ममता ने नेताजी को दी श्रद्धांजलि, आज ही के दिन भारतीय जमीन पर फहराया था झंडा
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 1943 में पोर्ट ब्लेयर में नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा तिरंगा फहराने की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर रविवार को स्वतंत्रता सेनानी को श्रद्धांजलि दी। बोस ने 30 दिसंबर 1943 को पोर्ट ब्लेयर की सेल्यूलर जेल में पहली बार राष्ट्र ध्वज फहराया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि नेताजी देशवासियों को प्रेरित करते रहेंगे।
ममता ने ट्वीट कर कहा, ‘30 दिसंबर 1943 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने पोर्ट ब्लेयर में पहली बार तिरंगा फहराया था। इस ऐतिहासिक घटना की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर मैं महान नेता को झुककर नमन करती हूं। नेताजी हमें प्रेरित करते रहेंगे।’ केंद्र सरकार ने इस ऐतिहासिक घटना के मौके पर 75 रुपये का स्मारक सिक्का जारी करने की घोषणा की है।
वहीं आज पीएम नरेंद्र मोदी दो दिन के दौरे पर अंडमान और निकोबार पहुंचे हुए हैं। वह पोर्ट ब्लेयर के उस स्थान पर जाएंगे जहां नेताजी ने भारत की धरती पर पहली बार झंडा फहराया था। बोस ने यह जापानी सेना की मदद से किया था जो अंग्रेजी शासन के खिलाफ द्वीतीय विश्व युद्ध के दौरान लड़ रहे थे।
झंडा फहराने से नेताजी ने सांकेतिक तौर पर भारतीय सेना से 1943 के अंत तक भारतीय जमीन पर खड़े रहने के अपने वादे को पूरा किया था। रॉस द्वीप को औपचारिक तौर पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप बन जाएगा। इसी तरह नील द्वीप शहीद द्वीप और हैवलॉक द्वीप स्वराज द्वीप बन जाएगा।
On December 30, 1943, Netaji Subhas Chandra Bose had hoisted the Tricolour for the first time in #PortBlair. On the occasion of the 75th anniversary of that historic event, I bow humbly to the great leader. #Netaji continues to inspire us
— Mamata Banerjee (@MamataOfficial) December 30, 2018