{"_id":"646127d28d3353e3cc0e4626","slug":"manipur-violence-cm-biren-singh-along-ministers-meet-amit-shah-jp-nadda-in-delhi-2023-05-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Manipur Violence: दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह से मिले सीएम बीरेन सिंह, मणिपुर में फिर भड़की हिंसा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Manipur Violence: दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह से मिले सीएम बीरेन सिंह, मणिपुर में फिर भड़की हिंसा
Sun, 14 May 2023 11:56 PM IST
गुलाम अहमद
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली/इंफाल
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली/इंफाल
Published by: गुलाम अहमद
Updated Sun, 14 May 2023 11:56 PM IST
सार
रविवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह को दिल्ली तलब कर लिया गया। वह अपने कैबिनेट के चार मत्रियों के साथ दिल्ली पहुंचे और गृहमंत्री अमित शाह तथा जेपी नड्डा के साथ मुलाकात की। सीएम बीरेन सिंह ने राज्य की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया।
विज्ञापन
मणिपुर के मुख्यमंत्री बीरेन सिंह
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
हिंसाग्रस्त मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह रविवार को अपनी कैबिनेट के चार मंत्रियों के साथ दिल्ली पहुंचे और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तथा भाजपा जेपी नड्डा से मुलाकात की। इस दौरान सीएम बीरेन सिंह ने पार्टी आलाकमान को राज्य की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया। सीएम बीरेन के साथ कैबिनेट मंत्री टीएच बिस्वजीत, गोविंददास कोंथौजम, टीएच बसंतकुमार और वाई खेमचंद के अलावा मणिपुर भाजपा अध्यक्ष ए शारदा देवी भी मौजूद रहीं। मणिपुर के नेता पीएम नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात कर सकते हैं।
विज्ञापन
वहीं, मणिपुर में शनिवार देर रात ट्रोरबोंग क्षेत्र में अराजक तत्वों ने दस घरों को आग के हवाले कर दिया। इनमें से कुछ घर पूरी तरह जल गए हैं और कुछ घर आधे जिल गए हैं। हिंसा को देखते हुए बीएसएफ की पांच टुकड़ियों को तैनान कर दिया गया है। अभी भी चुराचांदपुर और विष्णुपुर जिलों के बॉर्डर क्षेत्रों में स्थिति सामान्य नहीं है।
विज्ञापन
इस बीच, मणिपुर में मृतकों की संख्या 73 हो गई है। सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह ने रविवार को बताया कि शनिवार देर रात करीब 12 बजे चुराचांदपुर जिले के टोरबोंग गांव में कुछ अराजत तत्वों ने करीब दस घरों को आग के हवाले कर दिया। इनमें से कई घर पूरी तरह से जल गए जबकि कुछ घर अधजले हैं। घटना की जानकारी मिलते ही बीएसएफ की दो कंपनियों को भेज गया। तब तक अराजक तत्व भाग चुके थे। इसके बाद रविवार सुबह तीन और कंपनियों को भेजा गया है। अब स्थिति सामान्य है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि चुराचांदपुर और विष्णुपर जिलों की सीमा में हालात सामान्य नहीं हैं। उन्होंने बताया कि कांकपोकपी जिले में दो टिपर ट्रक जला दिए गए, जबकि तीन टिपर ट्रक और पांचों ड्राइवर सुरक्षित इंफाल लाए जा रहे हैं। सिंह ने राज्य की जनता से अपील की है कि किसी भी तरह की अफवाह में नहीं आएं और शांति बनाने में प्रशासन व सेना की ममद करें। सिंह ने बताया कि इस बीच, सीआरपीएफ के एक असिस्टेंड कमांडेंड पर आरोप लगा है कि अपने क्षतिग्रस्त घर को देखने के लिए जाने पर उन्होंनेे स्थानीय लोगों के साथ दुर्व्यवहार किया। उनकी पहचान
डेनियल मार्क के रूप मेंं हुई है। उन्हें ड्यूटी से हटा दिया गया है। जांच जारी है।
चुराचांदपुर और फेरजावली जिलों में कार्फ्यू में कोई ढील नहीं
उन्होंने बताया कि मणिपुर के तीन जिलों में कर्फ्यू में पूरी तरह से ढील दी जा रही है। पांच जिलों में सुबह पांच बजे से दोपहर 12 बजे तक, जिरिबाम जिले में 10 घंटे का और चंदेल, टेक्नोपॉल और कांकपोकपी जिलों में सात घंटे की ढील दी गई। चुराचांदपुर और फेरजावली जिलों में कार्फ्यू में कोई ढील नहीं दी गई है। बाकी जिलों में कोई कर्फ्यू नहीं है। अब तक कुल 385 मामले दर्ज हुए है। 456 हथियार बरामद किए जा चुके हैं। प्रदेश में करीब 178 राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां 26,358 लोग रह रहे हैं।
सेनापति जिले में उग्रवादियों ने बनाए बंकर
सूत्रों के मुताबिक सेनापति जिले के बोंगबल खुल्लेन गांव, नोंगपोक कीथेलमनबी में कुकी उग्रवादियों ने तलहटी में बंकर स्थापित कर लिए हैं। कुकी उग्रवादी तलहटी में गश्त कर रहे हैं और सीधे फायरिंग कर रहे हैं। वे भगदड़ मचा रहे हैं। लोग जिला प्रशासन से मदद मांग रहे हैं। उन्होंने उग्रवादियों का सफाया करने और एक उग्रवादी मुक्त राज्य बनाने की मांग की है।
बिना इंटरनेट के तीन सप्ताह
इधर, मणिपुर तीसरे सप्ताह में बिना इंटरनेट सेवा के प्रवेश कर गया है, क्योंकि राज्य सरकार ने 12 मई से पांच और दिनों के लिए राज्य भर में मोबाइल डेटा और ब्रॉडबैंड सेवाओं सहित इंटरनेट सेवाओं को निलंबित कर दिया है। इसके कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मंत्री बोले, चार महीने का है आवश्यक वस्तुओं का स्टॉक
चावल और खाद्य पदार्थों जैसी आवश्यक वस्तुओं के स्टॉक खत्म होने की संभावना पर चिंता के बीच उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण (सीएएफपीडी) मंत्री एल. सुसिंद्रो ने बताया कि राज्य में पर्याप्त स्टॉक है। उन्होंने कहा, किसी को भी किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। राज्य में एनएफएसए के तहत चार महीने के लिए चावल का पर्याप्त स्टॉक है। उन्होंने कहा कि सरकार पहले चरण में 10 जिलों के लिए खुले बाजार में बिक्री (ओएमएस) शुरू करने के लिए तैयार है, इसके बाद शेष छह जिलों के लिए बिक्री की जाएगी। मंत्री बताया कि सरकार असम के खरखती से आवश्यक वस्तुओं को ले जाने वाले लगभग 300 ट्रकों के सुगम मार्ग को सुनिश्चित करने के लिए प्रयास कर रही है।