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MeToo: उत्पीड़न की शिकार महिलाओं का आंदोलन, कब हुई शुरुआत और भारत में प्रभाव, जानिए सब कुछ

Wed, 17 Feb 2021 05:13 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Wed, 17 Feb 2021 05:13 PM IST
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Me Too Campaign starting and impact in India, here is all you need to know
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पिक्साबे

आज की ऑनलाइन दुनिया में अपनी बात को पूरी दुनिया के सामने रखने का सबसे बेहतर तरीका सोशल मीडिया बन गया है। इसी सोशल मीडिया के सहारे एक आंदोलन की शुरुआत हुई थी, जिसे नाम मिला मीटू (Me Too)। इसका हिंदी में अर्थ है 'मैं भी' या 'मेरे साथ भी'। #MeToo का उपयोग कर महिलाओं ने अपने उत्पीड़न की कहानी दुनिया के सामने रखनी शुरू की। 

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इस आंदोलन के माध्यम से दुनियाभर की महिलाओं ने अपने साथ घटी ऐसी घटनाओं का साझा करना शउरू किया। समय के साथ यह आंदोलन भारत में भी पहुंचा और देश की कई नामी हस्तियों पर ऐसे आरोप लगे। इसी मीटू अभियान की पृष्ठभूमि में सामने आया एमजे अकबर और प्रिया रमानी का मामला इससे संबंधित देश का सर्वाधिक चर्चित मामला बन गया।  

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कब हुई मीटू आंदोलन की शुरुआत

सोशल मीडिया पर #MeToo का पहला इस्तेमाल अमेरिकी सामाजिक कार्यकर्ता तराना बर्क ने साल 2016 में माईस्पेस नामक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किया था। उन्होंने इस हैशटैग का उपयोग रंगभेद का शिकार हुई महिलाओं के यौन उत्पीड़न की कहानी बताते हुए किया था। बर्क के अनुसार यह शब्द उनके दिमाग में तब आया था जब एक 13 साल की बच्ची ने उन्हें बताया कि उसका भी यौन उत्पीड़न हुआ है।



 



10 अक्तूबर 2017 को न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित एक साक्षात्कार में 13 महिलाओं ने हॉलीवुड प्रोड्यूसर हार्वी वाइंस्टीन पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। इसके बाद हॉलीवुड सेलेब्रिटी ग्यानेथ पाल्ट्रो, एमा वाटसन, एंजलीना जोली, सलमा हायेक, एशले जुड, उमा थुरमैन और एशिया अर्गेंटो समेत 80 से अधिक महिलाओं ने वाइंस्टीन पर सार्वजनिक रूप से यौन दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया था। 25 मई 2018 को यूएस पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था।

हालांकि, यह आंदोलन चर्चा में तब आया जब अक्तूबर 2017 को अमेरिकी अभिनेत्री एलिसा मिलानो ने एक ट्वीट किया जिसमें उन्होंने यौन हमले और उत्पीड़न की बात सामने रखी। इस ट्वीट के साथ उन्होंने MeToo शब्द का इस्तेमाल किया था। एलिसा का यह ट्वीट इतना वायरस हुआ कि दिन पूरा होते होते मीटू हैशटैग के साथ दो लाख से ज्यादा ट्वीट किए जा चुके थे। यह अभियान अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी पहुंचा।

भारत में कैसे पहुंचा, क्या रहा असर

अक्तूबर 2017 में अमेरिका में मीटू आंदोलन की शुरुआत होने के साथ भारत में भी इसका असर देखने को मिला। कई महिलाओं ने सोशल मीडिया पर बताया कि कैसे कार्य स्थलों पर उनका यौन उत्पीड़न हुआ। हालांकि, सही मायने में भारत में इस आंदोलन की शुरुआत 25 सितंबर 2018 को हुई थी, जब बॉलीवुड अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने चर्चित अभिनेता नाना पाटेकर के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया।

दत्ता ने एक साक्षात्कार में कहा था कि साल 2008 में 'हॉर्न ओके प्लीज' फिल्म की शूटिंग के दौरान नाना पाटेकर ने उनका यौन उत्पीड़न किया था। 2004 में मिस इंडिया यूनिवर्स नहीं तनुश्री दत्ता ने इस मामले में मुंबई के ओशिवारा पुलिस थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई थी। इसमें उन्होंने कहा था कि फिल्म में एक आइटम सॉन्ग के लिए उनसे संपर्क किया गया था, और इस दौरान नाना ने उन्हें गलत तरीके से छुआ था।

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कई चर्चित हस्तियों के नाम उछले

तनुश्री के बाद भारतीय फिल्म और टीवी उद्योग की कई महिलाएं सामने आईं और बताया कि कैसे काम देने के बहाने से उनका उत्पीड़न किया गया। जिन लोगों का इसमें नाम आया उनमें अभिनेता आलोक नाथ, पीयूष मिश्रा, रजत कपूर, रोहित रॉय, निर्देशक विकास बहल, साजिद खान, सुभाष कपूर, सुभाष घई, विवेद अग्निहोत्री, प्रोड्यूसर गौरांग दोषी, गायक कैलाश खेर, अभिजीत भट्टाचार्य जैसे कई चर्चित लोग शामिल रहे।

अकबर और प्रिया रमानी का मामला

प्रिया रमानी ने साल 2018 में ‘मीटू’ मुहिम के तहत पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर के खिलाफ यौन दुर्व्यवहार के आरोप लगाए थे। हालांकि, अकबर ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है और इसे लेकर उन्होंने 15 अक्तूबर 2018 को रमानी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा भी दर्ज कराया था। हालांकि, अदालत ने बुधवार को अकबर की याचिका को खारिज कर दिया और प्रिया रमानी को आरोपों से बरी किया।

रमानी का आरोप है कि अकबर ने करीब 20 साल पहले उनका यौन उत्पीड़न किया था, जब वह पत्रकार थीं। उनका दावा है कि उन्होंने अकबर के खिलाफ सोशल मीडिया पर 2018 में 'मीटू' मुहिम के मद्देनजर लगाए गए आरोपों के बारे में सच्चाई भलमनसाहत से बयां की है। उनकी मंशा जनहित से जुड़ी है और अपमानजनक नहीं है। अकबर ने रमानी द्वारा कथित मानहानि को लेकर उनके खिलाफ यह शिकायत दायर की थी।

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