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Criminal Laws: आपराधिक कानूनों के ढांचे में व्यापक बदलाव की तैयारी, शाह ने लिखा न्यायाधीशों व सांसदों को पत्र
Thu, 06 Jan 2022 08:12 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Thu, 06 Jan 2022 08:12 PM IST
सार
शाह ने देश के प्रधान न्यायाधीश, हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों, राज्यों के मुख्यमंत्रियों, केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासकों, बार काउंसिलों और विधि विश्वविद्यालयों से भी अपने सुझाव भेजने का अनुरोध किया है।
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अमित शाह (file photo)
- फोटो : ANI
विस्तार
केंद्र सरकार देश के आपराधिक कानूनों के ढांचे में व्यापक बदलाव की तैयारी कर रही है। इस सिलसिले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सांसदों को पत्र लिखकर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), अपराध प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम में संशोधनों पर जल्द से जल्द उनके सुझाव मांगे हैं। लोकतंत्र के तीन स्तंभों में से एक संसद की महत्ता पर जोर देते हुए गृह मंत्री ने कहा कि कानून बनाने की प्रक्रिया में संसद सदस्यों की अहम भूमिका है। आपराधिक कानूनों में व्यापक संशोधनों की इस कवायद में संसद सदस्यों के सुझाव अमूल्य होंगे।
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देश के सभी नागरिकों के लिए त्वरित न्याय सुनिश्चित करने को प्रतिबद्ध
संसद सदस्यों को लिखे पत्र में अमित शाह ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास' के मंत्र के साथ संवैधानिक व लोकतांत्रिक आकांक्षाओं के अनुरूप देश के सभी नागरिकों के लिए त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है, खास तौर पर कमजोर और पिछले वर्ग के लोगों के लिए।
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गृह मंत्री ने लिखा है, भारतीय लोकतंत्र का सात दशक का अनुभव हमारे आपराधिक कानूनों की व्यापक समीक्षा की मांग करता है, खास तौर पर भारतीय दंड संहिता 1860, अपराध प्रक्रिया संहिता 1973 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 की समीक्षा की जानी चाहिए। इन्हें समसामयिक जरूरतों और हमारे लोगों की आकांक्षाओं के अनुरूप ढालने की जरूरत है।
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आपराधिक न्याय व्यवस्था में आमूलचूल बदलाव लाने की कोशिश
शाह ने देश के प्रधान न्यायाधीश, हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों, राज्यों के मुख्यमंत्रियों, केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासकों, बार काउंसिलों और विधि विश्वविद्यालयों से भी अपने सुझाव भेजने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा आपराधिक न्याय व्यवस्था में आमूलचूल बदलाव लाने की कोशिश वास्तव में जनभागीदारी की असाधारण कवायद होगी जो सभी पक्षों की भागीदारी से ही सफल हो सकती है। गृह मंत्रालय का इरादा विभिन्न पक्षकारों से सुझाव प्राप्त करने के बाद ही आपराधिक कानूनों में व्यापक बदलाव करने का है।
मणिपुर को दी 2450 करोड़ की सौगात
इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मणिपुर में 2,450 करोड़ रुपये के 29 विकास कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के नेतृत्व में राज्य सरकार पांच साल के लिए राज्य के हर कोने के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री बीरेन सिंह भी मौजूद रहे। शाह ने कहा कि पीएम मोदी ने बीते दिन 3,000 करोड़ रुपये से अधिक की 21 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया था और पांच राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला रखी थी। आज 265 करोड़ रुपये से अधिक की 15 परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया है। साथ ही 2,194 करोड़ रुपये की 14 परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया है।