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मणिपुर: संगीतकार विक्रम ने मौत से तीन दिन पहले भेजा था क्या संदेश? मां ने सुनाई आखिरी दिनों की कहानी

Thu, 10 Sep 2026 04:28 PM IST
देवेश त्रिपाठी पीटीआई, इंफाल
पीटीआई, इंफाल Published by: देवेश त्रिपाठी Updated Thu, 10 Sep 2026 04:28 PM IST
सार

दिल्ली में हमले के बाद जान गंवाने वाले मणिपुरी संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह के परिवार ने उनके आखिरी दिनों को याद किया। उनकी मां कमला देवी ने बताया कि मौत से कुछ दिन पहले विक्रम ने अपने बेटे के परीक्षा परिणाम की जानकारी देते हुए खुशी जताई थी। विक्रम की मौत के दिन परिवार ने उनके धार्मिक पिता से यह खबर छिपाई और पहले उनकी हालत गंभीर होने की बात बताई। 

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Manipuri musician Chongtham Vikram Singh mother recalls-last-days-before-delhi-assault-death
मां ने पिता से छिपाई थी बेटे की मौत की खबर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

मणिपुर के चर्चित संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह की दिल्ली में कथित पीट-पीटकर हत्या से कुछ दिन पहले उन्होंने अपनी मां को संदेश भेजकर अपने बेटे के सेमेस्टर परीक्षा में अच्छे अंक आने की जानकारी दी थी। मणिपुरी संगीतकार की 86 वर्षीय मां चोंगथम कमला देवी ने गुरुवार को बताया कि विक्रम अपने बेटे के अच्छे प्रदर्शन से बेहद खुश थे और उन्होंने कहा था कि उसे पुरस्कार भी मिलेंगे।
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मणिपुर की मशहूर पार्श्व गायिका और 'मणिपुर की लता मंगेशकर' के नाम से पहचानी जाने वाली कमला देवी ने इंफाल पश्चिम जिले के थांगमेइबंद स्थित अपने आवास पर पीटीआई से बातचीत में बेटे के साथ कला और संगीत पर होने वाली बातचीत को याद किया। उन्होंने बताया कि विक्रम अक्सर उन्हें कला, गीतों और संगीत वाद्ययंत्रों से जुड़े संदेश भेजते थे।
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विक्रम ने मां को क्या संदेश भेजा था?
कमला देवी ने बताया कि मौत से तीन-चार दिन पहले विक्रम ने उन्हें संदेश भेजा था। इसमें उन्होंने बताया था कि उनका पोता सेमेस्टर परीक्षा में अच्छे अंक लेकर आया है और उसे पुरस्कार मिलने वाले हैं। उन्होंने कहा, "उनकी मौत से तीन-चार दिन पहले उन्होंने मुझे संदेश भेजा था कि मेरा पोता सेमेस्टर परीक्षा में बहुत अच्छे अंक लाया है और उसे पुरस्कार मिलेंगे... हम बहुत खुश थे।"
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विक्रम के परिवार ने उनके पिता से मौत की खबर क्यों छिपाई?
  • जिस दिन विक्रम की मौत हुई, उस दिन 'एकादशी' थी। उनके 95 वर्षीय पिता काफी धार्मिक हैं और उस दिन व्रत रखे हुए थे। परिवार ने तय किया कि उन्हें रात के खाने के बाद विक्रम की मौत की जानकारी दी जाएगी।
  • हालांकि, परिवार ऐसा नहीं कर सका। उन्हें बताया गया कि कुछ लोगों के हमले में विक्रम घायल हुए हैं और आईसीयू में हैं। अगली सुबह कमला देवी जल्दी उठीं और उन्होंने अखबार छिपा दिया, ताकि उनके पति की नजर खबर पर न पड़े।

विक्रम के पिता को बाद में क्या बताया गया?
कमला देवी ने बताया कि नाश्ते के बाद परिवार ने विक्रम के पिता को सीधे मौत की खबर नहीं दी। उन्हें बताया गया कि विक्रम की तबीयत बिगड़ गई है और उनके बचने की संभावना कम है। बाद में जब उन्हें विक्रम की मौत की जानकारी दी गई तो वह अपने कमरे में चले गए और खाना खाने से इनकार कर दिया।

उन्होंने कहा, "नाश्ते के बाद हमने विक्रम के पिता को सीधे तौर पर बताए बिना कहा कि उनकी तबीयत बिगड़ गई है और बचने की संभावना कम है। जब हमने बाद में उनके पिता को विक्रम की मौत की खबर दी तो वह अपने कमरे में चले गए और खाना खाने से इनकार कर दिया।"

परिवार ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर क्या बताया?
कमला देवी ने कहा कि बेटे की मौत के बाद से उनकी भूख खत्म हो गई है। उन्होंने कहा, "उनकी मौत के बाद से मेरी भूख खत्म हो गई है... मैंने सिर्फ कुछ केले खाए हैं।" विक्रम के भाई चोंगथम टॉमी ने कहा कि परिवार को अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिली है। उन्होंने दिल्ली पुलिस और संबंधित अधिकारियों के साथ निर्वाचित प्रतिनिधियों की मदद के लिए उनका आभार जताया। 

विक्रम का अंतिम संस्कार कब हुआ?
परिवार के सदस्यों ने बुधवार शाम संगीतकार का अंतिम संस्कार किया। उनके पार्थिव शरीर को इंफाल लाया गया था। गौरतलब है कि 54 वर्षीय विक्रम की दिल्ली के किलोकरी इलाके में उनके घर के बाहर एक ढाबे से आने वाले शोर पर आपत्ति करने के बाद पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है और एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया है।


संगीत की दुनिया में विक्रम की क्या पहचान थी?
चोंगथम विक्रम सिंह जाने-माने संगीतकार और गिटारवादक थे। वह दो दशक से अधिक समय से किलोकरी में रह रहे थे। 1980 के दशक की शुरुआत में वह मणिपुर के रॉक बैंड फीनिक्स के मुख्य गिटारवादक थे। बाद में उन्होंने दिल्ली में संगीत शिक्षक और कलाकार के रूप में काम किया।
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