फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Meeting with Union Home Secretary in Assam Mizoram border dispute case today

सीमा विवाद: केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने मिजोरम के मुख्य सचिव और डीजीपी के साथ की बैठक

Wed, 28 Jul 2021 11:44 AM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Jeet Kumar Updated Wed, 28 Jul 2021 11:44 AM IST
सार

केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, केंद्र सरकार असम और मिजोरम की सरकारों के लगातार संपर्क में है और हालात सामान्य करने की कोशिश की जा रही है। 

विज्ञापन
Meeting with Union Home Secretary in Assam Mizoram border dispute case today
असम और मिजोरम सीमा पर तनाव - फोटो : ANI

विस्तार

केंद्र ने सीमा विवाद मामले में हुई हिंसा पर संज्ञान लेते हुए असम और मिजोरम के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों (डीजीपी) को मंगलवार को तलब किया था। ताजा जानकारी के अनुसार केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला की अध्यक्षता में  मिजोरम के मुख्य सचिव लालनुनमविया चुआंगो और डीजीपी एसबीके सिंह के साथ बैठक हुई और सीमा पर ताजा स्थिति की जानकारी ली गई।

विज्ञापन


क्या है राज्यों की सीमा का विवाद
मिजोरम साल 1972 में असम से अलग होकर एक केंद्र शासित प्रदेश के रूप में बना था और 1987 तक यह पूर्ण राज्य बन गया था। दोनों राज्यों ने अतीत में 164.6 किलोमीटर लंबी इस अंतर-राज्यीय सीमा पर लड़ाई की है, जिससे कभी-कभी हिंसक झड़पे होती हैं। मिजोरम पक्ष के मुताबिक, असम के लोगों ने यथास्थिति का उल्लंघन किया है- जैसा कि कुछ साल पहले दो राज्य सरकारों के बीच सहमति हुई थी। 
विज्ञापन


कोलासिब के उपायुक्त एच. लालथंगलियाना के मुताबिक असम के लैलापुर के लोगों ने यथास्थिति को तोड़ा है और कथित तौर पर कुछ अस्थायी झोपड़ियों का निर्माण किया है। मिजोरम के अधिकारियों के मुताबिक असम द्वारा दावा की गई जमीन पर मिजोरम के निवासियों द्वारा लंबे समय से खेती की जा रही है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


मिजोरम के दावा के मुताबिक यह जमीन उनकी है, 1875 की एक अधिसूचना पर आधारित है, जो 1873 के बंगाल ईस्टर्न फ्रंटियर रेगुलेशन एक्ट से आई थी। इस एक्ट के अनुसार ब्रिटिशों ने उनके क्षेत्र में बाहरी लोगों के प्रवेश को प्रतिबंधित करने औ उन्हें नियंत्रित करने के नियम बनाए। अन्य राज्यों से आने वाले भारतीय नागरिकों के लिए इनर लाइन परमिट की व्यवस्था थी।  

वहीं असम पक्ष राज्य सरकार द्वारा 1933 की एक अधिसूचना का हवाला देते यह जमीन अपनी मानता है। इस अधिसूचना में लुशाई हिल्स का सीमांकन किया गया था। औपनिवेशिक काल में मिजोरम को असम के एक जिले लुशाई हिल्स के नाम से जाना जाता था। 

1904 में लुशाई हिल्स का विलय किया गया और सीमा रेखा खींची गई। इसके बाद असम सरकार के तहत बाद के संशोधनों के बाद कछार और मिजोरम  के बीच सीमा 1933 की सरकारी अधिसूचना के अनुसार बनाई गई, जिस पर अभी की असम सरकार कायम  है। 


वहीं मिजोरम पक्ष के नेताओं का मानना है कि सीमांकन को लेकर 1933 की अधिसूचना के लिए मिजो समाज से परामर्श नहीं लिया गया था। मिजोरम की सरकार मानना है कि सीमा का सीमांकन किया जाना चाहिए जैसा कि 1875 की अधिसूचना में कहा गया है, असम का पक्ष है कि 1933 के सीमांकन का पालन किया जाना चाहिए। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed