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ये महिला वैज्ञानिक हैं भारत के पहले मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन की प्रमुख, जानिए इनके बारे में खास बातें

Sun, 23 Sep 2018 10:48 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 23 Sep 2018 10:48 AM IST
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Meet the woman scientist who will lead indias first manned space mission gaganyaan
VR Lalithambika
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लालकिले से देश के नाम दिए अपने संबोधन में भारत की पहली मानव अंतरिक्ष उड़ान 'गगनयान मिशन' के लिए 2022 की समयसीमा तय की थी और कहा था कि 'देश की कोई बेटी या बेटा हाथ में तिरंगा लेकर अंतरिक्ष में जायेगा।' अब ये तो नहीं पता कि इस मिशन को लांच करने वाली देश की अंतरिक्ष एजेंसी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) देश की कौन सी बेटी या बेटे को अंतरिक्ष में भेजेगा, लेकिन इतना जरूर पता है कि 30 साल का अनुभव रखने वाली महिला वैज्ञानिक डॉ. वीआर ललिथंबिका देश के इस महत्वाकांक्षी मिशन की प्रमुख हैं। 
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56 वर्षीय यह महिला वैज्ञानिक पिछले साल 15 फरवरी को रिकॉर्ड उपग्रहों की हुई लांचिंग में टीम की न सिर्फ एक प्रमुख सदस्य थीं, बल्कि उन्होंने 100 से अधिक अंतरिक्ष मिशनों के सफलतापूर्वक निष्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका भी निभाई है। 
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टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए अपने साक्षात्कार में डॉ. वीआर ललिथंबिका ने बताया कि वो इस मिशन की प्रमुख होंगी और इसरो मुख्यालय में मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम निदेशालय भी स्थापित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि हम इस मिशन को पूरा करने के लिए इसरो अध्यक्ष के मार्गदर्शन में काम करेंगे। 
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डॉ. वीआर ललिथंबिका इंजीनियरों के परिवार से संबंध रखती हैं। उनके पिता एक इंजीनियर थे और उनके पति भी इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि वाले ही थे। उन्होंने बताया कि उनके दादा भी एक बहुमुखी प्रतिभा वाले व्यक्ति थे। एक गणितज्ञ होने के अलावा वह एक खगोलविद् और गैजेट निर्माता भी थे। वह घर पर ही लेंस, दूरबीन और माइक्रोस्कोप बनाने का काम करते थे। डॉ. ललिथंबिका को भी इन्हीं सभी चीजों से प्रेरणा मिली, जिसके बाद वो एक वैज्ञानिक बनीं। 

उन्होंने साल 1988 में इसरो में बतौर वैज्ञानिक काम करना शुरू किया था। उन्होंने अपने 30 वर्षीय कार्यकाल में बहुत सारी सफलताएं और विफलताएं देखी हैं, लेकिन विफलताओं से उन्होंने हमेशा कुछ ना कुछ सीखा और कुछ नया करके दिखाया, जिसकी बदौलत उन्हें देश का पहला मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन ‘गगनयान’ का प्रमुख बनाया गया है। 


क्या है इस मिशन में खास 

भारत में यह पहली बार होगा कि अंतरिक्ष मिशन में इंसान भेजे जाएंगे और ऐसा करने वाला भारत दुनिया का चौथा देश होगा। पिछले 14 सालों से इस मिशन की तैयारी चल रही है। इस मैन मिशन में तीन भारतीय अंतरिक्ष में जाएंगे और वो सभी 5-7 दिन अंतरिक्ष में बिताएंगे। उसके बाद वो वापस धरती पर लौट आएंगे। 
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