मणिपुर: CM काफिले पर हमले और जिरीबाम हिंसा पर BJP विधायक ने जताई चिंता, अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
भाजपा विधायक राजकुमार इमो सिंह ने बुधवार को एक्स पर एक पोस्ट किया। इसमें उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने साल की शुरुआत में जिरीबाम की स्थिति पर एक खुफिया रिपोर्ट अधिकारियों को सौंपी थी। रिपोर्टों के बावजूद उदासीनता बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ जांच की जानी चाहिए।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मणिपुर में एक बार फिर हिंसक घटनाएं हुईं हैं। इन हमलों को लेकर भाजपा विधायक ने चिंता जताई। उन्होंने खुफिया रिपोर्टों के बावजूद कार्रवाई न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बता दें, कांगपोकपी जिले में सोमवार को मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के काफिले पर घात लगाकर हमला किया गया था। इसके अलावा, जिरीबाम जिले में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस चौकिों और घरों को फूंक दिया था।
भाजपा विधायक ने की शिकायत
भाजपा विधायक राजकुमार इमो सिंह ने बुधवार को एक्स पर एक पोस्ट किया। इसमें उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने साल की शुरुआत में जिरीबाम की स्थिति पर एक खुफिया रिपोर्ट अधिकारियों को सौंपी थी। रिपोर्टों के बावजूद उदासीनता बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ जांच की जानी चाहिए। अधिकारियों को लोगों के जीवन और संपत्तियों के नुकसानके लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। मामले की जांच लंबित रहने तक उन्हें निलंबित किया जाना चाहिए। कानून के अनुसार उनपर कार्रवाई की जानी चाहिए।
राज्य सरकार ने अधिकारियों को भेजी थी रिपोर्ट
बता दें, प्रदेश के जिरीबाम जिले में हुई हिंसा से छह माह पहले राज्य सरकार ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को तीन बार पत्र लिखकर सुरक्षा बढ़ाने के लिए कहा था। राज्य सरकार ने डीजीपी को बार-बार जिरीबाम में कुकी विद्रोहियों द्वारा उत्पन्न खतरों को रोकने के लिए कहा था।
यह है जिरीबाम हादसा
मणिपुर के जिरीबाम में रविवार को संदिग्ध उग्रवादियों ने दो पुलिस चौकियों, वन विभाग के बीट ऑफिस सहित 70 से अधिक घरों को आग के हवाले कर दिया था। आग लगाने के बाद हथियारों से लैस संदिग्ध उग्रवादी गांवों में बेखौफ घूमते नजर आए। हालात की गंभीरता को देखते हुए मणिपुर पुलिस की एक कमांडो टुकड़ी को शनिवार सुबह इंफाल से हवाई मार्ग से जिरीबाम भेजा गया। अन्य जिलों से भौ सुरक्षाबल भेजे गए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उग्रवादियों ने शुक्रवार मध्यरात्रि करीब 12:30 बजे बराक नदी के किनारे चोटोबेकरा और जिरी पुलिस चौकी में आग लगा दी। उग्रवादियों ने लमताई खुनौ, मोधुपुर इलाके में अंधेरे का फायदा उठाकर कई हमले किए और जिले के बाहरी इलाकों में 70 से ज्यादा घरों को आग लगा दी थी।