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Manipur: कांग्रेस ने हिंसा के लिए BJP को ठहराया जिम्मेदार, फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने खरगे को सौंपी रिपोर्ट
Wed, 24 May 2023 11:50 PM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Wed, 24 May 2023 11:50 PM IST
सार
मणिपुर सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह ने कहा, बुधवार को सिंगडा कदंगबंद की ऊपरी पहाड़ी से कुछ संदिग्ध हथियारबंद बदमाशों ने फायरिंग कर दी। फायरिंग की घटना में एक व्यक्ति के हाथ और पैर में गोली लगी है।
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मणिपुर हिंसा
- फोटो : ANI
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विस्तार
मणिपुर का दौरा करने के बाद कांग्रेस की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने वहां भड़की हिंसा के लिए भाजपा की विभाजनकारी नीतियों और राज्य सरकार की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। कांग्रेस महासचिव मुकुल वासनिक के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम मणिपुर का दौरा कर बुधवार को लौटी।
टीम ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को अपनी रिपोर्ट सौंपी है। रिपोर्ट में मौजूदा हालात के लिए भाजपा शासित सरकार को दोषी करार दिया है। टीम का हिस्सा रहे पूर्व नौकरशाह और कांग्रेस नेता अजय कुमार ने आरोप लगाया कि सरकार ने वहां भाजपा को लाभ पहुंचाने के लिए विभाजनकारी नीतियों को लागू किया, जिसके चलते कुकी और मैतई समुदाय जो कि लंबे समय से शांति और सांप्रदायिक सौहार्द के साथ रह रहे थे, हिंसा के लिए प्रेरित हुए। रिपोर्ट में कहा गया है कि हिंसा के चलते 54 हजार लोग विस्थापित हुए, 2 हजार घरों को नुकसान पहुंचा, सौ लोगों की मौत हुई और कई शव अब भी थानों में पड़े अंतिम संस्कार की बाट जोह रहे हैं। दो सौ चर्चों को नुकसान हुआ। एक हजार हथियार और छह हजार गोलियां लूटी गईं। कई थानों को जला दिया गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि हिंसा के बावजूद गृहमंत्री और प्रधानमंत्री ने राज्य के हालात के बारे में कोई चिंता व्यक्त नहीं की। अजय कुमार ने कहा कि ऐसे हालात सोमालिया और सूडान में होते हैं। उन्होंने कहा कि इस लड़ाई की बागडोर पूरी तरह चरमपंथियों के हाथों में हैं।
पड़ोसी राज्यों में फैल सकती है हिंसा की आंच
टीम ने आशंका जताई कि हिंसा की आंच पड़ोसी राज्यों में मिजोरम और असम तक भी पहुंच सकती है, कानून व्यवस्था की हालात बिगड़ने पर स्थिति और खराब हो सकती। इसलिए केंद्र सरकार को तुरंत दखल देना चाहिए और हालात को सामान्य बनाने की कोशिशों को तेज करना चाहिए।
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फिर भड़की हिंसा
हिंसाग्रस्त मणिपुर के सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह ने कहा है कि मंगलवार और बुधवार को एक बार फिर दो जिलों में आगजनी और गोलीबारी की घटना समाने आई है। इस बीच, विष्णुपुर और चुराचांदपुर जिलों में पूरी तरह से कर्फ्यू लगा दिया गया। उन्होंने कहा कि स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में हैं। पुलिस ने तीन मई की हिंसा को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए है।
कुलदीप सिंह ने कहा, असम राइफल्स और मणिपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने कांगचुक में एक कार को रोका। इसमें तीन लोग सवार थे। गाड़ी से भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद बरामद किया गया। कार में सवार तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है और बरामद हथियारों के साथ उनको पुलिस को सौंप दिया गया है। मंगलवार रात सिग्दा के अपर हिल्स में हुई घटना में कुछ संदिग्धों ने हमला कर दिया। घटना में गोली लगने से एक व्यक्ति घायल हो गया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद सेना और मणिपुर राइफल्स को तुरंत भेजा गया। घायल व्यक्ति को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। वह अब खतरे से बाहर है।
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टीम ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को अपनी रिपोर्ट सौंपी है। रिपोर्ट में मौजूदा हालात के लिए भाजपा शासित सरकार को दोषी करार दिया है। टीम का हिस्सा रहे पूर्व नौकरशाह और कांग्रेस नेता अजय कुमार ने आरोप लगाया कि सरकार ने वहां भाजपा को लाभ पहुंचाने के लिए विभाजनकारी नीतियों को लागू किया, जिसके चलते कुकी और मैतई समुदाय जो कि लंबे समय से शांति और सांप्रदायिक सौहार्द के साथ रह रहे थे, हिंसा के लिए प्रेरित हुए। रिपोर्ट में कहा गया है कि हिंसा के चलते 54 हजार लोग विस्थापित हुए, 2 हजार घरों को नुकसान पहुंचा, सौ लोगों की मौत हुई और कई शव अब भी थानों में पड़े अंतिम संस्कार की बाट जोह रहे हैं। दो सौ चर्चों को नुकसान हुआ। एक हजार हथियार और छह हजार गोलियां लूटी गईं। कई थानों को जला दिया गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि हिंसा के बावजूद गृहमंत्री और प्रधानमंत्री ने राज्य के हालात के बारे में कोई चिंता व्यक्त नहीं की। अजय कुमार ने कहा कि ऐसे हालात सोमालिया और सूडान में होते हैं। उन्होंने कहा कि इस लड़ाई की बागडोर पूरी तरह चरमपंथियों के हाथों में हैं।
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पड़ोसी राज्यों में फैल सकती है हिंसा की आंच
टीम ने आशंका जताई कि हिंसा की आंच पड़ोसी राज्यों में मिजोरम और असम तक भी पहुंच सकती है, कानून व्यवस्था की हालात बिगड़ने पर स्थिति और खराब हो सकती। इसलिए केंद्र सरकार को तुरंत दखल देना चाहिए और हालात को सामान्य बनाने की कोशिशों को तेज करना चाहिए।
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फिर भड़की हिंसा
हिंसाग्रस्त मणिपुर के सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह ने कहा है कि मंगलवार और बुधवार को एक बार फिर दो जिलों में आगजनी और गोलीबारी की घटना समाने आई है। इस बीच, विष्णुपुर और चुराचांदपुर जिलों में पूरी तरह से कर्फ्यू लगा दिया गया। उन्होंने कहा कि स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में हैं। पुलिस ने तीन मई की हिंसा को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए है।
कुलदीप सिंह ने कहा, असम राइफल्स और मणिपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने कांगचुक में एक कार को रोका। इसमें तीन लोग सवार थे। गाड़ी से भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद बरामद किया गया। कार में सवार तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है और बरामद हथियारों के साथ उनको पुलिस को सौंप दिया गया है। मंगलवार रात सिग्दा के अपर हिल्स में हुई घटना में कुछ संदिग्धों ने हमला कर दिया। घटना में गोली लगने से एक व्यक्ति घायल हो गया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद सेना और मणिपुर राइफल्स को तुरंत भेजा गया। घायल व्यक्ति को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। वह अब खतरे से बाहर है।
Manipur | Today at around 1.30 am, there was firing from the upper hill of Singda Kadangband by some suspected armed miscreants. One person received bullet injury on his right little finger and right thigh. He has been evacuated to RIMS Hospital for treatment. BSF and one Section… pic.twitter.com/493A1WpMnx
— ANI (@ANI) May 24, 2023