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Maharashtra: साढ़े तीन साल की बच्ची को भारत लाने का प्रयास जारी, ठाणे के सांसद ने सदन में उठाया था मुद्दा

Fri, 30 Aug 2024 01:32 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: श्वेता महतो Updated Fri, 30 Aug 2024 01:32 PM IST
सार

विदेश मंत्रालय और बर्लिन में दूतावार के अधिकारी यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं, अरिहा को भारतीय संस्कृति से परिचित कराया जाए। दूतावास के अधिकारियों द्वारा अरिहा को दो बार मंदिर ले जाया जाता है। उसे गुजराती/हिंदी भी सीखाया जा रहा है।

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MEA making efforts to push for early return of child in foster care in Germany Thane MP news in hindi
एस. जयशंकर - फोटो : PTI

विस्तार

विदेश मंत्रालय महाराष्ट्र के ठाणे की एक साढ़े तीन साल की बच्ची को भारत लाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। दरअसल पिछले 36 महीनों से बच्ची जर्मनी में फॉस्टर केयर में है। वहां उसका शारीरिक शोषण किया जा रहा है। स्थानीय सांसद नरेश म्हस्के ने इसकी जानकारी दी। केंद्रीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने उन्हें आश्वासन दिया कि सरकार बच्ची की भारत वापसी को सुनिश्चित करने की प्रक्रियाओं में तेजी ला रही है। बच्ची की पहचान अरिहा के तौर पर की गई है। 
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स्थानीय सांसद नरेश म्हस्के ने बताया कि बच्ची के माता-पिता भी जर्मनी में रहते हैं। वह अब महीने में दो बार अरिहा से मिल सकते हैं। अरिहा के माता-पिता भावेश और धारा शाह ठाणे के मीरा भयंदर के निवासी हैं। ठाणे के सांसद ने इस मुद्दे को संसद में उठाया, जिसके बाद विदेश मंत्री ने उन्हें पत्र लिखकर अरिहा को वापस लाने की प्रक्रियाओं का विवरण दिया। 
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जयशंकर ने बताया, ठयह हमारे हस्तक्षेप का परिणाम है कि जर्मन युवा कल्याण अधिकारियों ने माता-पिता को मुलाकात की अनुमति देने वाले अदालती आदेशों के खिलाफ अपील करने का फैसला किया।ठ उन्होंने कहा, ठइस मामले को जर्मन पक्ष के साथ सभी स्तरों पर उठाया गया। इसमें व्यक्तिगत रूप से जर्मन समकक्ष के साथ मेरी बातचीत भी शामिल है। मैंने इस बात पर जोर दिया था कि अरिहा का कल्याण तभी सुनिश्चित किया जा सकता है जब वह भारतीय सांस्कृतिक वातावरण में पलेगी।ठ 
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विदेश मंत्रालय और बर्लिन में दूतावार के अधिकारी यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं, अरिहा को भारतीय संस्कृति से परिचित कराया जाए। दूतावास के अधिकारियों द्वारा अरिहा को दो बार मंदिर ले जाया जाता है। उसे गुजराती/हिंदी भी सीखाया जा रहा है। अदालत की तरफ से माता-पिता को महीने में दो बार बच्ची से मिलने का आदेश दिया गया है। केंद्रीय विदेश मंत्री जयशंकर ने ठाणे के सांसद को आश्वासन दिया कि वह बच्ची को भारत लाने के लिए प्रयास करते रहेंगे। 
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