फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Manipur minister said No question of violating constitutional provisions as alleged by Congress

Manipur: 'संविधान के नियमों का नहीं हुआ कोई उल्लंघन', शीतकालीन सत्र न बुलाए जाने के आरोप पर कानून मंत्री

Tue, 24 Dec 2024 05:44 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल Published by: काव्या मिश्रा Updated Tue, 24 Dec 2024 05:44 PM IST
सार

कानून मंत्री थौनाओजम बसंत कुमार सिंह ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 174 के अनुसार, राज्य की विधानमंडल की बैठक कम से कम दो बार साल में बुलानी चाहिए और पिछले सत्र तथा अगले सत्र के बीच छह महीने से अधिक का अंतर नहीं होना चाहिए।

विज्ञापन
Manipur minister said No question of violating constitutional provisions as alleged by Congress
कानून मंत्री थौनाओजम बसंत कुमार सिंह - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मणिपुर में विधानसभा का शीतकालीन सत्र न बुलाए जाने पर कांग्रेस लगातार राज्य सरकार पर हमला बोल रही है। उसका आारोप है कि राज्य सरकार ने विधानसभा का शीतकालीन सत्र न बुलाकर संविधानिक नियमों का उल्लंघन किया है। हालांकि, कानून मंत्री थौनाओजम बसंत कुमार सिंह ने मंगलवार को उसके सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया।

विज्ञापन


कानून मंत्री ने कही ये बात
मंत्री ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 174 के अनुसार, राज्य की विधानमंडल की बैठक कम से कम दो बार साल में बुलानी चाहिए और पिछले सत्र तथा अगले सत्र के बीच छह महीने से अधिक का अंतर नहीं होना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस वर्ष बजट सत्र और शरदकालीन सत्र पहले ही आयोजित किए जा चुके हैं।
विज्ञापन


संविधान के नियमों का उल्लंघन का आरोप गलत
उन्होंने आगे कहा, 'मणिपुर कांग्रेस का यह आरोप कि संविधान के नियमों का उल्लंघन हुआ है, गलत है। ओकरम इबोबी सिंह के 2002 से 2016 तक मुख्यमंत्री रहते हुए पांच बार ऐसा हुआ जब विधानसभा सत्र एक कैलेंडर वर्ष में केवल दो बार बुलाए गए थे। भाजपा सरकार के तहत संविधान का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है।'
विज्ञापन
विज्ञापन


कुमार की यह टिप्पणी कांग्रेस विधायक दल के नेता ओ इबोबी सिंह के उन हालिया आरोपों के मद्देनजर आई है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि भाजपा नीत सरकार ने विधानसभा का शीतकालीन सत्र नहीं बुलाकर संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन किया है।

इसलिए नहीं बुलाए गए सत्र
कानून मंत्री ने कहा कि मणिपुर सरकार ने हमेशा संविधान की अनिवार्य प्रावधानों और मणिपुर विधानमंडल द्वारा बनाए गए नियमों को लागू करने की कोशिश की है। सामान्य समय में, सरकार ने 2017 से 2020 के बीच तीन बार विधानसभा सत्र बुलाए थे। उन्होंने कोविड-19 महामारी और पिछले साल तीन मई को हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना का जिक्र करते हुए कहा कि इन परिस्थितियों के कारण राज्य सरकार ने आवश्यक सत्र नहीं बुलाए, क्योंकि जनता को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।


इस बीच, बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन मणिपुर (BOSEM) के कर्मचारियों द्वारा आक्रोशित विरोध के दौरान कुमार ने कहा कि अखम जोयकुमार सिंह को चेयरमैन के रूप में नियुक्त किया गया है और यह नियुक्ति नियमों के तहत की गई है। उन्होंने कर्मचारियों से हड़ताल समाप्त करने की अपील करते हुए कहा कि यह छात्रों के हित में होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed