फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Mamata writes to Narendra Modi seeks permanent solution to man-made Bengal floods

ममता ने पीएम को लिखी चिट्ठी: झारखंड की वजह से आती है बाढ़, केंद्र से स्थायी समाधान की मांग की

Wed, 06 Oct 2021 03:59 PM IST
अजय सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता। Published by: अजय सिंह Updated Wed, 06 Oct 2021 03:59 PM IST
सार

मंगलवार को भेजे गए चार पन्नों के पत्र में मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि बाढ़ मानव निर्मित थी और झारखंड के पंचेत और मैथन में दामोदर घाटी निगम के बांधों से अनियंत्रित और अनियोजित तरीके से पानी छोड़े जाने के कारण हुई थी।
 

विज्ञापन
Mamata writes to Narendra Modi seeks permanent solution to man-made Bengal floods
mamta banergee

विस्तार

झारखंड में बांधों और बैराजों से छोड़े गए पानी और दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) के तहत आने वाले बांधों से छोड़े जाने वाले पानी से पश्चिम बंगाल के कई जिलों में बाढ़ आने का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर बार-बार आ रही इस समस्या का स्थायी समाधान मांगा है।

विज्ञापन


इस संबंध में चार अगस्त को लिखे गए एक पूर्व पत्र का उल्लेख करते हुए, बनर्जी ने कहा,  '... मैंने उन संरचनात्मक कारकों पर प्रकाश डाला था, जो दक्षिणी बंगाल में गंभीर मानव निर्मित बाढ़ की स्थिति को बार-बार, दयनीय और दुखद रूप से जन्म देते हैं। जब तक भारत सरकार बुनियादी अंतर्निहित संरचनात्मक और प्रबंधकीय मुद्दों का जल्द से जल्द और दीर्घकालिक आधार पर निपटारा नहीं करती है, तब तक हमारे निचले तटवर्ती राज्य में आपदाएं निरंतर जारी रहेंगी।'
विज्ञापन


तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ने कहा कि उन्हें अपने पहले पत्र का जवाब नहीं मिला है। पत्र में कहा गया, 'मेरे द्वारा उठाए गए मुद्दे लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, और मेरा अनुरोध है कि भारत सरकार को बिना किसी देरी के कुछ गंभीर कार्रवाई करनी चाहिए।'
विज्ञापन
विज्ञापन


बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि दामोदार घाटी निगम के अधिकारियों ने भारी बारिश की भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की चेतावनियों पर ध्यान नहीं दिया, और "बांधों से पानी छोड़े जाने को निम्न स्तर पर रखा और जब भारी बारिश हुई, तो उसने 30 सितंबर से दो अक्तूबर के बीच लगभग 10 लाख एकड़ फुट पानी छोड़ा, जिसने त्योहारी मौसमइसे पहले निचले दामोदर क्षेत्र में गंभीर तबाही मचा दी।”


उन्होंने मैथन और पंचेत बांधों से छोड़े गए पानी की तारीख-वार सूची भी दी है। बनर्जी ने कहा कि मैं आपसे तत्काल हस्तक्षेप का अनुरोध करती हूं ताकि भारत सरकार के संबंधित मंत्रालय से अनुरोध किया जाए कि वह पश्चिम बंगाल और झारखंड की सरकारों और दामोदर घाटी निगम के अधिकारियों के साथ मिलकर हमारे राज्य की इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने में मदद करें।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed