ममता का दिल्ली दौरा: विपक्षी दलों को एक मंच पर लाने का सपना नहीं हुआ पूरा, ज्यादातर नेताओं ने बनाई दूरी
- पश्चिम बंगाल की सीएम की सोनिया गांधी, अरविंद केजरीवाल के अलावा केवल कनिमोझी से ही हुई मुलाकात
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विपक्षी दलों को एक मंच पर लाने के लिए दिल्ली के दौरे पर आई तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी से ज्यादातर विपक्षी नेता दूरी ही बनाए रहे। पिछले चार दिनों में उनकी कांग्रेस की कार्यवाहक अध्यक्ष सोनिया गांधी, आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल व डीएमके की कनिमोझी के अलावा किसी भी प्रमुख विपक्षी नेता से मुलाकात नहीं हो पाई।
एनसीपी के नेता उनसे मिले, न तेलंगाना राष्ट्र समिति के, न वाईएसआर कांग्रेस या बीजद या शिवसेना का ही कोई नेता उनसे मिलने पहुंचा। यहां तक, उत्तर प्रदेश से सपा सांसद प्रोफेसर रामगोपाल यादव और बसपा के सतीश चंद्र मिश्रा भी मिलने नहीं आए।
ममता के दौरे के चौथे दिन बृहस्पतिवार को कनिमोझी, कांग्रेस सांसद जयराम रमेश, अभिषेक मनु सिंघवी, कमलनाथ, आनंद शर्मा और सिने अभिनेत्री शबाना आजमी और उनके गीतकार पति जावेद अख्तर ने मुलाकात की। ममता के इस दौरे का उद्देश्य उन पार्टियों को एक मंच पर लाने का था जो अपने-अपने राज्य में कांग्रेस से सीधी टक्कर लेते हैं और ऐसे में कांग्रेस के साथ एक मंच पर नहीं आ सकते।
वहीं दूसरी ओर, बुधवार को संसद में रणनीति तय करने के लिए राहुल गांधी द्वारा बुलाई संयुक्त विपक्ष की बैठक से भी तृणमूल कांग्रेस बाहर रही। तृणमूल सूत्रों का कहना था कि संयुक्त विपक्ष की बैठक की अध्यक्षता कर राहुल अपनी दावेदारी मजबूत करना चाहते थे। तृणमूल सांसदों को बैठक में मौजूद लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी पर भी आपत्ति थी क्योंकि चौधरी हमेशा ही ममता बनर्जी की कड़ी आलोचना और कड़ा विरोध करते रहे हैं।
केवल मोदी विरोधी एजेंडे से नहीं टिकेगा मोर्चा : मोइली
कांग्रेस नेता एम वीरप्पा मोइली ने आगाह किया है कि सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विरोधी एजेंडे के बूते विपक्षी मोर्चे को भाजपा से मुकाबला करने में मदद नहीं मिलेगी। उन्होंने राजनीतिक दलों को मिलकर काम करने के लिए एक साझा न्यूनतम कार्यक्रम पेश करने के लिए भी कहा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, विपक्षी दलों को अभी नेतृत्व की चिंता नहीं करनी चाहिए। उन्होंने चेताया, अगर ये दल इस पर ही चर्चा करते रहेंगे कि किस नेता या पार्टी को कमान संभालनी चाहिए तो यह मोर्चा आगे नहीं बढ़ पाएगा। उन्होंने ममता के विपक्षी दलों को एकजुट होने की जरूरत को लेकर उनके बयानों का स्वागत किया।