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Manipur: 'विदेशी लोगों के अवैध गांव नहीं बसने देंगे, शरणार्थियों की मदद करेंगे'; सीएम बीरेन सिंह का बड़ा बयान

Sat, 16 Dec 2023 08:56 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल Published by: ज्योति भास्कर Updated Sat, 16 Dec 2023 08:56 PM IST
सार

मणिपुर में विदेशी लोगों के अवैध गांव नहीं बसने देंगे। सीएम बीरेन सिंह ने बड़े बयान में कहा है कि सरकार मानवता के आधार पर शरणार्थियों की पूरी मदद करेगी। बता दें कि मई में जातीय हिंसा के कारण मणिपुर में 170 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

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Manipur CM N Biren Singh foreigners illegal villages not allowed ready for shelter
मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह (फाइल) - फोटो : ANI

विस्तार

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि सरकार मानवीय आधार पर शरण मांगने वाले लोगों की मदद करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने दो टूक कहा कि विदेशी लोगों को मणिपुर में घुसने और अवैध गांव बसाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सीएम बीरेन सिंह ने कहा, म्यांमार से भागने के बाद केमजोंग जिले में शरण लेने वाले शरणार्थियों के बायोमेट्रिक विवरण जुटाएगा। अधिकारी ने कहा कि म्यांमार में सेना और कथित उग्रवादियों के बीच झड़प और हिंसा की खबरें आई थीं। इसके बाद म्यांमार से भागे करीब 2060 लोग मणिपुर की सीमा पर केमजोंग जिले में पांच जगहों पर जमा हैं।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि मानवीय आधार पर सरकार लोगों को शरण देने से इनकार नहीं कर सकती, लेकिन उन्हें अस्थायी तौर पर शरण दी जाएगी। इससे पहले उनके बायोमेट्रिक विवरण लिए जाएंगे। सरकार इन लोगों को मणिपुर में गलत तरीके से घुसने और अवैध गांव बसाने से रोकना चाहती है। सीएम एन बीरेन सिंह पाकिस्तानी सेना पर 52 साल पहले मिली शानदार जीत का उत्सव मनाने वाले कार्यक्रम में बोल रहे थे। भारतीय सेना की जीत को विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है।
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म्यांमार से आए शरणार्थियों को खाना, दवाई और टेंट मुहैया कराने की बात कहते हुए सीएम बीरेन सिंह ने कहा, सीमावर्ती इलाकों में पुलिस को अतिरिक्त एहतियात बरतने को कहा गया है। उन्होंने केंद्रीय और राज्य के सुरक्षाबलों की सराहना करते हुए कहा कि बीते छह महीने से अधिक समय तक प्रदेश में शांति बहाल करने में सुरक्षाबलों ने उल्लेखनीय भूमिका निभाई। 
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बता दें कि मैतेई और कुकी समुदाय के लोगों के बीच तीन मई को गंभीर टकराव हुआ था। इसके बाद लंबे समय तक प्रदेश का माहौल तनावपूर्ण रहा। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के कारण माहौल खराब होने की बात पर भी चिंता प्रकट की। उन्होंने समुदायों के बीच बैर और अविश्वास बढ़ाने की साजिश के खिलाफ सुरक्षा अधिकारियों को सचेत किया। सीएम ने कहा कि प्रोपगैंडा पर नकेल कसने के लिए पुलिस, अद्धसैनिक बल और सेना की विशेषज्ञ टीम को मिलकर कार्रवाई करनी चाहिए।


विदेशी घुसपैठ और म्यांमार से सटी सीमा के कारण संवेदनशील हालात को देखते हुए यह जानना भी अहम है कि मणिपुर की 398 किलोमीटर लंबी सीमा म्यांमार से सटी है। अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर मणिपुर आने वाले अधिकांश लोग चिन समुदाय से जुड़े हैं। इनका मणिपुर में पहले से रहने वाले कुकी समुदाय से जातीय रिश्ता माना जाता है।
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