सुझाएंगे।