Politics: ‘चुनाव के बाद टीएमसी सरकार को हटाने की भाजपा की मंशा अधूरी रह जाएगी’, ममता बनर्जी का BJP पर निशाना
सीएम ममता ने शुभेंदु अधिकारी का नाम लिए बिना कहा कि पूर्व मेदिनीपुर जिले के एक नेता चुनाव परिणामों में हेरफेर करने के लिए जिला और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दे रहे हैं।
विस्तार
लोकसभा चुनाव के छह चरण खत्म हो चुके हैं। सातवें और अंतिम चरण के लिए सभी राजनीतिक दलों ने जोर लगा दिया है। इस बीच रविवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद टीएमसी सरकार को हटाने की भाजपा की मंशा अधूरी रह जाएगी।
भाजपा 200 सीटें अब तक नहीं जीत पाई
जादवपुर निर्वाचन क्षेत्र में एक रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने कहा कि मेरा मानना है कि छह चरणों के बाद भी भाजपा 200 सीटें नहीं जीत सकी है। इस बार इंडी गठबंधन केंद्र में सरकार बनाएगी, जिसमें टीएमसी अहम भूमिका निभाएगी। टीएमसी बंगाल में पूरी तरह भाजपा का मुकाबला कर रही है। वहीं, बनर्जी ने दावा किया कि कांग्रेस-सीपीआई गुप्त रूप से भाजपा के साथ गठबंधन में है। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में सीपीएम, कांग्रेस और अन्य दलों ने टीएमसी को बदनाम करने के लिए भाजपा से हाथ मिला लिया है।
उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ अदालत जाएंगे
सीएम ममता ने शुभेंदु अधिकारी का नाम लिए बिना कहा कि पूर्व मेदिनीपुर जिले के एक नेता चुनाव परिणामों में हेरफेर करने के लिए जिला और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दे रहे हैं। इसके अलावा, उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी मुसलमानों और एससी, एसटी और ओबीसी के बीच दरार पैदा करने की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम न्यायपालिका का सम्मान करते हैं लेकिन गर्मियों की छुट्टियों के बाद हम कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ सर्वोच्च अदालत में जाएंगे।
भाजपा यहां एनआरसी और सीएए लागू करना चाहती है, मैं विरोध करूंगी
बनर्जी ने इससे पहले एक रैली में कहा था कि पीएम मोदी सीएए बंगाल में लागू किया जाएगा। हमें समझ नहीं आता कि किसी को नागरिकता के लिए नए सिरे से आवेदन क्यों करना पड़ रहा है। क्यों किसी को 50 साल पुराने दस्तावेज दिखाने पड़ रहे हैं सिर्फ यह साबित करने के लिए कि उसका परिवार बांग्लादेश से आया है। अगर कोई व्यक्ति बिना शर्त आवेदन करे तो हमें कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा यहां एनआरसी और सीएए लागू करना चाहती है। मैं आखिरी सांस तक इसका विरोध करूंगी। मेरे शव पर ही एनआरसी लागू हो सकता है।