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Maharashtra: 'मराठी भाषा महाराष्ट्र की आत्मा, सरकार इसकी प्रतिष्ठा को कभी नहीं पहुंचाएगी नुकसान', NCP का बयान

Mon, 23 Jun 2025 04:35 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई। Published by: निर्मल कांत Updated Mon, 23 Jun 2025 04:35 PM IST
सार

Maharashtra: हिंदी थोपे जाने के विवाद पर उप मुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने कहा कि मराठी महाराष्ट्र की आत्मा है और उसकी प्रतिष्ठा को कोई नुकसान नहीं पहुंचने देंगे। सरकार ने पिछले हफ्ते तीसरी भाषा के रूप में हिंदी पढ़ाने का आदेश दिया था। जिस पर विपक्ष का कहना है कि यह हिंदी को थोपने का प्रयास है। 

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Marathi language is soul of Maharashtra, govt will never harm its status: NCP
आनंद परांजपे - फोटो : एक्स/आनंद परांजपे

विस्तार

महाराष्ट्र में कथित तौर पर हिंदी को थोपे जाने को लेकर विवाद के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने सोमवार को कहा कि सरकार ऐसा कोई भी फैसला नहीं लेगी जो मराठी भाषा की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाए। मराठी राज्य की आत्मा है। पार्टी के प्रवक्ता आनंद परांजपे ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि सरकार मराठी भाषा के महत्व को बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। 

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मराठी राज्य की एकमात्र भाषा और आत्मा: आनंद परांजपे
उन्होंने कहा कि मराठी भाषा को मोदी सरकार ने शास्त्री भाषा का दर्जा दिया है। परांजपे ने कहा, मराठी ही महाराष्ट्र की एकमात्र भाषा है और आत्मा है। महायुति सरकार ऐसा कोई भी फैसला नहीं लेगी जो इसकी स्थिति को नुकसान पहुंचाए। उप मुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व वाली राकांपा भाजपा के अगुवाई वाले महायुति गठबंधन का हिस्सा है। 
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पिछले हफ्ते सरकार ने जारी किया था संशोधित आदेश
राज्य सरकार ने पिछले हफ्ते एक संशोधित आदेश जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि मराठी और अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में पहली से पांचवीं कक्षा तक के छात्रों को हिंदी आमतौर तीसरी भाषा के रूप में पढ़ाई जाएगी। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि हिंदी अनिवार्य नहीं होगी, लेकिन अगर कोई छात्र हिंदी के अलावा कोई अन्य भारतीय भाषा पढ़ना चाहता है, तो उसे भाषा पढ़ाने के लिए स्कूल में हर कक्षा में कम से कम 20 छात्रों की सहमति जरूरी होगी। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार हिंदी को अपने आप तीसरी भाषा बना रही है। उसने राज्य में हिंदी थोपे जाने का विरोध करने का संकल्प लिया। 

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