{"_id":"63fb79d81804ad98fe010ff4","slug":"meghalaya-nagaland-assembly-election-2023-updates-in-10-points-2023-02-26","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Meghalaya-Nagaland Election: मुद्दे से वोटिंग तक, 10 बिंदुओं में जानें दोनों राज्यों के चुनाव से जुड़ी हर बात","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Meghalaya-Nagaland Election: मुद्दे से वोटिंग तक, 10 बिंदुओं में जानें दोनों राज्यों के चुनाव से जुड़ी हर बात
Mon, 27 Feb 2023 08:23 AM IST
हिमांशु मिश्रा
इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Mon, 27 Feb 2023 08:23 AM IST
विज्ञापन
निरंतर एक्सेस के लिए सब्सक्राइब करें
सार
आगे पढ़ने के लिए लॉगिन या रजिस्टर करें
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
फ्री ई-पेपर
सभी विशेष आलेख
सीमित विज्ञापन
सब्सक्राइब करें
मेघालय और नगालैंड विधानसभा चुनाव 2023
- फोटो :
अमर उजाला
विस्तार
मेघालय और नागालैंड में आज मतदान की शांतिपूर्ण शुरुआत हुई। वैसेस तो दोनों राज्यों में 60-60 विधानसभा सीटें हैं, लेकिन दोनों ही राज्यों में 59-59 सीटों पर ही वोटिंग होगी। नगालैंड में एक सीट पर भारतीय जनता पार्टी की निर्विरोध जीत हो चुकी है। वहीं, मेघालय की सोहियोंग विधानसभा सीट का चुनाव यूडीपी उम्मीदवार की मृत्यु के कारण स्थगित कर दिया गया है। मतदान के बाद मेघालय, नगालैंड के साथ-साथ त्रिपुरा चुनाव के नतीजे भी दो मार्च को घोषित कर दिए जाएंगे। आइए जानते हैं दोनों राज्यों के चुनाव से जुड़ी 10 बड़ी बातें...
1. वोटिंग कब से शुरू होगी?
चुनाव आयोग के अनुसार, मेघालय और नगालैंड में सुबह सात से शाम को पांच बजे तक वोटिंग होगी। जो वोटर्स शाम पांच बजे तक लाइन में लग जाएंगे, उनके वोट पड़ने तक मतदान होगा। नगालैंड में 60 में से 59 सीटें एसटी वर्ग के लिए आरक्षित हैं, जबकि एक सामान्य सीट है। मेघालय में 60 में से 55 सीटें एसटी के लिए आरक्षित हैं, जबकि पांच सीटें सामान्य वर्ग के लिए हैं।
चुनाव आयोग के अनुसार, मेघालय और नगालैंड में सुबह सात से शाम को पांच बजे तक वोटिंग होगी। जो वोटर्स शाम पांच बजे तक लाइन में लग जाएंगे, उनके वोट पड़ने तक मतदान होगा। नगालैंड में 60 में से 59 सीटें एसटी वर्ग के लिए आरक्षित हैं, जबकि एक सामान्य सीट है। मेघालय में 60 में से 55 सीटें एसटी के लिए आरक्षित हैं, जबकि पांच सीटें सामान्य वर्ग के लिए हैं।
2. कितने वोटर्स कहां डालेंगे वोट?
चुनाव आयोग के अनुसार, नगालैंड में 13 लाख 09 हजार 651 वोटर्स और मेघालय में 21 लाख 61 हजार 129 वोटर्स अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
चुनाव आयोग के अनुसार, नगालैंड में 13 लाख 09 हजार 651 वोटर्स और मेघालय में 21 लाख 61 हजार 129 वोटर्स अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
3. कितनी महिलाएं डालेंगी वोट?
नगालैंड में कुल 13.09 लाख वोटर्स में से छह लाख 56 हजार 35 महिलाएं हैं। छह लाख 53 हजार 616 पुरुष वोटर्स हैं। इसी तरह मेघालय में 21.61 लाख वोटर्स में 10 लाख 92 हजार 396 महिलाएं हैं, जबकि 10 लाख 68 हजार 801 पुरुष हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में वोट डालने वाली महिलाओं की संख्या नगालैंड में 86% और मेघालय में 87% रही थी।'
नगालैंड में कुल 13.09 लाख वोटर्स में से छह लाख 56 हजार 35 महिलाएं हैं। छह लाख 53 हजार 616 पुरुष वोटर्स हैं। इसी तरह मेघालय में 21.61 लाख वोटर्स में 10 लाख 92 हजार 396 महिलाएं हैं, जबकि 10 लाख 68 हजार 801 पुरुष हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में वोट डालने वाली महिलाओं की संख्या नगालैंड में 86% और मेघालय में 87% रही थी।'
4. कितने लोग पहली बार डालेंगे वोट?
चुनाव आयोग के अनुसार, नगालैंड में पहली बार वोट डालने वाले युवाओं की संख्या 30 हजार 49 है। मेघालय में 81 हजार 443 वोटर्स पहली बार वोट करेंगे।
चुनाव आयोग के अनुसार, नगालैंड में पहली बार वोट डालने वाले युवाओं की संख्या 30 हजार 49 है। मेघालय में 81 हजार 443 वोटर्स पहली बार वोट करेंगे।
मुद्दे क्या-क्या हैं?
मेघालय में सत्तारूढ़ नेशनल पीपुल्स पार्टी जो सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है। इस बार पार्टी को सत्ता विरोधी लहर से जूझना पड़ सकता है। पहाड़ी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास की कमी इस बार प्रमुख चुनावी मुद्दों में से एक है। भ्रष्टाचार के और आरोप भी एनपीपी सरकार को सता रहे हैं। इसके अलावा, जयंतिया और खासी पहाड़ियों में अवैध कोयला खनन का मामला भी इस साल के चुनाव के नतीजों पर असर डाल सकता है। मेघालय चुनावों में एक और महत्वपूर्ण मुद्दा, ईसाई और गैर ईसाई है। खासकर खासी पहाड़ी क्षेत्रों में ये मुद्दा अहम है। हालांकि, एनपीपी ने विकास योजनाओं को मुद्दा बनाया है। एनपीपी का कहना है कि पांच साल सरकार ने खूब विकास किया और उसी के बल पर वह वोट मांग रहे हैं। वहीं, अभी तक सरकार का हिस्सा रही भाजपा भी लोगों को केंद्र सरकार की तमाम योजनाओं का हवाला दे रही है। मेघालय बीजेपी प्रमुख अर्नेस्ट मावरी ने कहा कि राज्य में ईसाई लोगों की संख्या अधिक है। पार्टी अगर चुनाव में जीत हासिल करती है तो वो राज्य में ईसाई की सुरक्षा पर खास ध्यान देगी। उन्होंने ये भी कहा कि राज्य में गोमांस के सेवन पर भी प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा।
नागालैंड विधानसभा के सभी 60 सदस्य अब तक सरकार का हिस्सा थे। यहां कोई भी विपक्ष में नहीं था। पिछले चुनाव में यहां कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत पाई थी। यही कारण है कि कांग्रेस यहां विकास, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी समेत तमाम मुद्दों को उठा रही है। वहीं, सरकार में शामिल भाजपा व अन्य दल विकास योजनाओं के सहारे चुनाव लड़ रहे हैं।
मेघालय में सत्तारूढ़ नेशनल पीपुल्स पार्टी जो सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है। इस बार पार्टी को सत्ता विरोधी लहर से जूझना पड़ सकता है। पहाड़ी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास की कमी इस बार प्रमुख चुनावी मुद्दों में से एक है। भ्रष्टाचार के और आरोप भी एनपीपी सरकार को सता रहे हैं। इसके अलावा, जयंतिया और खासी पहाड़ियों में अवैध कोयला खनन का मामला भी इस साल के चुनाव के नतीजों पर असर डाल सकता है। मेघालय चुनावों में एक और महत्वपूर्ण मुद्दा, ईसाई और गैर ईसाई है। खासकर खासी पहाड़ी क्षेत्रों में ये मुद्दा अहम है। हालांकि, एनपीपी ने विकास योजनाओं को मुद्दा बनाया है। एनपीपी का कहना है कि पांच साल सरकार ने खूब विकास किया और उसी के बल पर वह वोट मांग रहे हैं। वहीं, अभी तक सरकार का हिस्सा रही भाजपा भी लोगों को केंद्र सरकार की तमाम योजनाओं का हवाला दे रही है। मेघालय बीजेपी प्रमुख अर्नेस्ट मावरी ने कहा कि राज्य में ईसाई लोगों की संख्या अधिक है। पार्टी अगर चुनाव में जीत हासिल करती है तो वो राज्य में ईसाई की सुरक्षा पर खास ध्यान देगी। उन्होंने ये भी कहा कि राज्य में गोमांस के सेवन पर भी प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा।
नागालैंड विधानसभा के सभी 60 सदस्य अब तक सरकार का हिस्सा थे। यहां कोई भी विपक्ष में नहीं था। पिछले चुनाव में यहां कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत पाई थी। यही कारण है कि कांग्रेस यहां विकास, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी समेत तमाम मुद्दों को उठा रही है। वहीं, सरकार में शामिल भाजपा व अन्य दल विकास योजनाओं के सहारे चुनाव लड़ रहे हैं।
6. किस राज्य में कितने पोलिंग स्टेशन बनाए गए
चुनाव आयोग के अनुसार, नगालैंड में कुल 2,315 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं। इनमें 531 शहरी और 1,784 केंद्र ग्रामीण इलाकों में हैं। मेघालय में 3,482 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं। इनमें 325 शहरी और 3,157 ग्रामीण इलाकों में केंद्र हैं। मेघालय में 60 मॉडल पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं, जबकि नगालैंड में 57 केंद्र ऐसे हैं। चुनाव आयोग ने बताया कि कई ऐसे केंद्र हैं, जहां सिर्फ महिलाओं की ओर से चुनाव संचालित हैं। नगालैंड में ऐसे 196, मेघालय में 120 केंद्र बनाए गए हैं।
चुनाव आयोग के अनुसार, नगालैंड में कुल 2,315 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं। इनमें 531 शहरी और 1,784 केंद्र ग्रामीण इलाकों में हैं। मेघालय में 3,482 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं। इनमें 325 शहरी और 3,157 ग्रामीण इलाकों में केंद्र हैं। मेघालय में 60 मॉडल पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं, जबकि नगालैंड में 57 केंद्र ऐसे हैं। चुनाव आयोग ने बताया कि कई ऐसे केंद्र हैं, जहां सिर्फ महिलाओं की ओर से चुनाव संचालित हैं। नगालैंड में ऐसे 196, मेघालय में 120 केंद्र बनाए गए हैं।
7. नगालैंड में बनेगा रिकॉर्ड?
नगालैंड में आज तक कोई भी महिला विधायक नहीं चुनी गई है। ऐसे में सभी की निगाहें चार महिला उम्मीदवारों पर हैं, जो इस बार चुनाव लड़ रहीं हैं। अगर इनमें से कोई भी चुनाव जीत गया तो एक नया रिकॉर्ड कायम होगा।
नगालैंड में आज तक कोई भी महिला विधायक नहीं चुनी गई है। ऐसे में सभी की निगाहें चार महिला उम्मीदवारों पर हैं, जो इस बार चुनाव लड़ रहीं हैं। अगर इनमें से कोई भी चुनाव जीत गया तो एक नया रिकॉर्ड कायम होगा।
8. किस पार्टी से कितने प्रत्याशी मैदान में?
नगालैंड की 60 सीटों पर कुल 184 प्रत्याशी मैदान में हैं। भारतीय जनता पार्टी और नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपीपी) का गठबंधन हुआ है। इसके तहत एनडीपीपी ने 40 और भाजपा ने 20 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं। इसके अलावा कांग्रेस और एनपीएफ अलग-अलग चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस ने 23 और एनपीएफ ने 22 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। 19 निर्दलीय प्रत्याशियों ने ताल ठोकी है।
मेघालय में 60 सीटों पर इस बार भाजपा, कांग्रेस, एनपीपी और तृणमूल कांग्रेस समेत 13 राजनीतिक दल मैदान में हैं। कुल 375 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। इनमें 36 महिला उम्मीदवार भी शामिल हैं। भाजपा और कांग्रेस ने 60-60 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने 56 उम्मीदवारों को टिकट दिया है। इसके अलावा सीएम कोनराड के. संगमा के नेतृत्व वाली एनपीपी ने 57 उम्मीदवारों, यूडीपी ने 46, एचएसपीडीपी ने 11, पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट ने 9, गण सुरक्षा पार्टी ने एक, गारो नेशनल काउंसिल ने दो, जनता दल (यूनाइटेड) ने तीन उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है।
नगालैंड की 60 सीटों पर कुल 184 प्रत्याशी मैदान में हैं। भारतीय जनता पार्टी और नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपीपी) का गठबंधन हुआ है। इसके तहत एनडीपीपी ने 40 और भाजपा ने 20 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं। इसके अलावा कांग्रेस और एनपीएफ अलग-अलग चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस ने 23 और एनपीएफ ने 22 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। 19 निर्दलीय प्रत्याशियों ने ताल ठोकी है।
मेघालय में 60 सीटों पर इस बार भाजपा, कांग्रेस, एनपीपी और तृणमूल कांग्रेस समेत 13 राजनीतिक दल मैदान में हैं। कुल 375 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। इनमें 36 महिला उम्मीदवार भी शामिल हैं। भाजपा और कांग्रेस ने 60-60 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने 56 उम्मीदवारों को टिकट दिया है। इसके अलावा सीएम कोनराड के. संगमा के नेतृत्व वाली एनपीपी ने 57 उम्मीदवारों, यूडीपी ने 46, एचएसपीडीपी ने 11, पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट ने 9, गण सुरक्षा पार्टी ने एक, गारो नेशनल काउंसिल ने दो, जनता दल (यूनाइटेड) ने तीन उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है।
9. किस सीट पर भाजपा प्रत्याशी ने निर्विरोध चुनाव जीता?
नगालैंड में 60 की बजाय 59 विधानसभा सीटों पर ही इस बार चुनाव होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि जुन्हेबोटो जिले की आकुलुटो सीट से भाजपा प्रत्याशी और निर्वतमान विधायक काजहेटो किन्मी निर्विरोध जीत गए हैं।
नगालैंड में 60 की बजाय 59 विधानसभा सीटों पर ही इस बार चुनाव होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि जुन्हेबोटो जिले की आकुलुटो सीट से भाजपा प्रत्याशी और निर्वतमान विधायक काजहेटो किन्मी निर्विरोध जीत गए हैं।
10. दोनों राज्यों की पांच-पांच हॉट सीटें
ये है नगालैंड की पांच हॉट सीटें
1. उत्तरी अंगामी द्वितीय : कोहिमा जिले की उत्तरी अंगामी द्वितीय विधानसभा सीट से नगालैंड के मुख्यमंत्री और एनडीपीपी नेता नेफ्यू रियो खुद मैदान में हैं। रियो के खिलाफ कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार उतारा है। कांग्रेस के टिकट पर यहां से सेईविली चाचू चुनाव लड़ रहे हैं। इन दोनों के अलावा कोई भी प्रत्याशी मैदान में नहीं है। मतलब साफ है कि लड़ाई सीधी मुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रत्याशी के बीच है।
2. ट्युई : वोखा जिले की ट्युई विधानसभा सीट से सूबे के उपमुख्यमंत्री यानथुंगो पैटन चुनाव लड़ रहे हैं। यानथुंगो पैटन भारतीय जनता पार्टी के नेता हैं और भाजपा के टिकट पर ही मैदान में भी हैं। यानथुंगो पैटन के खिलाफ कुल चार प्रत्याशी मैदान में हैं। एक-एक जेडीयू और आरजेडी के प्रत्याशी हैं, जबकि एक निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में है।
3. फेक : फेक जिले की फेक विधानसभा सीट से नागा पीपल्स फ्रंट के नेता कुझोलुज़ो निएनु चुनाव लड़ रहे हैं। इनके खिलाफ एनडीपीपी ने कुबोटा खेसोह और कांग्रेस ने ज़चिल्हु रिंगा वदेओ को मैदान में उतारा है। इस सीट पर कुल तीन प्रत्याशियों ने ही नामांकन किया है।
4. अलोंगटाकी : मोकोकचुंग जिले की अलोंगटाकी विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष तेमजेन इमना एलोंग चुनाव लड़ रहे हैं। तेमजेन अपने वजन और बयानों के चलते काफी चर्चा में रहते हैं। तेमजेन के खिलाफ केवल जेडीयू ने ही अपना प्रत्याशी उतारा है। जेडीयू की तरफ से जे लानू लोंगचर चुनाव लड़ रहे हैं। मतलब सीधी लड़ाई इन्हीं दोनों के बीच है।
5. पेरेन : पेरेन जिले की पेरेन विधानसभा सीट से एनडीपीपी ने नगालैंड के पूर्व मुख्यमंत्री टी.आर. जेलियांग चुनाव लड़ रहे हैं। टी.आर. जेलियांग सूबे के 10वें मुख्यमंत्री के तौर पर काम कर चुके हैं। इस सीट से तीन प्रत्याशी मैदान में हैं।
ये है नगालैंड की पांच हॉट सीटें
1. उत्तरी अंगामी द्वितीय : कोहिमा जिले की उत्तरी अंगामी द्वितीय विधानसभा सीट से नगालैंड के मुख्यमंत्री और एनडीपीपी नेता नेफ्यू रियो खुद मैदान में हैं। रियो के खिलाफ कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार उतारा है। कांग्रेस के टिकट पर यहां से सेईविली चाचू चुनाव लड़ रहे हैं। इन दोनों के अलावा कोई भी प्रत्याशी मैदान में नहीं है। मतलब साफ है कि लड़ाई सीधी मुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रत्याशी के बीच है।
2. ट्युई : वोखा जिले की ट्युई विधानसभा सीट से सूबे के उपमुख्यमंत्री यानथुंगो पैटन चुनाव लड़ रहे हैं। यानथुंगो पैटन भारतीय जनता पार्टी के नेता हैं और भाजपा के टिकट पर ही मैदान में भी हैं। यानथुंगो पैटन के खिलाफ कुल चार प्रत्याशी मैदान में हैं। एक-एक जेडीयू और आरजेडी के प्रत्याशी हैं, जबकि एक निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में है।
3. फेक : फेक जिले की फेक विधानसभा सीट से नागा पीपल्स फ्रंट के नेता कुझोलुज़ो निएनु चुनाव लड़ रहे हैं। इनके खिलाफ एनडीपीपी ने कुबोटा खेसोह और कांग्रेस ने ज़चिल्हु रिंगा वदेओ को मैदान में उतारा है। इस सीट पर कुल तीन प्रत्याशियों ने ही नामांकन किया है।
4. अलोंगटाकी : मोकोकचुंग जिले की अलोंगटाकी विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष तेमजेन इमना एलोंग चुनाव लड़ रहे हैं। तेमजेन अपने वजन और बयानों के चलते काफी चर्चा में रहते हैं। तेमजेन के खिलाफ केवल जेडीयू ने ही अपना प्रत्याशी उतारा है। जेडीयू की तरफ से जे लानू लोंगचर चुनाव लड़ रहे हैं। मतलब सीधी लड़ाई इन्हीं दोनों के बीच है।
5. पेरेन : पेरेन जिले की पेरेन विधानसभा सीट से एनडीपीपी ने नगालैंड के पूर्व मुख्यमंत्री टी.आर. जेलियांग चुनाव लड़ रहे हैं। टी.आर. जेलियांग सूबे के 10वें मुख्यमंत्री के तौर पर काम कर चुके हैं। इस सीट से तीन प्रत्याशी मैदान में हैं।
ये हैं मेघालय की पांच हॉट सीटें
1. साउथ टूरा : वेस्ट गारो हिल्स के साउथ टूरा विधानसभा सीट से मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने खुद दावेदारी ठोकी है। एनपीपी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे कोनराड संगमा के खिलाफ कांग्रेस ने ब्रेनिएल्ड मारक, तृणमूल कांग्रेस ने रिचर्ड मृंग मारक, यूडीपी ने जॉन लेस्ली संगमा और भाजपा ने बर्नार्ड एन मारक को मैदान में उतारा है।
2. सुतंगा सैपुंग : ईस्ट जयंतिया हिल्स की सुतंगा सैपुंग आरक्षित विधानसभा सीट से इस बार मेघालय कांग्रेस के अध्यक्ष विन्सेंट पाला खुद मैदान में हैं। पाला के खिलाफ एनपीपी ने सांता मैरी शायला, यूडीपी ने शीतलंग पीला और भाजपा ने क्रिसन लैंगस्टैंग को अपना उम्मीदवार बनाया है।
3. सोंगसक : ईस्ट गारो हिल्स जिले की सोंगसक विधानसभा सीट से मेघालय के पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा चुनाव लड़ रहे हैं। मुकुल तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर मैदान में हैं। इस बार मेघालय में तृणमूल कांग्रेस ने पूरी ताकत लगा दी है। मुकुल के खिलाफ एनपीपी ने दो बार के विधायक निहिम डी शिरा को मैदान में उतारा है। इसके अलावा कांग्रेस ने चैंपियन आर संगमा और भाजपा ने थॉमस एन मारक को टिकट दिया है।
4. वेस्ट शिलॉन्ग : ईस्ट खासी हिल्स जिले की वेस्ट शिलॉन्ग विधानसभा सीट से मेघालय भाजपा के मुखिया अर्नेस्ट मावरी खुद मैदान में हैं। अर्नेस्ट अभी राष्ट्रीय मीडिया में चर्चा का विषय बने हुए हैं। उन्होंने कुछ दिन पहले ही मीडिया से बातचीत में कहा था कि वह बीफ खाते हैं। मावरी के खिलाफ चुनाव में एनपीपी ने महेंद्रो रैपसांग, कांग्रेस ने बेथलीन धखर, तृणमूल कांग्रेस ने इवान मारिया को मैदान में उतारा है।
5. मैरंग : ईस्टर्न वेस्ट खासी हिल्स सीट से यूडीपी के नेता और मेघालय विधानसभा के अध्यक्ष मेटबाह लिंगदोह चुनाव लड़ रहे हैं। लिंगदोह के खिलाफ एनपीपी और तृणमूल कांग्रेस ने कोई प्रत्याशी नहीं उतारा है। वहीं, कांग्रेस से बैट स्किम रिंथाथियांग और भाजपा से मार्क रिनाल्डी सॉकमी चुनाव लड़ रहे हैं।
1. साउथ टूरा : वेस्ट गारो हिल्स के साउथ टूरा विधानसभा सीट से मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने खुद दावेदारी ठोकी है। एनपीपी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे कोनराड संगमा के खिलाफ कांग्रेस ने ब्रेनिएल्ड मारक, तृणमूल कांग्रेस ने रिचर्ड मृंग मारक, यूडीपी ने जॉन लेस्ली संगमा और भाजपा ने बर्नार्ड एन मारक को मैदान में उतारा है।
2. सुतंगा सैपुंग : ईस्ट जयंतिया हिल्स की सुतंगा सैपुंग आरक्षित विधानसभा सीट से इस बार मेघालय कांग्रेस के अध्यक्ष विन्सेंट पाला खुद मैदान में हैं। पाला के खिलाफ एनपीपी ने सांता मैरी शायला, यूडीपी ने शीतलंग पीला और भाजपा ने क्रिसन लैंगस्टैंग को अपना उम्मीदवार बनाया है।
3. सोंगसक : ईस्ट गारो हिल्स जिले की सोंगसक विधानसभा सीट से मेघालय के पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा चुनाव लड़ रहे हैं। मुकुल तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर मैदान में हैं। इस बार मेघालय में तृणमूल कांग्रेस ने पूरी ताकत लगा दी है। मुकुल के खिलाफ एनपीपी ने दो बार के विधायक निहिम डी शिरा को मैदान में उतारा है। इसके अलावा कांग्रेस ने चैंपियन आर संगमा और भाजपा ने थॉमस एन मारक को टिकट दिया है।
4. वेस्ट शिलॉन्ग : ईस्ट खासी हिल्स जिले की वेस्ट शिलॉन्ग विधानसभा सीट से मेघालय भाजपा के मुखिया अर्नेस्ट मावरी खुद मैदान में हैं। अर्नेस्ट अभी राष्ट्रीय मीडिया में चर्चा का विषय बने हुए हैं। उन्होंने कुछ दिन पहले ही मीडिया से बातचीत में कहा था कि वह बीफ खाते हैं। मावरी के खिलाफ चुनाव में एनपीपी ने महेंद्रो रैपसांग, कांग्रेस ने बेथलीन धखर, तृणमूल कांग्रेस ने इवान मारिया को मैदान में उतारा है।
5. मैरंग : ईस्टर्न वेस्ट खासी हिल्स सीट से यूडीपी के नेता और मेघालय विधानसभा के अध्यक्ष मेटबाह लिंगदोह चुनाव लड़ रहे हैं। लिंगदोह के खिलाफ एनपीपी और तृणमूल कांग्रेस ने कोई प्रत्याशी नहीं उतारा है। वहीं, कांग्रेस से बैट स्किम रिंथाथियांग और भाजपा से मार्क रिनाल्डी सॉकमी चुनाव लड़ रहे हैं।