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MEA On SCO: 'कनेक्टिविटी जरूरी, लेकिन क्षेत्रीय संप्रभुता का न हो उल्लंघन', BRI पर भारत की चीन को दो टूक

Tue, 04 Jul 2023 05:26 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निर्मल कांत Updated Tue, 04 Jul 2023 05:26 PM IST
सार

MEA On SCO: विदेश सचिव ने कहा, आप सभी ने पीएम मोदी की टिप्पणी सुनी होगी। प्रधानमंत्री ने पिछले छह वर्षों में एससीओ में भारत के योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने क्षेत्र और विश्व स्तर पर आतंकवाद के खतरे को खत्म करने के लिए मिलकर काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया। 
 

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MEA On SCO: 'Connectivity necessary but regional sovereignty should not be violated', India to China on BRI
विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

भारत ने मंगलवार को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन की मेजबानी की। बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री (पीएम) नरेंद्र मोदी ने की। इसमें चीन, ताजिकिस्तान, किर्गिस्तान, रूस, कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने हिस्सा लिया। पीएम मोदी ने सम्मेलन को वर्चुअल तरीके से संबोधित किया। विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने मीडिया को यह जानकारी दी। 

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'आतंकवाद के खतरे को खत्म करने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत'
विदेश सचिव ने कहा, आप सभी ने पीएम मोदी की टिप्पणी सुनी होगी। प्रधानमंत्री ने पिछले छह वर्षों में एससीओ में भारत के योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने क्षेत्र और विश्व स्तर पर आतंकवाद के खतरे को खत्म करने के लिए मिलकर काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया। 
 

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'कनेक्टिविटी देशों के बीच जरूरी, लेकिन क्षेत्रीय अखंडता का न हो उल्लंघन'
चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) पर क्वात्रा ने कहा, जहां तक क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का सवाल है, प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट तौर पर कहा कि देशों के बीच सहयोग के लिए कनेक्टिविटी बेहद जरूरी है। लेकिन यह भी आवश्यक है कि कनेक्टिविटी किसी देश की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का उल्लंघन न करे।
 

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ईरान को पूर्ण सदस्य बनाने की प्रक्रिया पूरी होने का किया स्वागत
उन्होंने आगे कहा, 'सभी नेताओं ने संगठन (एससीओ) के पूर्ण सदस्य राज्य के रूप में ईरान के शामिल होने की प्रक्रिया पूरी होने का स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति रईसी को भी बधाई दी। नेताओं ने एक सदस्य राज्य के रूप में संगठन में शामिल होने के लिए बेलारूस के ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने के फैसले का भी स्वागत किया।' उन्होंने कहा 'यह प्रक्रिया 2024 एससीओ शिखर सम्मेलन तक पूरी हो जाएगी।'

विदेश सचिव ने कहा, 'ईरान अब इसका सदस्य है। बेलारूस 2024 तक पूर्ण सदस्य बनने के लिए तैयार है। अब तक, एससीओ में 14 अन्य संवाद भागीदार हैं और तीन पर्यवेक्षक भी हैं। हमारी समझ के अनुसार, एससीओ का पूर्ण सदस्य बनने के लिए सदस्यों की ओर से अब तक कोई अनुरोध लंबित नहीं है।'

एससीओ नेताओं ने अपनाया 'नई दिल्ली घोषणा'
विदेश सचिव ने बताया कि शिखर सम्मेलन के परिणाम के रूप में नेताओं ने 'नई दिल्ली घोषणा' और दो विषयगत संयुक्त वक्तव्यों को अपनाया - एक अलगाववाद, उग्रवाद और आतंकवाद की ओर ले जाने वाले कट्टरपंथ का मुकाबला करने में सहयोग पर और दूसरा डिजिटल परिवर्तन के क्षेत्र में सहयोग।

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