Spy Calls: भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच जासूसी कॉल्स में हो रही बढ़ोतरी, सीमा इलाकों में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच सीमा से सटे क्षेत्रों में जासूसी कॉल्स बढ़ गई है। जैसलमेर एसपी ने बताया कि फर्जी अधिकारी बनकर संवेदनशील जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है, जिसको लेकर सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस अलर्ट मोड पर हैं। साथ ही लोगों को जागरूक करने का अभियान भी चलाया जा रहा है।
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जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ता ही जा रहा है। जहां आतंकवादियों का पनाहगाह पाकिस्तान लगातार अपने नापाक इरादे दिखा रहा है। इसी बीच सीमा से सटे इलाकों में संदिग्ध जासूसी कॉल्स की संख्या में भी तेजी देखी जा रही है। मामले में जैसलमेर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सुधीर चौधरी ने बताया कि अज्ञात कॉलर्स सेना या सरकारी अधिकारी बनकर लोगों से संवेदनशील जानकारी निकालने की कोशिश कर रहे हैं।
पुलिस अधिक्षक ने दिए सतर्क रहने के निर्देश
एसपी सुधीर चौधरी ने बताया कि मामले में बढ़ते जासूसी कॉल्स को देखते हुए हमने सभी अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। लोग अगर किसी अजनबी कॉलर से ऐसी जानकारी मांगे जाने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें। उन्होंने कहा कि अब पहले की तरह हनी ट्रैप के जरिए एजेंट नहीं बनाए जा रहे, बल्कि सीधे लोगों से जानकारी मांगी जा रही है। एक संदिग्ध एजेंट को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। रिपोर्ट की माने तो जैसलमेर में कई ऐसे लोग हैं जो लंबी अवधि के वीजा पर हैं और जिनके रिश्तेदार पाकिस्तान में रहते हैं। आशंका है कि उन्हें पैसे या दबाव के जरिए भारत की संवेदनशील जानकारी देने के लिए मजबूर किया जा सकता है।
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सुरक्षाबल लोगों को कर रहें जागरूक
हालांकि तनाव को देखते हुए बीएसएफ और पुलिस ने सीमा क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी है। सेना के कैंपों और महत्वपूर्ण संस्थानों के पास रहने वाले नागरिकों को जागरूक किया जा रहा है। हाल ही में पठान खान नाम के एक व्यक्ति से जुड़ा मामला सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने लोगों को चेताया कि छोटी सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। इसको लेकर एसपी चौधरी ने बताया कि अगर किसी को किसी संदिग्ध व्यक्ति के बारे में जानकारी है और वह बताता नहीं है, तो उस पर भी कार्रवाई की जाएगी।
कल होगा सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल
बता दें कि भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को 7 मई को सिविल डिफेंस की तैयारी के लिए मॉक ड्रिल आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत हवाई हमले की चेतावनी के सायरन, नागरिकों और छात्रों को सुरक्षा प्रशिक्षण, महत्वपूर्ण स्थलों की छिपाव व्यवस्था और निकासी योजनाओं का अभ्यास किया जाएगा।
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पहलगाम आतंकी हमला, एक नजर
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में बीते मंगलवार 22 अप्रैल को आतंकियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलियां बरसा कर 26 लोगों की नृशंस हत्या कर दी थी। सेना की वर्दी में आए दहशतगर्दों ने पहलगाम की बायसरन घाटी में पर्यटकों से पहले उनका धर्म पूछा, परिचय पत्र देखे और फिर हिंदू हो कहकर गोली मार दी।
टीआरएफ ने ली हमले की जिम्मेदारी
तीन जुलाई से शुरू होने जा रही श्रीअमरनाथ यात्रा से पहले इस कायराना हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा से जुड़े गुट द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली है। फरवरी, 2019 में पुलवामा में हुए हमले के बाद से जम्मू-कश्मीर में यह सबसे बड़ा आतंकी हमला है। उस हमले में सीआरपीएफ के 47 जवान मारे गए थे।
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