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Milind Deora: डिजिटल सिग्नेचर पर सियासी घमासान, मिलिंद देवड़ा ने उम्मीदवारों को अयोग्य ठहराने की मांग की

Wed, 31 Dec 2025 07:58 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: हिमांशु चंदेल Updated Wed, 31 Dec 2025 07:58 PM IST
सार

शिवसेना सांसद मिलिंद देवड़ा ने महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग से मांग की है कि डिजिटल सिग्नेचर से जारी या सत्यापित फॉर्म ए और बी के आधार पर नामांकन करने वाले उम्मीदवारों को अयोग्य घोषित किया जाए। उनका कहना है कि चुनावी नियमों में डिजिटल सिग्नेचर की अनुमति नहीं है। 

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Milind Deora urges SEC to disqualify civic poll candidates over unauthorised use of digital signatures
मिलिंद देवड़ा। - फोटो : ANI

विस्तार

महाराष्ट्र में 15 जनवरी को होने वाले नगर निकाय चुनावों से पहले नामांकन प्रक्रिया पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। शिवसेना सांसद मिलिंद देवड़ा ने महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग से मांग की है कि जिन उम्मीदवारों ने फॉर्म ए और बी डिजिटल कंप्यूटरीकृत सिग्नेचर के जरिए जारी या सत्यापित कर नामांकन दाखिल किया है, उन्हें अयोग्य घोषित किया जाए। देवड़ा का कहना है कि चुनावी नियमों में डिजिटल सिग्नेचर की अनुमति नहीं है।

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मिलिंद देवड़ा ने राज्य चुनाव आयोग को लिखे पत्र में कहा कि आयोग की निर्धारित प्रक्रिया में फॉर्म ए और बी के लिए डिजिटल सिग्नेचर का कोई प्रावधान नहीं है। ये फॉर्म किसी भी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल द्वारा अपने अधिकृत पदाधिकारी के भौतिक हस्ताक्षर से ही जारी और सत्यापित किए जाने चाहिए। देवड़ा के मुताबिक, नियमों से किसी भी तरह का विचलन फॉर्म की वैधता को समाप्त कर देता है।
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फॉर्म ए और बी का महत्व
फॉर्म ए और बी चुनाव प्रक्रिया के सबसे अहम दस्तावेज माने जाते हैं। इन्हीं के आधार पर राजनीतिक दल किसी प्रत्याशी को अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित करते हैं। देवड़ा ने कहा कि इन फॉर्मों पर विधिवत अधिकृत पदाधिकारी के हस्ताक्षर अनिवार्य हैं और इन्हें आयोग के निर्देशों के अनुसार ही जमा किया जाना चाहिए।
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डिजिटल सिग्नेचर पर आपत्ति
देवड़ा ने स्पष्ट किया कि डिजिटल या कंप्यूटरीकृत सिग्नेचर के जरिए जारी या सत्यापित फॉर्म कानून की नजर में शुरू से ही शून्य हैं। उन्होंने कहा कि जिन उम्मीदवारों ने ऐसे फॉर्म के आधार पर नामांकन किया है, उन्होंने वैध प्राधिकरण के बिना पर्चा दाखिल किया है, जिससे उनका नामांकन रद्द होना चाहिए।


नामांकन रद्द करने की मांग
राज्यसभा सांसद ने चुनाव आयोग से आग्रह किया कि वह ऐसे सभी फॉर्म ए और बी को अमान्य घोषित करे, जो डिजिटल सिग्नेचर से जारी या सत्यापित किए गए हैं। साथ ही, उन्होंने मांग की कि इन फॉर्मों के आधार पर नामांकन करने वाले उम्मीदवारों को अयोग्य ठहराया जाए, ताकि चुनाव की निष्पक्षता बनी रहे।

महाराष्ट्र के 29 नगर निकायों में 15 जनवरी को मतदान होना है। इनमें मुंबई, पुणे, थाने और नागपुर जैसे बड़े शहर शामिल हैं। मतगणना 16 जनवरी को होगी। देवड़ा की इस मांग से चुनावी हलकों में हलचल तेज हो गई है। यदि आयोग इस पर कार्रवाई करता है, तो कई उम्मीदवारों का नामांकन खतरे में पड़ सकता है। चुनाव आयोग के फैसले पर अब सभी दलों और उम्मीदवारों की नजर टिकी है।

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