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Manipur: बच्चों की हत्या के विरोध में प्रदर्शन, मशाल के साथ सड़कों पर उतरे हजारों लोग; सुरक्षाबलों के साथ झड़प
Fri, 17 Apr 2026 09:35 AM IST
Pavan
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल / गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल / गुवाहाटी
Published by: Pavan
Updated Fri, 17 Apr 2026 09:35 AM IST
सार
मणिपुर में एक बार फिर शांति और कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। दरअसल, त्रोंग्लाओबी में हुए बम धमाके के खिलाफ हजारों लोगों ने मशाल लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान सुरक्षाबलों के साथ प्रदर्शनकारियों की झड़प भी हुई है।
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इंफाल में प्रदर्शन के बाद पुलिस तैनात (फाइल)
- फोटो : ANI
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विस्तार
मणिपुर में हालात एक बार फिर तनावपूर्ण हो गए हैं। इंफाल पश्चिम जिले में हजारों लोगों ने प्रशासन के आदेशों को नजरअंदाज करते हुए गुरुवार शाम मशाल जुलूस निकाला। यह जुलूस 7 अप्रैल को बिष्णुपुर जिले के त्रोंग्लाओबी में हुए बम धमाके के खिलाफ था, जिसमें दो मासूम बच्चों की जान चली गई थी।
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हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन
शाम करीब सात बजे सिंगजामेई इलाके से शुरू हुआ यह प्रदर्शन देखते ही देखते बड़ा रूप ले गया। लोग हाथों में मशाल लेकर सड़कों पर उतर आए और हमलावरों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग करने लगे। प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए करीब दो किलोमीटर तक मार्च करते हुए चिंगामथक तक पहुंच गए, जो मुख्यमंत्री के आवास, पुलिस मुख्यालय और लोक भवन के पास का इलाका है।
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निषोधाज्ञा लागू होने के बाद भी सड़कों पर उतरे लोग
हालांकि, इलाके में पहले से ही निषोधाज्ञा लागू थी, जिसके तहत शाम पांच बजे से सुबह पांच बजे तक लोगों के घर से बाहर निकलने पर रोक है। सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका और वापस जाने को कहा, लेकिन भीड़ नहीं मानी। इसके बाद स्थिति धीरे-धीरे बिगड़ती चली गई।
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पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया
वहीं तनाव बढ़ने पर सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। इस दौरान कुछ युवाओं ने पत्थरबाजी भी की, जिससे हालात और ज्यादा बिगड़ गए। झड़प में कई लोग घायल हो गए, जिनमें से कम से कम पांच को अस्पताल ले जाना पड़ा। इनमें ज्यादातर लोगों को हल्की चोटें और आंसू गैस की वजह से सांस लेने में दिक्कत हुई। अधिकारियों का कहना है कि कुछ लोग इस संवेदनशील स्थिति का फायदा उठाकर सरकार और सुरक्षा बलों के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। फिलहाल इलाके में कर्फ्यू जैसे प्रतिबंध लागू हैं और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
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हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन
शाम करीब सात बजे सिंगजामेई इलाके से शुरू हुआ यह प्रदर्शन देखते ही देखते बड़ा रूप ले गया। लोग हाथों में मशाल लेकर सड़कों पर उतर आए और हमलावरों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग करने लगे। प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए करीब दो किलोमीटर तक मार्च करते हुए चिंगामथक तक पहुंच गए, जो मुख्यमंत्री के आवास, पुलिस मुख्यालय और लोक भवन के पास का इलाका है।
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निषोधाज्ञा लागू होने के बाद भी सड़कों पर उतरे लोग
हालांकि, इलाके में पहले से ही निषोधाज्ञा लागू थी, जिसके तहत शाम पांच बजे से सुबह पांच बजे तक लोगों के घर से बाहर निकलने पर रोक है। सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका और वापस जाने को कहा, लेकिन भीड़ नहीं मानी। इसके बाद स्थिति धीरे-धीरे बिगड़ती चली गई।
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पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया
वहीं तनाव बढ़ने पर सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। इस दौरान कुछ युवाओं ने पत्थरबाजी भी की, जिससे हालात और ज्यादा बिगड़ गए। झड़प में कई लोग घायल हो गए, जिनमें से कम से कम पांच को अस्पताल ले जाना पड़ा। इनमें ज्यादातर लोगों को हल्की चोटें और आंसू गैस की वजह से सांस लेने में दिक्कत हुई। अधिकारियों का कहना है कि कुछ लोग इस संवेदनशील स्थिति का फायदा उठाकर सरकार और सुरक्षा बलों के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। फिलहाल इलाके में कर्फ्यू जैसे प्रतिबंध लागू हैं और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।