{"_id":"66901d7fc068f322050c5bdc","slug":"minister-of-state-for-defense-sanjay-seth-visited-ncc-directorate-west-bengal-sikkim-given-guard-of-honor-2024-07-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bengal: रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने किया पश्चिम बंगाल-सिक्किम का दौरा, NCC निदेशालय में मिला गार्ड ऑफ ऑनर","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Bengal: रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने किया पश्चिम बंगाल-सिक्किम का दौरा, NCC निदेशालय में मिला गार्ड ऑफ ऑनर
सार
Bengal: रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने गुरुवार को पूर्वी कमान के मुख्यालय, फोर्ट विलियम का दौरा किया। अपनी यात्रा के दौरान रक्षा राज्य मंत्री ने विजय स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की और बहादुरों को श्रद्धांजलि दी जिन्होंने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
विज्ञापन
रक्षा राज्य मंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने गुरूवार को एनसीसी निदेशालय पश्चिम बंगाल और सिक्किम का दौरा किया। कोलकाता के मैदान स्थित एनसीसी संस्थान में उन्होंने अधिकारियों, प्रशिक्षकों, एसोसिएट एनसीसी अधिकारियों और कैडेट्स के साथ बातचीत की। आरआरएम को सेना, वायु और नौसेना विंग कैडेट्स द्वारा संयुक्त सेवा गार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित किया गया।
विज्ञापन
कैडेट्स ने अपने जीवंत सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रशिक्षण गतिविधियों का प्रदर्शन किया। कैडेट्स के साथ बातचीत के दौरान आरआरएम ने राष्ट्र निर्माण के प्रति उनकी निस्वार्थ प्रतिबद्धता और विविधता में एकता के उनके अवतार की सराहना की। उन्होंने कैडेट्स से राष्ट्र के भावी नेताओं के रूप में प्रतिबद्ध रहने का आग्रह किया और पश्चिम बंगाल और सिक्किम में प्रशिक्षण, सामाजिक कल्याण और सामुदायिक विकास पहल में निदेशालय के प्रयासों की सराहना की।
विज्ञापन
बलिदानियों को दी श्रद्धांजलि
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने गुरुवार को पूर्वी कमान के मुख्यालय, फोर्ट विलियम का दौरा किया। अपनी यात्रा के दौरान रक्षा राज्य मंत्री ने विजय स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की और बहादुरों को श्रद्धांजलि दी जिन्होंने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
विज्ञापन
सेठ को पूर्वी कमान के परिचालन और साजो-सामान संबंधी पहलुओं के बारे में जानकारी दी गई। इस दौरान उन्होंने पूर्वी कमान मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत भी की। उन्होंने भारतीय सेना के जवानों के समर्पण और सेवा के लिए आभार और प्रशंसा व्यक्त की। सेठ ने राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता और क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के उनके अथक प्रयासों के लिए सभी रैंकों की सराहना की।
रक्षा उत्पादन में मजबूत हुआ देश, वित्तवर्ष में 2018 करोड़ की बिक्री दर्ज की:सेठ
इससे पहले रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने एडवांस्ड वेपन्स एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड और गन एंड शेल फैक्ट्री, काशीपुर का दौरा किया। उन्होंने कहा, देश रक्षा उत्पादन में मजबूत हुआ है। वित्त वर्ष 2023-24 में 2018 करोड़ (अनंतिम) की बिक्री दर्ज की, जो पिछले वित्तीय वर्ष की 1900 करोड़ की तुलना में 6.2% की वृद्धि है। इसके साथ ही वर्ष 2032-33 तक 9380 करोड़ के ऑर्डर उपलब्ध हुए।
उन्होंने कहा, सितंबर 2024 तक कुल ऑर्डर 10,000 करोड़ से अधिक होने की उम्मीद है। वे कोलकाता की अपनी पहली यात्रा के दौरान एडवांस्ड वेपन्स एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड और गन एंड शेल फैक्ट्री, काशीपुर दौरे के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। मंत्री ने एडवांस्ड वेपन्स एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड की उपलब्धियों और एक प्रमुख रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम के रूप में भविष्य की संभावनाओं पर जोर दिया।
उन्होंने रक्षा क्षेत्र में देश के बढ़ते प्रभाव को रेखांकित करते हुए कहा, वर्ष 2032-33 तक 9380 करोड़ के ऑर्डर उपलब्ध। सितंबर 2024 तक कुल ऑर्डर 10,000 करोड़ रुपए से अधिक होने की उम्मीद है। इसके साथ ही वित्तवर्ष 2023-24 में 2018 करोड़ रुपए (अनंतिम) की बिक्री दर्ज की, जो पिछले वित्तीय वर्ष की 1900 करोड़ रुपए की तुलना में 6.2% की वृद्धि है।
उन्होंने बताया कि निगमीकरण के बाद से कुल 615 करोड़ के निर्यात ऑर्डर हुए हैं। यूरोपीय, मध्य पूर्व, एशियाई और अमेरिकी देशों से मध्यम कैलिबर के हथियार, छोटे हथियार, आर्टिलरी गन के पुर्जे और गोला-बारूद हार्डवेयर के ऑर्डर शामिल हैं।
उन्होंने कहा, यह भारत की पहली और सबसे पुरानी आयुध फैक्ट्री है। यहां पर 84 मिमी आरएल एमके-III और एके-630 एम नेवल गन जैसी मध्यम कैलिबर की गन का निर्माण होता है। हाल ही में एके-630 एम गन से संबंधित एक्यू-18 आयुध का स्वदेशी विकास किया, जिसे पहले अन्य देशों से आयात किया जाता था।
रक्षा राज्यमंत्री ने प्रदर्शन, दक्षता और कौशल को सुधारने की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि सरकारी पीएसयू और निजी उद्योगों दोनों के साथ प्रतिस्पर्धा की जा सके। उन्होंने आश्वासन दिया कि भारत सरकार इन पहलों को समर्थन देना जारी रखेगी। संजय सेठ ने कुशल, योग्य और अनुभवी कार्यबल से अपने सभी मानव संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने और संबद्ध स्थापनाओं के साथ मिलकर राष्ट्र की आकांक्षाओं के अनुरूप सफलता प्राप्त करने का आग्रह किया।
यह यात्रा रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने और भारत की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए रक्षा मंत्रालय की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।