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MEA: कौन होगा अमेरिका में भारत का नया राजदूत? मार्च से खाली है पद, विदेश सचिव को लेकर ये हैं अटकलें!
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विदेश मंत्री एस. जयशंकर।
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अमर उजाला
विस्तार
मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में विदेश मंत्रालय की कमान फिर से एस जयशंकर ने संभाली है। उनके कार्यभार संभालते ही विदेश मंत्रालय एक्टिव मोड पर है। 9 जून को शपथ लेने के साथ ही प्रधानमंत्री इस बीच एक विदेश दौरा भी कर आए हैं। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना दो बार भारत का दौरा कर चुकी हैं। अमेरिकी एनएसए जेक सुलिवन के अलावा वहां की पूर्व स्पीकर नैंसी पेलोसी भी दलाई लामा से मिलने भारत आ चुकी हैं। अब प्रधानमंत्री मोदी 8 जुलाई को मास्को की यात्रा पर रवाना होने वाले हैं। कुल मिला कर विदेश मंत्रालय में काफी उथलपुथल हैं। वहीं, अब वहां से खबरें आ रही हैं कि विदेश मंत्रालय में राजनयिक पोस्टिंग में बड़े बदलाव हो सकते हैं।विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा को मिला था 6 माह का विस्तार
विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा का कार्यकाल इस साल 30 अप्रैल को खत्म होने वाला था, लेकिन उससे पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने उन्हें छह महीने का सेवा विस्तार दे दिया था। अब उनका कार्यकाल 30 सितंबर तक हो गया गया है। 1988 बैच के भारतीय विदेश सेवा अधिकारी क्वात्रा ने 30 अप्रैल, 2022 को विदेश सचिव के रूप में कार्यभार संभाला था। वहीं अब खबरें हैं कि कार्यकाल खत्म होने से पहले उन्हें नई पोस्टिंग पर भेजा जा सकता है।
अमेरिका में राजदूत का पद पड़ा है खाली
विदेश मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि अगर सब कुछ ठीकठाक रहा तो, विदेश सचिव विनय क्वात्रा को अमेरिका का राजदूत बनाया जा सकता है। फरवरी में अमेरिका में राजदूत रहे तरनजीत संधू को भारत वापस बुला लिया था, और उन्हें भाजपा ने अमृतसर लोकसभा सीट से टिकट दिया था, हालांकि वे कांग्रेस के उम्मीदवार गुरजीत औजला से हार गए थे। उसके बाद से अमेरिका में राजदूत का पद खाली पड़ा है। सूत्रों का कहना है कि इतने अहम देश में राजदूत का पद लंबे समय तक के लिए खाली नहीं छोड़ा जा सकता है। वहीं उस पद के लिए ऐसे शख्स चाहिए, अमेरिका और भारत के संबंधों को अच्छे से मैनेज करे, और उन्हें नई ऊंचाईयों तक ले जाए। वैसे भी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश रचने को लेकर दोनों देशों के संबंधों में थोड़ी खटास आई हुई है। ऐसे में कोई वरिष्ठ अधिकारी ही इस पद पर काबिज हो सकता है।
कौन होगा नया विदेश सचिव?
वहीं सूत्रों का कहना है कि अगर क्वात्रा को अमेरिका में राजूत बना कर भेजा जाता है, तो विदेश सचिव पद के लिए भी योग्य उम्मीदवार की जरूरत होगी, जो वरिष्ठ होने के साथ विदेश नीति की बारिकियों के बारे में गहरी परख रखता हो। इसके लिए विक्रम मिसरी का चयन किया जा सकता है। मिसरी फिलहाल उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हैं। मिसरी भारत के सबसे बेहतरीन राजनयिकों में से एक हैं, जिनके पास शानदार अनुभव है। उन्होंने पाकिस्तान में राजनीतिक सलाहकार, पूर्व पीएम आईके गुजराल के निजी सचिव और चीन में भारत के राजदूत के रूप में काम किया है। जब 2020 में गलवान में चीन और भारत के बीच हुई हिंसक झड़प के दौरान विक्रम मिसरी चीन में भारत के राजूदत थे। उस समय भारत और चीन के बीच संबंध बेहद नाजुक दौर से गुजर रहे थे। इस दौरान उन्होंने रिश्तों को सामान्य करने में अहम भूमिका निभाई। दोनों देशों के बीच कई बार हुई महत्वपूर्ण बातचीत के दौरान वे इसका हिस्सा भी रहे। वहीं वे 11 दिसंबर तक चीन में भारत के राजदूत रहे और जब 6 दिसंबर को उनके वर्चुअल विदाई कार्यक्रम में चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने भी उसमें भाग लिया था।
कौन होगा नया डिप्टी एनएसए?
सूत्रों ने बताया कि विक्रम मिसरी की जगह उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का पद खाली हो जाएगा। उस पद पर वर्तमान में फ्रांस में राजदूत जावेद अशरफ की नियुक्ति हो सकती है। अशरफ पीएम मोदी के पहले कार्यकाल में उनके साथ पीएमओ में संयुक्त सचिव के पद पर काम कर चुके हैं, औऱ वहां कई अहम जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। अशरफ ने मोदी के लिए कई भाषण भी लिखे हैं। उनके बारे में कहा जाता है कि वह उस कोर ग्रुप का हिस्सा थे, जिसने भारत को न्यूक्लियर सप्लाई ग्रुप में शामिल करने के लिए जोर दिया था। इसके अलावा जर्मनी में भारत के राजदूत पी. हरीश को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में एक नए स्थायी प्रतिनिधि (परमानेंट रिप्रेजेंटेटिव) के पद पर भेजा जा सकता है।