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Telangana: छत्तीसगढ़ के 14 माओवादियों का तेलंगाना पुलिस के सामने आत्मसमर्पण, ऑपरेशन च्युता से मिलेगा नया जीवन
Tue, 06 May 2025 06:40 PM IST
शुभम कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
Published by: शुभम कुमार
Updated Tue, 06 May 2025 06:40 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ के 14 माओवादियों ने तेलंगाना पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया, जिनमें दो एरिया कमेटी सदस्य भी शामिल हैं। आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादियों को ऑपरेशन च्युता के तहत पुनर्वास योजनाओं का लाभ मिलेगा।
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File Photo
- फोटो : वीडियो ग्रैब/एएनआई
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के 14 सदस्यों ने तेलंगाना पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया। पुलिस के अनुसार इन 14 माओवादियों में दो एरिया कमेटी के सदस्य (एसीएम) सदस्य भी शामिल हैं। उन्होंने भद्राद्री कोठागुडेम जिले के पुलिस अधीक्षक बी रोहित राजू के समक्ष में आत्मसमर्पण किया है।
ऑपरेशन च्युता अभियान से मिलेगा लाभ
आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को ऑपरेशन च्युता के तहत योजनाओं का लाभ मिलेगा। ऑपरेशन च्युता पुलिस प्रशासन की तरफ से शुरू की गई एक पहल है जो तेलंगाना में माओवादी कार्यकर्ताओं को आत्मसमर्पण करने और समाज में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करती है।
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बता दें कि यह कार्यक्रम जनजातीय समुदायों के लिए कल्याणकारी और विकास योजनाओं पर केंद्रित है और माओवादियों को इन योजनाओं से लाभ उठाने का अवसर मिलता है। पुलिस ने अन्य माओवादी सदस्यों से अपील की है कि यदि वे आत्मसमर्पण करके सामान्य जीवन में लौटना चाहते हैं , तो पास के पुलिस स्टेशन या जिला अधिकारियों से संपर्क करें।
छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर चलाया जा रहा अभियान
गौरतलब है कि सुरक्षाबल ने छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर बड़ा नक्सल मुक्त अभियान चला रहे हैं। इस ऑपरेशन में करीब 24,000 सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। हेलीकॉप्टरों और ड्रोनों की सहायता से घने जंगलों में निरीक्षण किया जा रहा है। छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर स्थित पहाड़ियों में नक्सलियों के खिलाफ 21 अप्रैल को ‘मिशन संकल्प’ अभियान शुरू किया गया है।
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सरकार की सख्त चेतावनी
कारण है कि सरकार ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि नक्सलियों के साथ कोई शांति वार्ता नहीं की जाएगी। यदि नक्सली आत्मसमर्पण करेंगे, आत्मसमर्पण नीति के तहत उनका पुनर्वास किया जाएगा। और जो हिंसा का रास्ता चुनेंगे, उनसे सख्ती से निपटा जाएगा।
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ऑपरेशन च्युता अभियान से मिलेगा लाभ
आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को ऑपरेशन च्युता के तहत योजनाओं का लाभ मिलेगा। ऑपरेशन च्युता पुलिस प्रशासन की तरफ से शुरू की गई एक पहल है जो तेलंगाना में माओवादी कार्यकर्ताओं को आत्मसमर्पण करने और समाज में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करती है।
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बता दें कि यह कार्यक्रम जनजातीय समुदायों के लिए कल्याणकारी और विकास योजनाओं पर केंद्रित है और माओवादियों को इन योजनाओं से लाभ उठाने का अवसर मिलता है। पुलिस ने अन्य माओवादी सदस्यों से अपील की है कि यदि वे आत्मसमर्पण करके सामान्य जीवन में लौटना चाहते हैं , तो पास के पुलिस स्टेशन या जिला अधिकारियों से संपर्क करें।
छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर चलाया जा रहा अभियान
गौरतलब है कि सुरक्षाबल ने छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर बड़ा नक्सल मुक्त अभियान चला रहे हैं। इस ऑपरेशन में करीब 24,000 सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। हेलीकॉप्टरों और ड्रोनों की सहायता से घने जंगलों में निरीक्षण किया जा रहा है। छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर स्थित पहाड़ियों में नक्सलियों के खिलाफ 21 अप्रैल को ‘मिशन संकल्प’ अभियान शुरू किया गया है।
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सरकार की सख्त चेतावनी
कारण है कि सरकार ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि नक्सलियों के साथ कोई शांति वार्ता नहीं की जाएगी। यदि नक्सली आत्मसमर्पण करेंगे, आत्मसमर्पण नीति के तहत उनका पुनर्वास किया जाएगा। और जो हिंसा का रास्ता चुनेंगे, उनसे सख्ती से निपटा जाएगा।