{"_id":"5b2ed8ec4f1c1bf16e8b979a","slug":"mamata-will-celebrate-the-death-anniversary-of-shyama-prasad-mukherjee","type":"story","status":"publish","title_hn":"ममता सरकार मनाएगी श्यामा प्रसाद की पुण्यतिथि, भाजपा ने कहा- ममता समझ गईं की अनदेखी पड़ेगी भारी","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
ममता सरकार मनाएगी श्यामा प्रसाद की पुण्यतिथि, भाजपा ने कहा- ममता समझ गईं की अनदेखी पड़ेगी भारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Updated Sun, 24 Jun 2018 05:21 AM IST
विज्ञापन
पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अब जनसंघ के संस्थापन श्यामा प्रसाद मुखर्जी की याद आई। तृणमूल कांग्रेस की ओर से न केवल मुखर्जी की पुण्यतिथि मनाई गई बल्कि उनकी तोड़ी गई प्रतिमा की जगह नई का अनावरण भी किया गया। भारतीय जनता पार्टी ने जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि मनाने के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्णय पर कटाक्ष किया। पार्टी ने कहा कि अब ममता समझ गई हैं कि श्यामा प्रसाद की अनदेखी उनको महंगी पड़ सकती है। इस बीच, प्रदेश भाजपा नेताओं की अगुवाई में शनिवार को महानगर में रैली की गई।
विज्ञापन
अपने भड़काऊ बयानों के लिए हाल में सुर्खियां बटोरने वाले प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि अरसे तक अनदेखी के बाद आखिर अब ममता बनर्जी एक बहादुर बंगाली के योगदान को मान्यता दे रही हैं। उन्होंने कहा कि देर से ही सही सरकार ने श्यामा प्रसाद की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देने का सही फैसला लिया। उन्होंने कहा कि आज भी कश्मीर के मुद्दे पर मुखर्जी का नजरिया ही भाजपा का नजरिया है।
विज्ञापन
ध्यान रहे कि राज्य सरकार ने पहली बार श्यामा प्रसाद की पुण्यतिथि का पालन किया। इस मौके पर सरकार के दो मंत्री फिरहाद हकीम और शोभनदेन चटर्जी ने मुखर्जी की नई स्थापित प्रतिमा को माला पहना कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उधर, भाजपा के राष्ट्रीय सचिव राहुल सिन्हा ने मुखर्जी की प्रतिमा की तोड़फोड़ के लिए ममता को जिम्मेदार ठहराया है।
विज्ञापन
श्यामा प्रसाद की नई प्रतिमा का अनावरण
कोलकाता। भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा में तोड़फोड़ के तीन महीने बाद महानगर में उसी जगह एक नई प्रतिमा स्थापित कर दी गई है। तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने माला पहना कर मुखर्जी की नई प्रतिमा का अनावरण किया। ध्यान रहे कि इस साल मार्च में त्रिपुरा में वाम मोर्चा को हरा कर भाजपा के सत्ता में आने के बाद वहां लेनिन की एक प्रतिमा ढहा दी गई थी। उसके बाद सात मार्च को यहां कुछ माओवाद समर्थक छात्रों ने श्यामा प्रसाद की प्रतिमा के साथ तोड़फोड़ कर कालिख पोत दी थी।