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केंद्रीय कर्मियों की जीपीएफ स्टेटमेंट में भारी गड़बड़ियां, रिटायर्ड कर्मी भी हैं परेशान

Wed, 26 Aug 2020 03:59 PM IST
Harendra Chaudhary जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Wed, 26 Aug 2020 03:59 PM IST
सार

केंद्र सरकार ने अपने सभी विभागों से कहा है कि वे सभी कर्मियों को बिना किसी देरी के उनकी जीपीएफ स्टेटमेंट उपलब्ध कराएं। अगर किसी की स्टेटमेंट में कोई गलती है, तो उसे तुरंत प्रभाव से दुरुस्त करें...

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Massive mistakes in GPF account statement of central government employees, retired employees are also worried
सरकारी कर्मचारी। - फोटो : PTI (फाइल फोटो)

विस्तार

केंद्र सरकार के रिटायर्ड कर्मियों के 'जीपीएफ' यानी जनरल प्रोविडेंट फंड को लेकर जो शिकायतें मिल रही थीं, अब सेवारत कर्मियों को भी वैसी ही दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बहुत से कर्मियों को अभी तक वार्षिक स्टेटमेंट नहीं मिल सकी है। किसी कर्मी की स्टेटमेंट में अंतर देखने को मिल रहा है, तो कहीं पर जमा और ब्याज राशि का सही मिलान नहीं हो पाया है।

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केंद्र सरकार ने अपने सभी विभागों से कहा है कि वे सभी कर्मियों को बिना किसी देरी के उनकी जीपीएफ स्टेटमेंट उपलब्ध कराएं। अगर किसी की स्टेटमेंट में कोई गलती है, तो उसे तुरंत प्रभाव से दुरुस्त किया जाए।

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बता दें कि रूल-39 ऑफ जीपीएफ रूल्स 1960 के तहत हर एक सरकारी कर्मी को वार्षिक स्टेटमेंट जारी करने का प्रावधान है। अमूमन यह स्टेटमेंट वित्त वर्ष के अंत में जारी की जाती है। इस बार कोविड-19 के चलते सभी जगह पर इसे अपडेट नहीं किया जा सका।

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ऐसी अनेक शिकायतें आई हैं, जिनमें स्टेटमेंट में कोई न कोई अंतर देखा गया है। कहीं किसी खाते की मूल राशि और उस पर लगने वाले ब्याज का जोड़ ठीक नहीं है, तो कुछ खातों में पिछले कई माह से ब्याज राशि जोड़ी ही नहीं गई है। जीपीएफ खाते में क्रेडिट एंट्री आगे पीछे कर दी गई है। यानी समय पर जो एंट्री होनी चाहिए, वह नहीं हो सकी है।

रिटायर्ड कर्मियों के मामले में ऐसी ज्यादा शिकायतें आ रही थीं। खासतौर पर वे कर्मी जो अपनी सेवा के दौरान एक विभाग से दूसरे विभाग या सेवा में चले जाते हैं। इनमें प्रतिनियुक्ति और कैडर बदलने वाले कर्मी भी शामिल हैं। विभागों के बीच पर्याप्त तालमेल न होने के कारण ऐसे कर्मियों की जीपीएफ राशि का हिसाब-किताब ठीक तरह से नहीं हो पाता।


इसी वजह से कर्मी के जीपीएफ खाते में जो एंट्री होती हैं, उनमें अंतर आ जाता है। केंद्र सरकार ने अब कहा है कि कर्मी के सेवाकाल से संबंधित तमाम एंट्री पारदर्शी तरीके से की जाएं और बिना किसी देरी के जीपीएफ स्टेटमेंट जारी करें।

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