कोरोना के खिलाफ लड़ाई में केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग जरूरी: मनमोहन सिंह
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पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कोरोना संकट के खिलाफ लड़ाई में संसाधनों की उपलब्धता पर जोर देते हुए गुरुवार को कहा कि केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग से ही इस लड़ाई में कामयाबी मिलेगी। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला के मुताबिक कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में मनमोहन ने कहा कि लॉकडाउन की सफलता को आखिरकार कोविड-19 से निपटने की हमारी क्षमता से परखा जाएगा।
उन्होंने कहा, 'केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग कोरोना संकट के खिलाफ लड़ाई में हमारी सफलता की कुंजी है।' सिंह ने कहा कि इस लड़ाई में कई मुद्दों पर ध्यान देने की जरूरत है। कोरोना के खिलाफ लड़ाई बहुत हद तक संसाधनों की उपलब्धता पर निर्भर करती है। बैठक में कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने केंद्र से वित्तीय सहयोग की जरूरत पर जोर दिया।
पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि अभी केंद्र की ओर से उनके राज्य के लिए जीएसटी का 4400 करोड़ रुपये का बकाया जारी नहीं किया गया है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि अगर केंद्र सरकार राज्यों की वित्तीय मदद नहीं करती है तो कोरोना के खिलाफ लड़ाई कमजोर हो जाएगी। उन्होंने केंद्र से बड़े वित्तीय पैकेज की मांग की।
Success of lockdown is to be judged finally on our ability to tackle #COVID19. Cooperation between the Centre & states is key to the success of our fight against COVID: Former PM Dr Manmohan Singh at CWC meeting (file pic) pic.twitter.com/RxhgMP1AKt
— ANI (@ANI) April 23, 2020
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि विभिन्न राज्यों में फंसे मजदूरों और विद्यार्थियों को उनके घर भेजने के लिए केंद्र को नीति बनाने की जरूरत है। लेकिन केंद्र सरकर इस मुद्दे पर चुप है। उन्होंने भी केंद्र से वित्तीय सहयोग की मांग की। पुड्डुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने कहा कि केंद्र की ओर से उनके इस केंद्रशासित प्रदेश को जीएसटी का 600 करोड़ रुपये का बकाया नहीं मिला है।