Mamata Banerjee in Mumbai: आदित्य और राउत के बाद शरद पवार से मिलीं ममता, भाजपा के खिलाफ एकजुट होने का मुद्दा उठाया
टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी दो दिवसीय दौरे के दौरान उद्योगपतियों से भी मुलाकात करेंगी। इस मुलाकात का उद्देश्य पश्चिम बंगाल में निवेश को बढ़ावा देना है।
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आज से दो दिवसीय मुंबई दौरे पर हैं। आज महाराष्ट्र के मंत्री और शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे और पार्टी नेता संजय राउत ने आज मुंबई में पश्चिम बंगाल की सीएम और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी से मुलाकात की।
इसके बाद ममता एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार से मिलने पहुंची। चर्चा के बाद ममता ने कहा कि चल रहे फासीवाद के खिलाफ किसी की लड़ाई के रूप में एक मजबूत वैकल्पिक रास्ता बनाया जाना चाहिए। शरद जी सबसे वरिष्ठ नेता हैं और मैं अपने राजनीतिक दलों से चर्चा करने आई हूं। शरद जी ने जो भी कहा मैं उससे सहमत हूं। अब यूपीए जैसी कोई चीज नहीं रही।
इसके बाद शरद पवार ने कहा कि मुझसे पहले संजय राउत और आदित्य ठाकरे ने उनसे मुलाकात की। आज, मेरे साथियों और मैंने उनसे लंबी बातचीत की है। उनका इरादा है कि आज की स्थिति में समान विचारधारा वाली ताकतों को राष्ट्रीय स्तर पर एक साथ आना होगा और सामूहिक नेतृत्व स्थापित करना होगा। उन्होंने कहा कि हमें नेतृत्व के लिए एक मजबूत विकल्प प्रदान करना होगा। हमारी सोच आज के लिए नहीं चुनाव के लिए है। इसे स्थापित करना होगा और इसी मंशा के साथ उन्होंने दौरा किया है और हम सभी के साथ बहुत सकारात्मक चर्चा की है। शरद पवार से जब पूछा गया कि क्या कांग्रेस इसका हिस्सा होगी? तो उन्होंने कहा कि कांग्रेस हो या कोई अन्य पार्टी, बात यह है कि जो भाजपा के खिलाफ हैं, अगर वे एक साथ आएंगे, तो उनका स्वागत है।
Maharashtra: West Bengal CM and TMC chief Mamata Banerjee met NCP chief Sharad Pawar in Mumbai today. pic.twitter.com/jW7XkPrv20
— ANI (@ANI) December 1, 2021
इस बीच आदित्य ने कहा- हम उनका मुंबई और महाराष्ट्र में स्वागत करते हैं। हमेशा दोस्ती रही है। हम उनसे 2-3 साल पहले भी मिले थे जब वह मुंबई आई थीं। हम उस दोस्ती को आगे बढ़ाने आए हैं। हमने कई मुद्दों पर चर्चा की लेकिन हम यहां उनके स्वागत के लिए मुंबई आए हैं। ममता का महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से भी मुलाकात का कार्यक्रम था, लेकिन ठाकरे की तबीयत खराब होने की वजह से यह मुलाकात नहीं हो पाएगी। इसके अलावा वह एक दिसंबर यानी बुधवार को मुंबई के कुछ बड़े उद्योगपतियों से भी मुलाकात कर सकतीं हैं। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, ममता बनर्जी की उद्योगपतियों के साथ होने वाली मुलाकात का उद्देश्य पश्चिम बंगाल में निवेश को बढ़ाना है।
पवार से मुलाकात से पहले मलिक का अहम बयान
हालांकि, मीडिया में आई रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री और एनसीपी के वरिष्ठ नेता नवाब मलिक ने मंगलवार को पुष्टि की कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बुधवार दोपहर को राकांपा प्रमुख शरद पवार से मुलाकात करेंगी। एक सवाल के जवाब में मलिक ने कहा कि हर पार्टी को अपना आधार बढ़ाने का प्रयास करने का पूरा अधिकार है, लेकिन कांग्रेस को बाहर रखकर भाजपा के विरोधियों को एकजुट करना असंभव है। मलिक ने कहा कि बंगाल के बाहर टीएमसी का विस्तार हो रहा है और यह हर राजनीतिक दल का अधिकार है। हालांकि, हम मानते हैं कि कांग्रेस को छोड़कर एक संयुक्त विपक्षी मोर्चा संभव नहीं है। पवार साहब भी कई बार इसे स्पष्ट कर चुके हैं।
सिद्धिविनायक मंदिर के दर्शन किए
इससे पहले आज ममता बनर्जी ने सिद्धिविनायक मंदिर के दर्शन किए। इसके बाद ममता बनर्जी ने मुंबई में तुकाराम ओंबले की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की। मुंबई पुलिस में सहायक उप-निरीक्षक तुकाराम ने 2008 के मुंबई हमले में ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवा दी थी।
Mumbai: West Bengal CM and TMC chief Mamata Banerjee visited Siddhivinayak Temple this evening. pic.twitter.com/Je6b5oEZsE
— ANI (@ANI) November 30, 2021
महाराष्ट्र गठबंधन में कांग्रेस से दूरी
महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी के गठबंधन वाली सरकार है। इसमें शिवसेना, कांग्रेस और राकांपा सहयोगी दल हैं। मुंबई दौरे के दौरान वह कांग्रेस नेताओं से नहीं मिलेंगी।
विपक्षी दलों की बैठक से भी बनाई दूरी
इससे पहले टीएमसी ने कांग्रेस द्वारा बुलाई गई विपक्षी दलों की बैठक से भी पूरी तरह दूरी बना ली है। संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले भी टीएमसी सर्वदलीय बैठक में शामिल नहीं हुई थी और अब मंगलवार को भी बुलाई गई बैठक में टीएमसी ने शामिल होने से इंकार कर दिया है। पार्टी अपनी रणनीति अलग से तैयार करेगी।