MEA: भारत ने अरुणाचल के खिलाड़ियों को स्टेपल वीजा जारी करने पर चीन के समक्ष जताई आपत्ति, कहा- यह स्वीकार नहीं
अरिंदम बागची ने मणिपुर के मुद्दे पर कहा कि जैसा कि आप जानते हैं, यह एक ऐसा मामला है जिस पर हमारे अधिकारी अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने और मणिपुर में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए कार्रवाई कर रहे हैं।
विस्तार
भारत ने चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश के कुछ खिलाड़ियों को स्टेपल वीजा जारी करने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे अस्वीकार्य बताया और कहा कि वह ऐसे कदमों का उचित जवाब देने का अधिकार रखता है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि भारत पहले ही इस मामले पर चीनी पक्ष के समक्ष अपना ‘‘कड़ा विरोध’’ दर्ज करा चुका है और भारतीय नागरिकों के लिए वीजा व्यवस्था में अधिवास या जातीयता के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए।
विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक ब्रीफिंग के दौरान प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कई मुद्दों पर सरकार का पक्ष रखा। इस बीच चीन की करतूतों को लेकर नाराजगी भी जताई।अरिंदम बागची ने कहा कि यह हमारे संज्ञान में आया है कि चीन में एक अंतरराष्ट्रीय खेल के आयोजन में देश का प्रतिनिधित्व करने वाले हमारे कुछ नागरिकों को स्टेपल वीजा जारी किया गया था। उन्होंने कहा कि यह अस्वीकार्य है और हमने इस मामले पर अपनी सतत स्थिति को दोहराते हुए चीनी पक्ष के समक्ष अपना कड़ा विरोध दर्ज करा चुके हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि भारत ऐसी कार्रवाइयों पर उचित जवाब देने का अधिकार रखता है। उन्होंने मीडिया ब्रीफिंग में यह बात तब कही जब उनसे पूछा गया कि क्या अरुणाचल प्रदेश के कई खिलाड़ियों को स्टेपल वीजा जारी किया गया था।
इस मामले से जुड़े लोगों ने कहा कि विश्व-विश्वविद्यालय खेलों (वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम) में प्रतिस्पर्धा करने के लिए चीन के चेंगदू की वुशु खिलाड़ियों की 12 सदस्यीय टीम की यात्रा बुधवार रात को रद्द कर दी गई क्योंकि समूह में अरुणाचल प्रदेश के तीन खिलाड़ियों को स्टेपल वीजा दिया गया था। सरकार द्वारा मामले की जांच किए जाने के बाद टीम की यात्रा पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया।
बागची ने कहा, हमारी दीर्घकालिक और सुसंगत स्थिति यह है कि वैध भारतीय पासपोर्ट रखने वाले भारतीय नागरिकों के लिए वीजा व्यवस्था में अधिवास या जातीयता के आधार पर कोई भेदभाव या विशेषता-सूचक व्यवहार नहीं होना चाहिए।
क्या होता है स्टेपल वीजा?
यदि आव्रजन अधिकारी किसी पासपोर्ट पर वीजा की मोहर न लगाते हुए अलग से कागज पर मोहर लगाकर देते हैं और मोहर लगाकर पासपोर्ट के साथ नत्थी कर देते हैं, तो उसे स्टेपल वीजा कहा जाता है। चीन द्वारा पहले भी अरुणाचल प्रदेश के लोगों को स्टेपल वीजा जारी करने के मामले सामने आए थे, जिस पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। गौरतलब है कि चीन अरुणाचल प्रदेश को दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा बताकर उस पर अपना दावा करता रहा है। भारत ने अप्रैल में चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश के कुछ स्थानों का नाम बदले जाने को सिरे से खारिज किया था और कहा था कि राज्य भारत का अभिन्न अंग है।
अरिंदम बागची ने कहा कि पिछले साल बाली में जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान इंडोनेशियाई राष्ट्रपति द्वारा आयोजित रात्रिभोज के समापन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने शिष्टाचार का आदान-प्रदान किया था और हमारे द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर करने की आवश्यकता के बारे में बात की थी... मुझे लगता है कि विदेश मंत्री ने इसका उल्लेख किया था, शायद उन्होंने इसके दूसरे भाग का उल्लेख नहीं किया। उन्होंने शिष्टाचार के आदान-प्रदान के बारे में बात की और मुझे लगता है कि हमारे द्विपक्षीय संबंधों या रिश्तों को स्थिर करने की आवश्यकता पर सामान्य चर्चा या बात हुई।
मणिपुर में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने पर हो रहा काम: बागची
अरिंदम बागची ने मणिपुर के मुद्दे पर कहा कि जैसा कि आप जानते हैं, यह एक ऐसा मामला है जिस पर हमारे अधिकारी, विशेष रूप से वायरल वीडियो और वह घटना, जैसा कि आपने उल्लेख किया है, लेकिन अन्य घटनाएं भी हैं जिन पर हमारे अधिकारी अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने और मणिपुर में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए कार्रवाई कर रहे हैं।
वहीं, सतलुज नदी में बहकर एक भारतीय व्यक्ति के पाकिस्तान पहुंचने की खबरों पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि हमने रिपोर्ट देखी हैं और इसके बारे में अधिक जानकारी जुटा रहे हैं।
#WATCH | MEA spokesperson Arindam Bagchi says, "It has come to our notice that Stapled visas were issued to some of our citizens representing the country in an international sporting event in China. This is unacceptable. And we have lodged our strong protest with the Chinese side… pic.twitter.com/hXuox50mq9
— ANI (@ANI) July 27, 2023