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मणिपुर में बंद का आह्वान: तीन मैतेई लोगों की हत्या के विरोध में 48 घंटे की राज्यव्यापी हड़ताल, जनजीवन प्रभावित
Tue, 20 Oct 2026 03:02 PM IST
अमन मौर्या
पीटीआई, इंफाल, मणिपुर
पीटीआई, इंफाल, मणिपुर
Published by: अमन मौर्या
Updated Tue, 20 Oct 2026 03:02 PM IST
सार
मणिपुर में तीन मैतेई लोगों की हत्या के विरोध में बुलाई गई 48 घंटे की राज्यव्यापी हड़ताल से पांच घाटी जिलों में जनजीवन प्रभावित रहा। बाजार, शिक्षण संस्थान और परिवहन सेवाएं बंद रहीं।
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मणिपुर में तनाव
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
मणिपुर के घाटी वाले पांच जिलों में मंगलवार को जनजीवन प्रभावित रहा। संदिग्ध उग्रवादियों द्वारा तीन मैतेई लोगों की हत्या के विरोध में एक नागरिक समाज समूह (सिविल सोसाइटी ग्रुप) ने राज्यव्यापी 48 घंटे की हड़ताल बुलाई है, जिसके चलते बाजार, शिक्षण संस्थान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। सार्वजनिक परिवहन सेवाएं ठप रहीं, हालांकि कुछ निजी वाहन सड़कों पर चलते देखे गए। इंफाल पूर्व, इंफाल पश्चिम, बिष्णुपुर, थौबल और काकचिंग जिलों में ज्यादातर बाजार, शिक्षण संस्थान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे।
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'नेटिव पीपुल कमिटी मणिपुर' के सदस्यों ने इंफाल पूर्व और इंफाल पश्चिम जिलों के विभिन्न हिस्सों में सड़कें जाम कर दीं और विरोध प्रदर्शन किया। बता दें कि कांगपोकपी जिले की सुनुरोक पहाड़ियों में एक दिन पहले लकड़ी इकट्ठा करने गए तीन लोगों की हत्या कर दी गई थी। इसके विरोध में समूह ने राज्यव्यापी हड़ताल बुलाया है। इस संगठन ने मंगलवार और बुधवार के लिए बंद का आह्वान किया है।
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पुलिस ने क्या कहा?
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि एहतियात के तौर पर राज्य की राजधानी और उसके आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। उन्होंने कहा कि आज सुबह किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं है, लेकिन कुछ इलाकों में प्रदर्शनकारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। सोमवार रात को, प्रदर्शनकारियों ने इंफाल पश्चिम जिले के क्वाकेइथेल और चिंगमेइरोंग तथा इंफाल पूर्व के खुराई लमलॉन्ग में सड़कों पर टायर जलाए।
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कब से जल रहा मणिपुर?
बता दें कि मणिपुर में मई 2023 में घाटी में रहने वाले मैतेई और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले कुकी समुदायों के बीच जातीय संघर्ष शुरू हुआ था। इस संघर्ष में अब तक करीब 306 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 49 लोग लापता हैं। इसके अलावा हजारों लोग बेघर हो गए हैं। हाल के महीनों में कुकी और नागा समुदायों के बीच भी झड़पों की खबरें सामने आई हैं।
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'नेटिव पीपुल कमिटी मणिपुर' के सदस्यों ने इंफाल पूर्व और इंफाल पश्चिम जिलों के विभिन्न हिस्सों में सड़कें जाम कर दीं और विरोध प्रदर्शन किया। बता दें कि कांगपोकपी जिले की सुनुरोक पहाड़ियों में एक दिन पहले लकड़ी इकट्ठा करने गए तीन लोगों की हत्या कर दी गई थी। इसके विरोध में समूह ने राज्यव्यापी हड़ताल बुलाया है। इस संगठन ने मंगलवार और बुधवार के लिए बंद का आह्वान किया है।
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पुलिस ने क्या कहा?
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि एहतियात के तौर पर राज्य की राजधानी और उसके आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। उन्होंने कहा कि आज सुबह किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं है, लेकिन कुछ इलाकों में प्रदर्शनकारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। सोमवार रात को, प्रदर्शनकारियों ने इंफाल पश्चिम जिले के क्वाकेइथेल और चिंगमेइरोंग तथा इंफाल पूर्व के खुराई लमलॉन्ग में सड़कों पर टायर जलाए।
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कब से जल रहा मणिपुर?
बता दें कि मणिपुर में मई 2023 में घाटी में रहने वाले मैतेई और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले कुकी समुदायों के बीच जातीय संघर्ष शुरू हुआ था। इस संघर्ष में अब तक करीब 306 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 49 लोग लापता हैं। इसके अलावा हजारों लोग बेघर हो गए हैं। हाल के महीनों में कुकी और नागा समुदायों के बीच भी झड़पों की खबरें सामने आई हैं।