ममता बनर्जी ने पीएम मोदी से NEET और JEE परीक्षाएं स्थगित करने के लिए कहा
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नेशनल टेस्टिंग एजेंसी(एनटीए) द्वारा एक सितंबर से 6 सितंबर तक जेईई और 13 सितंबर को नीट 2020 तय समय पर करवाने की घोषणा के साथ ही छात्रों के बाद अब राज्यों ने विरोध शुरू कर दिया है। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दोनों परीक्षाएं स्थगित करने को लेकर के्रींय शिक्षा मंत्रालय को पत्र लिखा है। इसमें छात्रहित को ध्यान में रखते हुए तय शेड्यूल के आधार पर परीक्षा आयोजित न करने की अपील की गई है।
ममता बनर्जी ने सोमवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को पत्र लिखने की जानकारी ट्विटर के माध्यम से दी। इसमें उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केसाथ मुख्यमंत्रियों की बैठक में भी अपनी राय रखी थी। सितंबर में नीट और जेईई परीक्षाएं आयोजित कराने के फैसले पर मैं केंद्र से खतरे का आकलन करने और हालात सुधरने तक परीक्षाएं टालने की दोबारा अपील करती हूं। सभी छात्रों के लिये सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना हमारा कर्तव्य है। वहीं, दो दिन पहले दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया ने भी केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को पत्र लिखा है। उन्होंने भी एनटीए केजेईई और नीट को फिलहाल टालने की सिफारिश की है।
डीजीपी और मुख्य सचिव से परीक्षा में सहयोग की अपील
छात्रों और राज्य सरकारों के विरोध केबीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने सभी राज्यों के डीजीपी और मुख्य सचिव से परीक्षा आयोजित करवाने में सहयोग की अपील की है। पुलिस विभाग से परीक्षा केंद्र में कानून व्यवस्था व सुरक्षा बनाए रखने की मांग रखी है। वहीं, मुख्य सचिव को लिखे पत्र में एनटीए ने साफ लिखा है कि उनकी तैयारी पूरी हो चुकी है। जेईई और नीट तय समय पर होगी, इसलिए वे राज्य में परीक्षा आयोतजित करवाने की तैयारी पूरी करें। इसके साथ एसओपी भी भेजी गई है।
जेईई की कंप्यूटर आधारित परीक्षा में ऑड-ईवन फार्मूला
एक से छह सितंबर तक दो-दो शिफ्टों में आयोजित होने वाली जेईई मैन एक कंप्यूटर आधारित परीक्षा होती है। इसमें छात्र कंप्यूटर पर सीधे परीक्षा देते हैं। एनटीए जेईई की शिफ्टों में चलने वाली परीक्षा के दौरान संक्रमण से बचाने के लिए ऑड-ईवन फार्मूला प्रयोग कर रहा है। इसमें सभी कंप्यूटर को ऑड-ईवन नंबर दिया गया है। सीटिंग प्लान में एक कंप्यूटर के बाद दो कंप्यूटर छोड़कर दूसरा छात्र बैठेगा। इसमें सुबह की शिफ्ट में जिस कंप्यूटर पर छात्र बैठा होगा,उसमें दो दिन केबाद दोबारा कोई अन्य छात्र बैठेगा। इसका मकसद उसे सेनेटाइज करने केसाथ 24 घंटे से अधिक खाली रखना है। इसके अलावा पहले दो शिफ्ट में दो घंटे का अंतराल होता था, हालांकि कोविड-19 के चलते अब दो शिफ्टों में तीन घंटे का समय रहेगा। मॉस्क के साथ छात्रों को भी दस्ताने पहनने अनिवार्य होंगे।