कोरोना की दूसरी लहर: ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री मोदी से पूछा सवाल- महामारी रोकने के लिए आपने छह महीने में क्या किया?
देश में कोरोना की दूसरी लहर बढ़ने के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार ठहराया है। ममता बनर्जी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कोरोना संक्रमण रोकने के लिए पिछले छह महीनों में कौन सा निर्णय लिया
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देश में कोरोना की दूसरी लहर बढ़ने के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार ठहराया है। ममता बनर्जी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कोरोना संक्रमण रोकने के लिए पिछले छह महीनों में कौन सा निर्णय लिया, क्या उनके पास इसका कोई जवाब है? बिलकुल नहीं, अगर केंद्र की ओर से सही समय पर फैसला लिया जाता तो आज ऐसी स्थिति नहीं होती।
बता दें कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर कहर बनकर टूट रही है। बीते 24 घंटे में ढाई लाख से ज्यादा मामले सामने आए हैं। 12 राज्यों की स्थिति दिनोंदिन खराब हो रही है। देश के कई हिस्सों में लोगों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। कई राज्यों में ऑक्सीजन गैस और दवाइयों की कमी पड़ गई है। साथ ही राज्यों ने केंद्र से वैक्सीन किल्लत की भी शिकायत की है।
हालांकि केंद्र सरकार की ओर से पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध कराने की बात कही जा रही है। साथ ही ऑक्सीजन भी मुहैया कराने की घोषणा की गई है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को बताया कि 6177 मीट्रिक टन ऑक्सीजन राज्यों को भेजने की तैयारी शुरू हो गई है। बता दें कि कोरोना की दूसरी लहर में रिकवरी रेट भी सुस्त पड़ गई है और मृत्यु दर बढ़ गई है।
'राजनीतिक प्रदूषण' को पहले रोकने की जरूरत : ममता
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को लोगों से आग्रह किया कि वे कोविड-19 की खराब होती स्थिति को लेकर न घबराएं क्योंकि राज्य सरकार इस बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए हर संभव उपाय कर रही है।
बनर्जी ने मालदा में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए इस बात पर जोर दिया कि बंगाल में रात का कर्फ्यू हो सकता है कि कोई समाधान नहीं हो, जहां 'राजनीतिक प्रदूषण' को पहले रोकने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया कि 'राजनीतिक प्रदूषण' से उनका वास्तव में क्या आशय है।
ममता ने बताया क्या कर रही राज्य सरकार
स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार द्वारा अस्पतालों में कोविड-19 बिस्तरों की संख्या बढ़ाने जैसे उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने सभी कार्यालयों से अनुरोध किया कि वे फिलहाल 50 प्रतिशत कार्यबल के साथ काम करें।
उन्होंने कहा कि मैं सभी से आग्रह करूंगी कि वे घबराएं नहीं। हमने कोविड-19 के मामलों में वृद्धि से निपटने के लिए एक कार्यबल का गठन किया है। हमने बिस्तर, 'सेफ होम' की संख्या बढ़ाई है।
बनर्जी ने केंद्र सरकार से टीकों और दवाओं की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हमने और टीकों की मांग की है, क्योंकि इसकी भारी कमी है। केंद्र को टीकों, दवाओं और ऑक्सीजन सिलेंडरों की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए।
Why didn't you (PM) make plans to stop corona in the last 6 months?... You have to answer this. Prime Minister is responsible for second wave of COVID19. If he would have taken responsible at right time then this wouldn't have happened: West Bengal CM Mamata Banerjee in Kaliganj pic.twitter.com/p8dQtnbQPH
— ANI (@ANI) April 19, 2021
जून तक सभी स्कूल रहेंगे बंद
कालीगंज में चुनावी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि नाइट कर्फ्यू से कोरोना संक्रमण का फैलाव रुकने वाला नहीं है। इसके लिए हमें सतर्क रहने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोग गैरजरूरी रूप से बाहर नहीं निकले। बंगाल सरकार राज्य में कोरोना नियंत्रण के लिए टॉस्क फोर्स गठित करने जा रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार से जून तक सभी स्कूलों में गर्मी छुट्टी की भी घोषणा कर दी है।
बंगाल में तीन चरण का चुनाव बाकी
गौरतलब है कि बंगाल में तीन चरणों का चुनाव अभी बाकी है। बाकी चुनाव को लेकर सियासी दलों के नेता प्रचार प्रसार कर रहे हैं। ममता बनर्जी भी पैर में चोट लगने की वजह से व्हीलचेयर पर बैठकर प्रचार कर रही हैं। कोलकाता के कालीगंज में प्रचार के दौरान ममता बनर्जी ने कोरोना को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। बंगाल में भी कोरोना संक्रमण तेजी से पैर पसार रहा है। राज्य में हर रोज करीब सात हजार मरीज पॉजिटिव निकल रहे हैं।