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Meghalaya: न एंबुलेंस मिली न गाड़ी, बांस के स्ट्रेचर पर अस्पताल गई गर्भवती महिला, स्वस्थ शिशु को दिया जन्म
Tue, 06 Sep 2022 05:19 AM IST
देव कश्यप
पीटीआई, शिलांग।
पीटीआई, शिलांग।
Published by: देव कश्यप
Updated Tue, 06 Sep 2022 05:19 AM IST
सार
पथरखमा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉक्टर सी लिंगदोह ने बताया कि जलीलम गांव के स्वयंसेवकों ने महिला को करीब पांच किलोमीटर दूर अस्पताल तक लाने के लिए बारी-बारी से स्ट्रेचर को उठाया, क्योंकि वहां कोई एंबुलेंस या वाहन उपलब्ध नहीं था।
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गर्भवती महिला को बांस के स्ट्रेचर पर अस्पताल ले जाते लोग।
- फोटो : Screen Grab from Video Tweeted by NHMMeghalaya
विस्तार
मेघालय के री-भोई जिले में 36 सप्ताह की एक गर्भवती महिला को सोमवार को एंबुलेंस या वाहन के अभाव में बांस के स्ट्रेचर पर लिटा कर पांच किलोमीटर दूर अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। पांच किलोमीटर की मुश्किल यात्रा के दौरान उच्च रक्तचाप के कारण महिला प्रसव पीड़ा से जूझ रही थी, लेकिन समय पर उसे स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा दिया गया।
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पथरखमा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉक्टर सी लिंगदोह ने बताया कि “जलीलम गांव के स्वयंसेवकों ने महिला को करीब पांच किलोमीटर दूर अस्पताल तक लाने के लिए बारी-बारी से स्ट्रेचर को उठाया, क्योंकि वहां कोई एंबुलेंस या वाहन उपलब्ध नहीं था।”
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लिंगदोह ने बताया कि महिला ने सीएचसी में एक बच्ची को जन्म दिया, जिसका वजन चार किलोग्राम से कुछ अधिक है। उन्होंने कहा कि जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। महिला को इस तरह से बांस के स्ट्रेचर पर ले जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद देश भर के लोगों ने प्रशासन की कड़ी आलोचना की। गांव के एक बुजुर्ग ने आरोप लगाया कि पिछले कई सालों से भारी बारिश और रखरखाव नहीं होने के कारण जलीलम गांव और स्वास्थ्य केंद्र के बीच की सड़क खराब स्थिति में है, लेकिन प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
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