मेहुल चोकसी: सीबीआई और विदेश मंत्रालय ने डोमिनिका की अदालत में दायर किए अभियोग आवेदन
दोनों आवेदन पीएनबी घोटाले के प्रमुख आरोपी और भगोड़े कारोबारी मेहुल चोकसी की भगोड़ा स्थिति और भारतीय नागरिकता की स्थिति को लेकर दायर किए गए हैं। आवेदनों को अनुमति मिलने पर प्रसिद्ध अधिवक्ता हरीश साल्वे भारत की ओर से डोमिनिका की अदालत में जिरह करेंगे।
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भारत ने भगोड़े कारोबारी मेहुल चोकसी को लेकर डोमिनिका की अदालत में दो अभियोग आवेदन दायर किए हैं। सूत्रों ने शनिवार को बताया कि इनमें एक आवेदन सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्यूरो) ने और दूसरा विदेश मंत्रालय ने दायर किया है। जानकारी के अनुसार सीबीआई मेहुल चोकसी की भोगोड़ा स्थिति स्थापित करने पर ध्यान केंद्रित करेगी और विदेश मंत्रालय उसकी भारतीय नागरिकता की स्थिति पर काम करेगा। सूत्रों ने कहा कि अगर आवेदनों को अनुमति दी गई तो वरिष्ठ अधिवक्ता सीबीआई और विदेश मंत्रालय का प्रतिनिधित्व करेंगे।
जानकारी के अनुसार इस मामले में डोमिनिका की अदालत में सीबीआई के डीआईजी ने कहा कि मेहुल चोकसी कई कंपनियों के पीछे का मास्टरमाइंड था और उसने कुछ और लोगों ने मिलकर एक बैंक के अधिकारियों के साथ साजिश रची थी और उस बैंक की प्रक्रियाओं का दुरुपयोग करते हुए गलत तरीके से कर्ज लिया। सीबीआई ने डोमिनिका की अदालत में कहा कि एजेंसी ने जांच के दौरान मेहुल चोकसी को गिरफ्तार करने के कई प्रयास किए थे लेकिन उसके पते की जानकारी उपलब्ध नहीं थी और तब वह भारत में मौजूद नहीं था।
India files impleadment applications in Dominica court- one by CBI & another by MEA. CBI to focus on PNB case to establish fugitive status of Mehul Choksi &MEA to focus on his Indian citizenship status. If applications are allowed,Harish Salve to represent both CBI & MEA: Sources
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) June 12, 2021
एजेंसी ने अदालत में कहा कि मेहुल चोकसी को भारत में कार्यवाहियों की पूरी जानकारी है। उसके लिए भारत में वकील नियुक्त किया गया है और उनमें से एक ने हाल ही में एक मीडिया साक्षात्कार भी दिया था। इस साक्षात्कार में उन्होंने बताया था कि डोमिनिका की अदालत में क्या हो रहा है और मेहिल चोकसी की कहानियों को सही ठहराया था। सीबीआई ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि मेहुल चोकसी ने अदालत को इन सब बातों की जानकारी नहीं दी और यह कहा कि भारत में उसके खिलाफ कोई मामला नहीं चल रहा है।
सीबीआई ने डोमिनिका की अदालत में मेहु चोकसी की जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि मेहुल चोकसी एक अंतरराष्ट्रीय भगोगा है जो भारत में लगातार कानून प्रनर्तन से बचने की कोशिशें कर रहा है। एजेंसी ने कहा कि अगर चोकसी को जमानत दी गई तो बहुत संभव है कि वह कानून प्रवर्तन और इंटरपोल की ओर से उसके खिलाफ जारी रेड नोटिस से बचने की अपनी कोशिशें जारी रखे।