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Foreign Policy: PAK-सऊदी-तुर्किये संधि के बीच भारत-इस्राइल समझौते की फैली अफवाह, विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?

Sat, 08 Aug 2026 01:27 AM IST
शिवम गर्ग एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली Published by: शिवम गर्ग Updated Sat, 08 Aug 2026 01:27 AM IST
सार

विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के रक्षा समझौते के बाद भारत के इस्राइल से रक्षा डील मांगने की खबर को फर्जी बताया। एमईए ने सोशल मीडिया पर एआई से बनाए गए फर्जी कंटेंट को लेकर भी लोगों को सतर्क किया।

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MEA Dismisses Reports of India Seeking Defence Pact with Israel as Fake News
वायरल दावे को विदेश मंत्रालय ने बताया भ्रामक - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/ANI

विस्तार

विदेश मंत्रालय (MEA) के मुताबिक पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच बने नए सुरक्षा ढांचे के बाद या इन देशों के गठजोड़ के दबाव में इस्राइल और भारत के बीच रक्षा समझौते की पहल जैसी खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने दबाव या तीन देशों के गठबंधन के कारण इस्राइल-भारत डील की तमाम खबरों और दावों को 'फेक न्यूज' करार दिया। यह दावा तुर्किये के मीडिया आउटलेट स्ट्रैटुर्का से सामने आया था और बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया।

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क्या सोशल मीडिया पर एआई से तैयार की गई फर्जी सामग्री फैलाई गई?
रिपोर्ट में अज्ञात पाकिस्तानी सूत्रों के हवाले से दावा किया गया था कि नई दिल्ली ने तीन देशों के गठबंधन का मुकाबला करने के लिए तेल अवीव के साथ रक्षा समझौते को लेकर बातचीत शुरू की है। MEA की फैक्ट चेक इकाई ने इस खबर का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए इसे 'फेक न्यूज' बताया।
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विदेश मंत्रालय की फैक्ट चेक विंग ने सोशल मीडिया पर चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे दुर्भावनापूर्ण पोस्ट से सावधान रहना चाहिए, जिनमें एआई का इस्तेमाल कर फर्जी सामग्री तैयार की जाती है।
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क्या पाकिस्तान-सऊदी-तुर्किये के बीच हुआ रक्षा समझौता?
यह प्रतिक्रिया पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच 'मक्का संयुक्त रक्षा समझौते' पर हस्ताक्षर के बाद आई है। इस समझौते का उद्देश्य तीनों देशों के बीच सैन्य सहयोग और संयुक्त सुरक्षा को मजबूत करना है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस समझौते का लक्ष्य सामूहिक प्रतिरोध क्षमता को मजबूत करना है। इसके तहत तीनों में से किसी एक देश पर सशस्त्र हमला होने को तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। समझौते में अलग-अलग क्षेत्रों में रक्षा सहयोग बढ़ाने का भी प्रावधान है।

क्या भारत इस त्रिपक्षीय समझौते पर नजर रख रहा है?
विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को इस त्रिपक्षीय समझौते पर कहा कि नई दिल्ली घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रही है। साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत इस घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है और आगे की जानकारी साझा करता रहेगा।

क्या मोदी-नेतन्याहू की बातचीत का रक्षा समझौते से कोई संबंध है?
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच गुरुवार को फोन पर बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने भारत-इस्राइल विशेष रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के तरीकों और विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की।


शुक्रवार की प्रेस ब्रीफिंग में रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि फोन इस्राइल की ओर से किया गया था। उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में संबंधों और दोस्ती को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा हुई।

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