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मणिपुर: महिला पुलिस अधिकारी ने सीएम बीरेन पर लगाए गंभीर आरोप, कोर्ट से मिला ये निर्देश
Sat, 25 Jul 2020 02:58 PM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल
Published by: Sneha Baluni
Updated Sat, 25 Jul 2020 02:58 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
मणिपुर की एक अदालत ने एक महिला पुलिस अधिकारी को मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के खिलाफ किसी भी तरह का 'निराधार और मानहानिकारक' बयान नहीं देने का निर्देश दिया है। अधिकारी ने मुख्यमंत्री पर एक कथित ड्रग डीलर को छोड़ने के लिए उन पर दबाव डालने का आरोप लगाया था।
बुधवार को अपने आदेश में, दीवानी न्यायाधीश वाई समरजीत सिंह ने मणिपुर पुलिस सेवा की अधिकारी थौनाओजाम बृंदा और कुछ समाचार पत्रों सहित 10 अन्य प्रतिवादियों को मौखिक रूप से मानहानिकारक बयान देने, रिपोर्टिंग करने या प्रकाशित करने से बचने का निर्देश दिया है।
अदालत सिंह द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें अधिकारी को उनके खिलाफ 'मानहानिकारक' बयान देने और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप से संबंधित सामग्री को मीडिया में प्रकाशित करने से रोकने का आदेश देने का आग्रह किया था।
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अखबारों ने बृंदा की ओर से दायर एक हलफनामे के आधार पर एक लेख प्रकाशित किया था, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि मुख्यमंत्री ने उन पर एक ड्रग रैकेट के कथित सरगना लुखोसेई जोउ को छोड़ने का दबाव डाला था।
ड्रग तस्करी को लेकर की गई यह छापेमारी जून 2018 में की गई थी। पुलिस ने जब्त किए गए नशीले पदार्थों और नकदी की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 28 करोड़ रुपये से अधिक आंकी थी।
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बुधवार को अपने आदेश में, दीवानी न्यायाधीश वाई समरजीत सिंह ने मणिपुर पुलिस सेवा की अधिकारी थौनाओजाम बृंदा और कुछ समाचार पत्रों सहित 10 अन्य प्रतिवादियों को मौखिक रूप से मानहानिकारक बयान देने, रिपोर्टिंग करने या प्रकाशित करने से बचने का निर्देश दिया है।
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अदालत सिंह द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें अधिकारी को उनके खिलाफ 'मानहानिकारक' बयान देने और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप से संबंधित सामग्री को मीडिया में प्रकाशित करने से रोकने का आदेश देने का आग्रह किया था।
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अखबारों ने बृंदा की ओर से दायर एक हलफनामे के आधार पर एक लेख प्रकाशित किया था, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि मुख्यमंत्री ने उन पर एक ड्रग रैकेट के कथित सरगना लुखोसेई जोउ को छोड़ने का दबाव डाला था।
ड्रग तस्करी को लेकर की गई यह छापेमारी जून 2018 में की गई थी। पुलिस ने जब्त किए गए नशीले पदार्थों और नकदी की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 28 करोड़ रुपये से अधिक आंकी थी।