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MCD Election Result: नगर निगम चुनाव के संकेत, कांग्रेस के पास लौटे मुस्लिम मतदाता!
Wed, 07 Dec 2022 06:17 PM IST
अभिषेक दीक्षित
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Wed, 07 Dec 2022 06:17 PM IST
सार
कांग्रेस ने ओखला, सीलमपुर, मुस्तफाबाद, बाबतपुर की सीटों पर जीत दर्ज की है। गांधीनगर और आयानगर की सीटों पर भी उसके उम्मीदवारों ने आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों पर अच्छी बढ़त दर्ज की है।
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Delhi MCD Election Results
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिल्ली नगर निगम चुनाव परिणाम में कांग्रेस के लिए खुश होने के लिए बहुत कुछ ज्यादा नहीं है, लेकिन इस खराब चुनाव परिणाम में भी उसकी वापसी के संकेत दिखाई पड़ रहे हैं। कांग्रेस ने जिन नौ सीटों पर जीत हासिल की है, उनमें से सात मुस्लिम बहुल इलाकों की हैं। आम आदमी पार्टी के बड़े मुस्लिम चेहरे अमानतुल्लाह खान की एरिया में भी कांग्रेस ने चार सीटों पर जीत दर्ज की है। यहां मुस्लिम मतदाता ही किसी प्रत्याशी की जीत या हार का निर्णय करते हैं। एक पारंपरिक वोट बैंक का वापस आना कांग्रेस के लिए शुभ संकेत हो सकता है।
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कांग्रेस ने ओखला, सीलमपुर, मुस्तफाबाद, बाबतपुर की सीटों पर जीत दर्ज की है। गांधीनगर और आयानगर की सीटों पर भी उसके उम्मीदवारों ने आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों पर अच्छी बढ़त दर्ज की है। अन्य मुस्लिम बहुल सीटों पर भी उसके उम्मीदवारों ने अच्छी लड़ाई लड़ी है। ये इस बात के संकेत हैं कि मुस्लिम मतदाताओं ने आम आदमी पार्टी की जगह कांग्रेस को अपनी पहली पसंद बनाया है।
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क्यों आया बदलाव?
मुस्लिम मतदाताओं में यह बदलाव क्यों आया? माना जा रहा है कि आम आदमी पार्टी के नेतृत्व के द्वारा हाल ही में मुस्लिमों से जुड़े मुद्दे पर नरमी बरती गई। कांग्रेस ने बिल्किस बानो मामले पर खुलकर केंद्र पर हमला बोला, जबकि अरविंद केजरीवाल ने इस पर चुप्पी साधे रखी। इसी प्रकार कुछ अन्य मुद्दे पर भी आम आदमी पार्टी ने रणनीतिक बयान दिए जबकि कांग्रेस ने खुलकर मुसलमानों का साथ लिया। माना जा रहा है कि यही कारण है कि मुस्लिम मतदाता आम आदमी पार्टी से छिटककर कांग्रेस के पास आ गया। केजरीवाल के लिए यह आत्ममंथन का विषय भी हो सकता है।
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कांग्रेस नेता ने क्या कहा?
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष मुदित अग्रवाल ने अमर उजाला से कहा कि वे सांप्रदायिक राजनीति में विश्वास नहीं रखते हैं। सच्चाई यह है कि समाज के हर वर्ग से मतदाता उनके पास वापस आए हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का मतप्रतिशत गिरकर चार फीसदी के करीब रह गया था, जबकि इस नगर निगम चुनाव में पार्टी का प्रतिशत बढ़कर 12 से ज्यादा हो गया है। इसमें केवल मुस्लिम बहुल इलाके ही शामिल नहीं हैं, बल्कि हिंदू, पंजाबी और जैन समुदाय बहुल वाली सीटों पर भी उसके उम्मीदवारों को मत मिले हैं। यह साबित करता है कि आम आदमी पार्टी और भाजपा की नकारात्मक राजनीति से ऊबकर मतदाता उन पर विश्वास जताने लगे हैं।
मुदित अग्रवाल ने कहा कि इस नगर निगम चुनाव परिणाम के माध्यम से मतदाताओं ने हमें ज्यादा कड़ा संघर्ष करने का संकेत दिया है। वे यह मानते हैं कि अपने मतदाता वर्ग को पूरी तरह वापस लाने के लिए कांग्रेस को ज्यादा जनोन्मुखी नीतियां बनानी पड़ेंगी और उसके लिए संघर्ष कनरा होगा। उन्होंने कहा कि हम अपनी जिम्मेदारी को समझते हैं और मतदाताओं से जुड़ने के लिए प्रयास करेंगे। कांग्रेस नेता ने उम्मीद जाहिर की कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस बेहतर प्रदर्शन करेगी।