Mallikarjun Kharge: 'चुनावी मौसम में ठगी की कोशिश', आदिवासी योजनाओं पर कांग्रेस प्रमुख का मोदी सरकार पर निशाना
Mallikarjun Kharge: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार असफल योजनाओं का नाम बदलकर चुनावी मौसम में आदिवासी समुदाय से ठगी करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आदिवासियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों का भी सवाल उठाया।
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कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे ने आदिवासी योजनाओं को लेकर सोमवार को केंद्र सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार चुनावी मौसम में आदिवासी समुदाय को ठगने की कोशिश कर रही है। उन्होंने 2013 की तुलना में आदिवासियों के खिलाफ बढ़ती अपराध दर पर भी सवाल उठाया।
'चुनाव में याद आ रहा आदिवासियों का कल्याण'
उन्होंने संसदीय समिति का हवाला दिया और कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार वन अधिकार अधिनियम, 2006 को लागू करने में विफल रही है। खरगे ने आदिवासी समुदाय को लेकर सरकार से तीन सवाल पूछे और उनसे जुड़े प्रमुख मुद्दों पर जवाबदेही की मांग की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, 'दस साल बाद अब जब चुनाव हो रहे हैं तो प्रधानमंत्री को आदिवासियों और जनजातियों के कल्याण की याद आ रही है।'
खरगे ने केंद्र सरकार से पूछे तीन सवाल
उन्होंने कहा, 'हम मोदी सरकार से तीन सवाल पूछना चाहते हैं। 2013 की तुलना में आदिवासियों के खिलाफ 48.15 फीसदी अपराध क्यों बढ़ गए? भाजपा की डबल इंजन सरकारें वन अधिकार अधिनियम, 2006 को लागू करने में पूरी तरह से विफल क्यों रही? मोदी सरकार के आदिवासी मामलों के मंत्रालय, खासतौर से कमजोर जनजातीय समूहों के लिए विकास योजनाओं के बजट में लगातार गिरावट क्यों आई? उन्होंने कहा, यह बजट साल 2018-19 में 250 करोड़ रुपये था और 2023 में घटकर 6.48 करोड़ रुपये रह गया है।
'चुनावी मौसम में आदिवासी समाज से की जा रही ठगी'
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने आरोप लगाया कि सरकार असफल योजनाओं का नाम बदलकर चुनावी मौसम में आदिवासी समुदाय को ठगने की कोशिश कर रही है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी जल, जंगल, जमीन और आदिवासियों की सभ्यता को बचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आदिवासी समाज के अधिकारों की लड़ाई लड़ती रहेगी।