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सरकारी अफसरों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर लगेगी लगाम?: सरकार ला सकती है नई आचार संहिता, बनाए जा रहे नियम
Thu, 03 Sep 2026 10:47 PM IST
प्रशांत तिवारी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: प्रशांत तिवारी
Updated Thu, 03 Sep 2026 10:47 PM IST
सार
सरकार अपने अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया आचार संहिता लाने पर विचार कर रही है। दरअसल, कर्मचारियों के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रील, वीडियो और अपनी निजी राय साझा करने को लेकर सरकार के स्तर पर चिंता बढ़ी है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
सरकार सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के सोशल मीडिया इस्तेमाल के लिए नई आचार संहिता लाने पर विचार कर रही है। इसके तहत अनुचित विषयों पर वीडियो या निजी राय पोस्ट करने और अपने पद या काम का महिमामंडन करने वाली सामग्री साझा करने पर रोक लगाई जा सकती है। प्रस्तावित नियम सभी अधिकारियों और कर्मचारियों पर लागू हो सकते हैं। हालांकि, आचार संहिता कब जारी होगी और इसमें क्या प्रावधान होंगे, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
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सोशल मीडिया पर क्या पोस्ट करें, इसे लेकर तय होंगे नियम
सरकार के उच्च स्तर पर इस मुद्दे को लेकर चर्चा हो चुकी है। अब एक ऐसी आचार संहिता तैयार करने पर विचार किया जा रहा है, जिसके तहत अधिकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अनुचित या आपत्तिजनक विषयों से जुड़े वीडियो और निजी राय साझा नहीं कर सकेंगे।
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सभी अधिकारियों और कर्मचारियों पर लागू हो सकती है आचार संहिता
सूत्रों के अनुसार, एक बार सोशल मीडिया आचार संहिता तैयार होने के बाद इसे सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों पर लागू किया जा सकता है। इसमें अधिकारी का पद या रैंक क्या है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। यानी नियमों का दायरा शीर्ष स्तर के अधिकारियों से लेकर अन्य कर्मचारियों तक हो सकता है।
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कब आएगी नई सोशल मीडिया आचार संहिता?
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि सरकार सोशल मीडिया आचार संहिता को कब तक जारी करेगी। साथ ही, इसमें किन-किन गतिविधियों को प्रतिबंधित किया जाएगा और अधिकारियों के लिए क्या-क्या दिशा-निर्देश तय होंगे, इसकी भी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
अधिकारियों के ‘महिमामंडन’ वाले पोस्ट भी चिंता की वजह
सरकार का यह कदम ऐसे समय में सामने आया है, जब अधिकारियों द्वारा सोशल मीडिया पर अपने काम और पद का महिमामंडन करने वाली सामग्री साझा करने के मामले बढ़ रहे हैं। सरकारी सेवा में रहते हुए इस तरह की सामग्री पोस्ट करना कर्मचारियों से अपेक्षित आचरण के अनुरूप नहीं माना जाता। इसी वजह से सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर स्पष्ट आचार संहिता की जरूरत महसूस की जा रही है।
फिलहाल सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर स्पष्ट नियम नहीं
सूत्रों के मुताबिक, सरकार को सोशल मीडिया आचार संहिता की जरूरत इसलिए भी महसूस हुई है क्योंकि मौजूदा समय में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर इस तरह के स्पष्ट और व्यापक नियम मौजूद नहीं हैं। नई आचार संहिता के जरिए इस अंतर को दूर करने की कोशिश की जा सकती है।
संवेदनशील मामलों में कंटेंट हटाने की समय-सीमा पहले ही घटाई जा चुकी है
पिछले महीने सरकार ने संवेदनशील मामलों से जुड़े ऑनलाइन कंटेंट को हटाने की समय-सीमा भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए पहले के 24 घंटे से घटाकर दो घंटे कर दी थी। सरकार का यह कदम ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक और संवेदनशील सामग्री के खिलाफ कार्रवाई को और तेज करने की दिशा में उठाया गया था।
डीपफेक और AI कंटेंट पर भी सरकार का फोकस
डीपफेक और AI से तैयार की गई सामग्री समेत सिंथेटिकली जेनरेटेड इंफॉर्मेशन (SGI) से होने वाले नुकसान से निपटने के लिए नियामकीय ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से इस साल 10 फरवरी को IT नियम, 2021 में संशोधन किए गए थे।
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गैर-कानूनी कंटेंट हटाने की समय-सीमा भी हुई कम
6 अगस्त को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि अनुपालन की समय-सीमा को और सख्त किया गया है। इसमें उचित सरकार या अदालत के आदेश से वैध और तर्कसंगत जानकारी मिलने पर गैर-कानूनी सामग्री को हटाने की समय-सीमा 36 घंटे से घटाकर 3 घंटे कर दी गई है। इसके अलावा, शिकायत निवारण की समय-सीमा में भी बदलाव किया गया है। नग्नता, किसी अन्य व्यक्ति का रूप धारण करने जैसी विशेष श्रेणियों से जुड़ी शिकायतों के निपटारे की समय-सीमा 72 घंटे से घटाकर 36 घंटे कर दी गई है। वहीं, संवेदनशील मामलों में यह समय-सीमा पहले के 24 घंटे से घटाकर 2 घंटे कर दी गई है।