{"_id":"676148b0dbb14ba7a90c726e","slug":"maratha-quota-activist-jarange-to-launch-indefinite-fast-from-january-25-newss-update-2024-12-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharashtra: 25 जनवरी से फिर अनिश्चितकालीन अनशन करेंगे मनोज जरांगे; सरकार पर मराठा आरक्षण को लेकर बनाएंगे दबाव","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Maharashtra: 25 जनवरी से फिर अनिश्चितकालीन अनशन करेंगे मनोज जरांगे; सरकार पर मराठा आरक्षण को लेकर बनाएंगे दबाव
Tue, 17 Dec 2024 03:17 PM IST
काव्या मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Tue, 17 Dec 2024 03:17 PM IST
सार
मनोज जरांगे मराठा समुदाय की मागों को लेकर 25 जनवरी से फिर अनिश्चितकालीन अनशन करेंगे।
विज्ञापन
ओबीसी आरक्षण एक्टिविस्ट का मनोज जरांगे
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने मंगलवार को घोषणा की कि वह 25 जनवरी, 2025 से मराठा समुदाय के लिए ओबीसी श्रेणी में नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करेंगे। उन्होंने मराठा समुदाय के लोगों से अपील की कि वे विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शामिल हों और घर पर न रहें।
विज्ञापन
क्या है मांग?
मनोज जरांगे की मुख्य मांग यह है कि कुनबी समुदाय को मराठाओं के 'सेज सोयारे' के तहत मान्यता मिले, जिससे उन्हें ओबीसी श्रेणी में आरक्षण मिल सके। इससे पहले ही कृषि कुनबी समुदाय को ओबीसी श्रेणी में आरक्षण मिल रहा है।
विज्ञापन
उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि उसने मराठा समुदाय से किए गए वादे पूरे नहीं किए। उन्होंने कहा कि अगर सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती, तो वे विरोध जारी रखेंगे।
विज्ञापन
मराठा समुदाय के लोग ओबीसी कोटे का लाभ उठा सकें
जरांगे ने यह भी कहा कि इस अनशन में भाग लेने के लिए कोई भी मराठा समुदाय का सदस्य स्वेच्छा से शामिल हो सकता है। इसके अलावा, उन्होंने सरकार से यह भी कहा कि कुनबी प्रमाणपत्र देने की प्रक्रिया को तेज किया जाए, ताकि मराठा समुदाय के लोग ओबीसी कोटे का लाभ उठा सकें।
फरवरी में, महाराष्ट्र सरकार ने मराठा समुदाय के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का एक विधेयक पारित किया था, लेकिन जरांगे ओबीसी श्रेणी के तहत आरक्षण की मांग कर रहे हैं।