फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Man alleges serious side effects who took part in trial of covidshield vaccine in Chennai

बड़ा झटका: 'कोविडशील्ड' के गंभीर साइड-इफेक्ट का दावा, पांच करोड़ मुआवजा मांगा

Sun, 29 Nov 2020 09:36 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई Published by: गौरव पाण्डेय Updated Sun, 29 Nov 2020 09:36 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Man alleges serious side effects who took part in trial of covidshield vaccine in Chennai
सांकेतिक तस्वीर

चेन्नई में हुए कोविडशील्ड वैक्सीन के ट्रायल में हिस्सा लेने वाले एक व्यक्ति ने खुराक लेने के बाद गंभीर साइड इफेक्ट सामने आने की बात कही है। 40 वर्षीय व्यक्ति ने कहा है कि वैक्सीन की खुराक लेने के बाद गंभीर साइड इफेक्ट दिखे हैं, जिसमें वर्चुअल न्यूरोलॉजिकल ब्रेकडाउन जैसी समस्या भी शामिल है। व्यक्ति ने पांच करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की है। उल्लेखनीय है कि इस वैक्सीन को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और फार्मा कंपनी एस्ट्राजेनेका ने तैयार किया है। वहीं, ट्रायल कराने वाले सीरम इंस्टीट्यूट ने इन दावों को नकार दिया है।


loader

चेन्नई में हुए कोविडशील्ड वैक्सीन के ट्रायल में हिस्सा लेने वाले एक व्यक्ति ने खुराक लेने के बाद गंभीर साइड इफेक्ट सामने आने की बात कही है। 40 वर्षीय व्यक्ति ने कहा है कि वैक्सीन की खुराक लेने के बाद गंभीर साइड इफेक्ट दिखे हैं, जिसमें वर्चुअल न्यूरोलॉजिकल ब्रेकडाउन जैसी समस्या भी शामिल है। व्यक्ति ने पांच करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की है। उल्लेखनीय है कि इस वैक्सीन को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और फार्मा कंपनी एस्ट्राजेनेका ने तैयार किया है। वहीं, ट्रायल कराने वाले सीरम इंस्टीट्यूट ने इन दावों को नकार दिया है।
 


व्यक्ति ने सीरम इंस्टीट्यूट और अन्य को भेजे गए एक कानूनी नोटिस में मुआवजे से साथ ट्रायल पर रोक लगाने की मांग भी की है। व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि संभावित वैक्सीन सुरक्षित नहीं है। इसके साथ ही उसने वैक्सीन की जांच, उत्पादन और वितरण को रद्द करने की मांग भी की है। यह नोटिस बता दें कि इस वैक्सीन का भारत में ट्रायल पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया करवा रही है। सीरम इंस्टीट्यूट के साथ यह नोटिस आईसीएमआर और श्री रामचंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन रिसर्च को भी भेजा गया है।

व्यक्ति ने आरोप लगाया कि टीका लगवाने के बाद उसे तीव्र मस्तिष्क विकृति, मस्तिष्क को प्रभावित करने वाली क्षति अथवा रोग का सामना करना पड़ा है और सभी जांचों से पुष्टि हुई है कि उसकी सेहत को टीका परीक्षण से नुकसान हुआ है। इस व्यक्ति को एक अक्तूबर को टीका लगाया गया था।

व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि वैक्सीन की खुराक लेने के बाद उसे दिमाग को प्रभावित करने वाली समस्या एक्यूट एंसेफेलोपैथी का सामना करना पड़ा। व्यक्ति का कहना है कि सभी जांचों से यह साफ हो गया है कि उसके स्वास्थ्य में आई समस्याओं का कारण वैक्सीन ही है। नोटिस में कहा गया है कि वैक्सीन लेने के बाद व्यक्ति ट्रॉमा में चला गया, जिससे साफ होता है कि वैक्सीन सुरक्षित नहीं है और सभी हिस्सेदार उन प्रभावों को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं जो उक्त व्यक्ति पर दिखे हैं। 

सीरम इंस्टीट्यूट ने दिया ये जवाब

ट्रायल में हाल ही में सामने आई थी एक और गलती

बीते दिनों भी इस वैक्सीन के ट्रायल में एक गलती का पता चला था। हालांकि, यह गलती एक तरह से बेहतर ही साबित हुई थी। दरअसल, ट्रायल में जिन लोगों को वैक्सीन की कम खुराक दी गई थी, उन पर 90 फीसदी असर हुआ था, जबकि जिन्हें दो पूरी खुराक दी गई, उनमें वैक्सीन 62 फीसदी ही प्रभावी पाई गई थी। इसके बाद पूर्व में वैक्सीन की प्रभाविता के बारे में किए गए दावों पर भी सवाल उठे थे। एस्ट्राजेनेका ने बीते बुधवार को एक बयान में इसकी जानकारी दी थी।

अरविंदो फार्मा को उम्मीद, अप्रैल-मई तक हो जाएगा वैक्सीन संयंत्र का व्यवसायीकरण

अरबिंदो फार्मा को उम्मीद है कि उसके हैदराबाद स्थित वैक्सीन विनिर्माण संयंत्र का व्यवसायीकरण अगले साल अप्रैल-मई तक हो जाएगा। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। हैदराबाद स्थित दवा कंपनी इस संयंत्र पर 275 करोड़ रुपये निवेश कर रही है, जिसका इस्तेमाल कोविड-19 सहित विभिन्न वायरस बीमारियों के इलाज के लिए किया जाएगा।

संक्रामक बीमारी के लिए अपनी वैक्सीन विकसित करने और सीएसआईआर के साथ जुड़कर वैक्सीन विकसित करने के अलावा अरविंदो फार्मा अन्य कंपनियों के साथ गठजोड़ करने की योजना भी बना रही है, जो इसके मुकाबले जल्द दवा विकसित करने में सफल हो सकती हैं। कंपनी के प्रबंध निदेशक एन गोविंदराजन ने कहा, कंपनी कुछ संभावित साझेदारों की संभावनाएं भी तलाश रही है, जो उसके या सीएसआईआर उत्पाद के मुकाबले अपने उत्पाद जल्दी तैयार कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed