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MiG-21: 6 दशक की शौर्यता के बाद मिग-21 लड़ाकू विमान की आखिरी उड़ान; स्क्वाड्रन लीडर प्रिया होंगी अंतिम पायलट

Fri, 26 Sep 2025 01:34 AM IST
शिव शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/चंडीगढ़ Published by: शिव शुक्ला Updated Fri, 26 Sep 2025 01:34 AM IST
सार

पाकिस्तान के साथ 1965 और 1971 के युद्धों में इन सुपरसोनिक जेट विमानों का बोलबाला रहा। 1999 के कारगिल युद्ध और 2019 के बालाकोट हवाई हमलों में भी इन विमानों ने अहम भूमिका निभाई थी।

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MiG-21 Farewell: backbone of fighter fleet, MiG-21 fighter aircraft retired from Indian Air Force today
फाइटर पायलट प्रिया शर्मा और मिग-21 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छह दशक तक देश की सेवा करने वाले रूसी मूल के प्रसिद्ध मिग-21 लड़ाकू विमान शुक्रवार को आसमान में आखिरी उड़ान भरेंगे। एयर चीफ मार्शल एपी सिंह मिग-21 बाइसन विमान की अंतिम उड़ान भरेंगे। पायलटों में स्क्वाड्रन लीडर प्रिया शर्मा भी होंगी, जो मिग-21 उड़ाने वाली आखिरी महिला पायलट बनकर इतिहास रचेंगी। चंडीगढ़ में आयोजित भव्य समारोह में ये विमान असमान को अलविदा कह देंगे। 1960 के दशक से ये विमान भारतीय वायुसेना के लड़ाकू बेड़े का हिस्सा रहे हैं।
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1981 में भारतीय वायुसेना प्रमुख बने दिलबाग सिंह ने 1963 में पहली मिग-21 स्क्वाड्रन का नेतृत्व किया था। मिग-21 विमानों के संचालन का समापन औपचारिक फ्लाईपास्ट और डीकमीशनिंग समारोह के साथ होगा, जो भारत की वायु शक्ति में ऐतिहासिक अध्याय का समापन होगा। मिग-21 जेट विमानों में से अंतिम विमान पैंथर्स को चंडीगढ़ वायुसेना स्टेशन पर सेवामुक्त करने के समारोह में विदाई दी जाएगी, जिसमें मुख्य अतिथि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह होंगे। समारोह में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, तीनों सेनाओं के प्रमुख, वायुसेना के छह पूर्व प्रमुख मौजूद रहेंगे। फ्लाईपास्ट में भाग लेने वाले 23 स्क्वाड्रन के छह मिग-21 विमानों को उतरते ही वाटर कैनन से सलामी दी जाएगी। मिग-21 लड़ाकू जेट विमानों ने इस औपचारिक सेवानिवृत्ति समारोह से पहले 18-19 अगस्त को राजस्थान के बीकानेर में नाल वायु सेना स्टेशन पर अपनी अंतिम परिचालन उड़ान भरी थी।
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इन जंगों में दुश्मनों को किया तबाह
पाकिस्तान के साथ 1965 और 1971 के युद्धों में इन सुपरसोनिक जेट विमानों का बोलबाला रहा। 1999 के कारगिल युद्ध और 2019 के बालाकोट हवाई हमलों में भी इन विमानों ने अहम भूमिका निभाई थी। हालांकि, पिछले 6 दशकों में भारतीय वायुसेना के सबसे महत्वपूर्ण विमान, मिग-21, भी कई दुर्घटनाओं में शामिल रहे हैं और कई बार सोवियत निर्मित इन विमानों के पुराने बेड़े के सुरक्षा रिकॉर्ड पर सवाल उठे हैं।
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